प्रिंस सलमान ने दी थी अमेरिका को धमकी, रिपोर्ट में दावा, चीन से हथियार खरीदना चाहता है सऊदी अरब
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि अगर तेल उत्पादन में कटौती करने पर सऊदी अरब से किसी भी तरह का बदला लिया गया तो वो इसका बदला लेंगे।
जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिका और सऊदी अरब के संबंध बद से बदतर होते जा रहे हैं। इस बीच एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सऊदी क्राउन प्रिंस ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।
वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि अगर तेल उत्पादन में कटौती को लेकर सऊदी अरब के खिलाफ कोई एक्शन लिया गया तो इसके बदले उन्हें गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पिछले साल अक्टूबर में तेल उत्पादन में कटौती के बाद सऊदी अरब को चेतावनी दी थी कि अगर उसने कच्चे तेल के दाम बढ़ाने के लिए उत्पादन में कटौती की तो उसे इसका अंजाम भुगतना होगा।
'वॉशिंटन पोस्ट' ने एक गोपनीय दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा कि क्राउन प्रिंस की ओर से अमेरिका को ये धमकी उसी दौरान दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक एमबीडी ने कहा कि वह अमेरिका से संबंध तोड़ लेंगे।
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक एक अन्य लीक हुए दस्तावेज से यह भी पता चला है कि सऊदी अरब अपने अन्य देशों संग अपने संबंधों का विस्तार करने की योजना बना रहा है।
इस खुफिया दस्तावेज में बताया गया है कि सऊदी अरब, बीजिंग से ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइलें और मार्स सर्विलांस सिस्टम खरीदना चाहता है। वाशिंगटन पोस्ट ने खुलासा किया कि क्लासिफाइड डॉक्यूमेंट एयर नेशनल गार्ड्समैन जैक टेइसीरा से जुड़े हैं, जिसने इस साल की शुरुआत में कथित तौर पर पेंटागन की जानकारी लीक की थी।
आपको बता दें कि बीते साल रूस-यूक्रेन जंग के बीच दुनिया में तेल की कीमतें बेहद कम हो गई थीं। घटती कमाई देखकर सऊदी अरब ने तेल उत्पादन में कटौती करनी शुरू कर दी जिससे की तेल के दाम को उसके पुराने स्तर पर लाया जा सके।
सऊदी अरब के इस एलान से अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भड़क गए। आपको बता दें कि ये वहीं वक्त था जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने वाले थे। जो बाइडेन को लगा कि इस बढ़ती महंगाई से उनके वोटों पर असर पड़ सकता है।
इसके बाद बाइडेन ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि सऊदी को इस हरकत का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। हालांकि, बाइडेन प्रशासन ने किया कुछ नहीं था। जो बाइडेन अभी भी अमेरिका में महंगाई को काबू करने की कोशिश में लगे हैं, ताकि 2024 चुनाव की राह आसान बन सके।
ऐसा माना जा रहा है कि सऊदी अरब को अमेरिकी धमकी का कोई असर नहीं हुआ। सऊदी अरब ने हाल ही में जुलाई से शुरू होने वाले तेल उत्पादन में प्रति दिन 1 मिलियन बैरल की और कटौती करने का संकल्प लिया है।












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