SCO Summit: पीएम मोदी ने आतंकवाद पर सुनाया, तो बौखलाया पाकिस्तान... जानिए शहबाज शरीफ ने क्या कहा
SCO Summit India Vs Pakistan: नई दिल्ली में एससीओ शिखर सम्मलेन के दौरान भारत ने पाकिस्तान और चीन को आतंकवाद पर जमकर सुनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शहबाज शरीफ के सामने पाकिस्तान को फौरन सीमा पार आतंकवाद रोकने के लिए कहा, जिसके बाद पाकिस्तान की तरफ से बौखलाहट भी प्रतिक्रिया दी गई है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को आतंकवाद पर भारत के कड़े रूख के बाद एससीओ समिट के दौरान कहा, कि भारत को कूटनीति फायदे के लिए आतंकवाद का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। शहबाज शरीफ ने कहा, कि आतंकवादी गतिविधियां क्षेत्र में शांति के लिए एक गंभीर बाधा बनी हुई हैं।

आतंकवाद पर भारत बनाम पाकिस्तान
प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान साफ शब्दों में कहा, कि "आतंकवाद क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए खतरा है। हमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ना होगा... कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को अपनी नीतियों के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकवादियों को आश्रय देते हैं। एससीओ को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए। एससीओ देशों को इसकी निंदा करनी चाहिए। आतंकवाद पर कोई दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए।
हालांकि, भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में किसी भी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका निशाना सटीक जगह पर लगा और पाकिस्तान की बौखलाहट भरी प्रतिक्रिया सामने आ गई।
संबोधन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, कि एससीओ सदस्यों का क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में साझा हित है, जो दुनिया में कहीं भी आर्थिक विकास के लिए एक पूर्व शर्त है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आगे कहा, कि "आतंकवाद और उग्रवाद के सिरफिरे राक्षस से, चाहे वह व्यक्तियों, समाजों या राज्यों द्वारा किया गया हो, पूरी ताकत और दृढ़ विश्वास के साथ लड़ा जाना चाहिए।"
आपको बता दें, कि मोदी सरकार ने आतंकवाद पर काफी सख्त रूख अपना रखा है और भारत ने साफ कर रखा है, कि जब तक पाकिस्तान आतंकवादियों और क्रास बॉर्डर टेरेरिज्म को खत्म नहीं करता है, तब तक भारत उससे बात नहीं करेगा। पिछले दिनों पीएम मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान भी भारत और अमेरिका के ज्वाइंट स्टेटमेंट में पाकिस्तान को कहा गया था, कि वो भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवादियों को भेजना फौरन बंद करे। लिहाजा, आतंकवाद पर पाकिस्तान चौतरफा घिरा हुआ है।
आतंकवाद पर मुंह छिपाता पाकिस्तान
पाकिस्तान का लंबे अर्से से आतंकवाद पर आधिकारिक स्टैंड यही रहा है, कि 'भारत आतंकवाद को डिप्लोमेटिक लक्ष्य हासिल करने के लिए इस्तेमाल कर रहा है।'
भारत ने दुनिया के हर एक प्लेटफॉर्म पर पाकिस्तानी आतंकवाद का मुद्दा उठाया है, लिहाजा पाकिस्तान अपना मुंह बचाता फिरता है। दूसरी तरफ पाकिस्तानी आतंकवादियों को संयुक्त राष्ट्र में चीन बचाता है, और एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी आतंकियों को बचाने के लिए चीन को भी दो टूक सुनाई है। भारतीय पीएम ने कहा है, कि 'कुछ देश की नीतियों में आतंकवादियों को बचाना है और ऐसे देशों की नींदा करना चाहिए।' भारत का ये इशारा साफ तौर पर चीन की तरफ था, जिसने कई पाकिस्तानी आतंकियों को बचाने का काम किया है।
शहबाज शरीफ ने एससीओ शिखर सम्मेलन में कहा, कि "राजनयिक प्वाइंट-स्कोरिंग के लिए (आतंकवाद) का उपयोग करने के किसी भी प्रलोभन से सभी परिस्थितियों में बचा जाना चाहिए। आतंकवाद, राज्य आतंकवाद सहित अपने सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में, स्पष्ट शब्दों में निंदा की जानी चाहिए।" शहबाज शरीफ ने कहा, कि निर्दोष लोगों की हत्या का कोई औचित्य नहीं हो सकता, चाहे कारण या बहाना कुछ भी हो।
शहबाज शरीफ ने कहा, कि पाकिस्तान ने आतंकवाद से लड़ने के लिए कई बलिदान दिए हैं और आतंकवाद का खतरा इस क्षेत्र में व्याप्त है, जो शांति प्राप्त करने में एक बड़ी बाधा है।












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