इमरान खान की राजनीति पर आखिरी वार, शहबाज सरकार ने रातों-रात कानून को बनाया खतरनाक, खत्म होगा नामोनिशान?
Imran Khan News: पाकिस्तान की सेना ने शहबाज शरीफ के साथ मिलकर इमरान खान की राजनीति को खत्म करने के लिए आखिरी वार कर दिया है। भ्रष्टाचार के एक मामले में मंगलवार को देश की शीर्ष भ्रष्टाचार विरोधी जांच एजेंसी NAB के सामने इमरान खान की पेशी से पहले, रातों रात शहबाज शरीफ की सरकार ने कानून ही बदल दिया।
इमरान खान आज NAB के सामने पेश होने वाले हैं और उनकी पेशी से ठीक पहले शहबाज शरीफ की सरकार ने NAB के कानून को खतरनाक बना दिया और उसमें रातोरात बदलाव कर दिए गये। माना जा रहा है, कि इमरान खान को नापने के लिए ऐसा किया गया है और अब NAB की गिरफ्त में इमरान खान को फंसने से कोई नहीं बचा सकता है।

रातोंरात बदल दिए कानून
पाकिस्तीनी सीनेट के अध्यक्ष सादिक संजरानी, जो तीर्थयात्रा पर गए राष्ट्रपति आरिफ अल्वी की अनुपस्थिति में कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं, उन्होंने राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) को किसी आरोपी को 30 दिनों तक अपनी कस्टडी में रखने का अधिकार दे दिया है।
शहबाज सरकार ने अचानक से ऑर्डिनेंस पास करते हुए किसी आरोपी को NAB की कस्टडी में रखने की अवधि को बढ़ाकर 30 दिनों का कर दिया है। वहीं, NAB कोर्ट को भी शहबाज सरकार ने अधिकार दे दिया है, कि वो किसी आरोपी को 30 दिनों तक के लिए कस्टडी में भेजने का आदेश दे सकती है। कार्यवाहक राष्ट्रपति ने शहबाज सरकार के आर्डिनेंस पर दस्तखत कर दिए हैं।
यह अध्यादेश प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सलाह पर जारी किया गया था और इमरान खान की NAB के सामने पेशी से ठीक पहले इस अध्यादेश को कानून बना दिया गया है। यानि, अब NAB कोर्ट, इमरान खान को 30 दिनों की कस्टडी में भेज सकती है। ये बदलाव आधी रात के आसपास और इमरान खान के एनएबी के सामने पेश होने से कुछ घंटे पहले किए गए हैं।
इमरान खान की होने वाली है पेशी
70 साल के इमरान खान अपनी पत्नी बुशरा बीबी के साथ लाहौर से इस्लामाबाद के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां उन्हें NAB के सामने पेश होना है। उनके खिलाफ अल-कादिर ट्रस्ट मामले में भ्रष्टाचार के आरोप हैं और उनकी मीडिया टीम ने पुष्टि की है, कि वो पेशी के लिए निकल चुके हैं।
अल-कादिर ट्रस्ट मामले में आरोप है, कि पीटीआई प्रमुख और उनकी पत्नी ने 50 अरब रुपये को वैध बनाने के लिए एक रियल एस्टेट फर्म से अरबों रुपये और जमीन प्राप्त की, जिसे इमरान खान के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान, ब्रिटेन ने पहचान की थी और पाकिस्तान को वापस कर दिया था। लेकिन, ब्रिटिश सरकार ने इमरान खान की सरकार को भ्रष्टाचार का जो पैसा वापस किया था, उसे इमरान खान ने सरकारी खजाने में जमा नहीं करके, उसे अवैध तरीके से वैध बनाने की कोशिश की और उसी शख्स के साथ मिलकर एक विश्वविद्यालय खोला, जिसने अवैध तरीके से 50 अरब रुपये का भ्रष्टाचार कर, उसे पैसों को ब्रिटेन में रखा था।
अल-कादिर ट्रस्ट मामला कम से कम 50 अरब रुपये के भ्रष्टाचार का है। वहीं, इमरान खान ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और सरकार पर राजनीतिक कारणों से उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
दिलचस्प बात यह है, कि शहबाज शरीफ की सरकार ने ही पहले एनएबी कानून में बदलाव कर रिमांड अवधि को मूल 90 दिनों से घटाकर 14 दिन कर दिया था। लेकिन इसने रिमांड अवधि को फिर से बढ़ाकर 30 दिन कर दिया है।
पाकिस्तान में एनएबी कानून काफी विवादास्पद रहा है और सरकारों ने विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए इस कानून का बेरहमी से इस्तेमाल किया है। जब इमरान खान प्रधान मंत्री थे, तब उन्होंने शहबाज शरीफ समेत वर्तमान सरकार के कई कैबिनेट सदस्यों को भ्रष्टाचार के आरोप में कई महीनों तक एनएबी की हिरासत में रखा था, लेकिन अब तवे पर रोटी पलट चुकी है और अब बारी शहबाज शरीफ की है और निशाने पर इमरान खान हैं।












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