शहबाज शरीफ ने किया अगले महीने सरकार छोड़ने का ऐलान, पाकिस्तान को मिलेगा नया केयरटेकर प्रधानमंत्री
Shehbaz Sharif News: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को देश को आश्वासन दिया है, कि उनकी सरकार आम चुनावों के माध्यम से नेतृत्व करने के लिए अगस्त में सरकार की बागडोर एक अंतरिम व्यवस्था को सौंप देगी।
टीवी पर राष्ट्र के नाम संबोधन में शहबाज शरीफ ने इस्तीफा देने की घोषणा की है और वो अगस्त में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगें और उसके बाद पाकिस्तान में चुनाव होने और नया प्रधानमंत्री बनने तक केयरटेकर प्रधानमंत्री ही देश की व्यवस्था को संभालेगा। शहबाज शरीफ ने ये भी कहा, कि उनकी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा पाकिस्तान के हितों के रास्ते में फैलाई गई "बारूदी सुरंगों" को साफ कर दिया है।

शहबाज शरीफ देंगे इस्तीफा
इससे एक दिन पहले पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में एक समारोह में कहा था, कि अंतरिम सरकार और चुनाव का मार्ग प्रशस्त करने के लिए संसद 14 अगस्त को अपना कार्यकाल पूरा करेगी।
पिछले साल अप्रैल में शपथ लेने वाले शरीफ ने कहा था, कि उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में देश चलाने की "पवित्र जिम्मेदारी" दी गई है और उन्होंने कहा, कि "हम अगस्त 2023 में कार्यवाहक सरकार को यह जिम्मेदारी सौंप देंगे।"
कैसे चुना जाता है केयरटेकर प्रधानमंत्री?
पाकिस्तान के संविधान के तहत, आम चुनाव एक तटस्थ कार्यवाहक सरकार की देखरेख में होने चाहिए, ताकि सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर उपलब्ध हो और चुनाव में किसी तरह की धांधली ना हो पाए।
कार्यवाहक प्रधान मंत्री की नियुक्ति निवर्तमान प्रधान मंत्री और नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता के बीच समझौते से की जाती है।
यदि वे किसी नाम पर सहमत होने में नाकाम रहते हैं, तो प्रधान मंत्री और विपक्ष के नेता एक निश्चित समय अवधि के भीतर एक नाम पर सहमति बनाने के लिए, कुछ नामों का चयन कर उनके नाम एक द्विदलीय समिति को भेजते हैं।
यदि समिति भी विफल हो जाती है, तो वही नाम पाकिस्तान के चुनाव आयोग को भेजे जाते हैं, जो उनमें से एक को प्रधान मंत्री नियुक्त करता है।
कार्यवाहक प्रधान मंत्री देश के मामलों को चलाने के लिए एक मंत्रिमंडल की नियुक्ति करता है, और चुनाव के बाद नए प्रधान मंत्री के शपथ लेते ही उसका कार्यकाल समाप्त हो जाता है।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है, कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री कौन होगा लेकिन राजनीतिक दल सर्वसम्मति से किसी को नियुक्त करने के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं।
शरीफ ने अपने संबोधन में कहा, कि उनकी सरकार ने 15 महीने की छोटी अवधि में उस चीज को साफ करने की कोशिश की, जिसे इमरान खान ने खतरनाक बना दिया था। उन्होंने कहा, कि इमरान खान के फैलाए 'विनाश के मलबे' को उनकी सरकार ने साफ करने का काम किया है।
पिछले अप्रैल में हटाए गये थे शहबाज
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान को पिछले साल अप्रैल में सत्ता से बाहर कर दिया गया था, जब नेशनल असेंबली ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया था।
शहबाज शरीफ ने कहा, कि "हमने पाकिस्तान के हितों के रास्ते में फैली बारूदी सुरंगों को साफ किया है।"
शहबाज ने आगे कहा, कि पूर्व सरकार के कुप्रबंधन, अकुशलता और साजिश की आग को बुझाने में सरकार सफल रही है।
उन्होंने कहा, "यह डेढ़ साल की संक्षिप्त अवधि निराशा के अंधेरे से आशा की रोशनी तक की यात्रा थी... यह सब कुछ खोने के बाद कुछ हासिल करने की शुरुआत थी... यह अराजकता और अराजकता से विकास की ओर लौटने की यात्रा थी।"
आपको बता दें, कि पाकिस्तान में अक्टूबर महीने तक चुनाव हो जाने चाहिए, क्योंकि सरकार का कार्यकाल अक्टूबर में खत्म हो रहा है। उससे पहले इमरान खान की पार्टी को करीब करीब खत्म कर दिया गया है और शहबाज शरीफ और बिलावल भुट्टो की पार्टी मिलकर चुनाव लड़ेगी, लिहाजा फिर से इस गठबंधन का जीतना तय माना जा रहा है।












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