यूरोप के दौरे पर भारत के विदेश मंत्री जयशंकर, नीदरलैंड में रणनीतिक विशेषज्ञों से की मुलाकात
S Jaishankar Netherlands Visit: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर नीदरलैंड के दौरे पर हैं। उन्होंने सोमवार (19 मई) को नीदरलैंड की राजधानी हेग में रणनीतिक विशेषज्ञों के साथ मुलाक़ात की और बहुध्रुवीयता (multi-polarity) एवं रणनीतिक स्वायत्तता (strategic autonomy) के युग में भारत-नीदरलैंड और भारत-यूरोपीय संघ (EU) संबंधों को और अधिक गहराई देने की आवश्यकता पर चर्चा की।

जयशंकर ने तस्वीरें शेयर की
मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि,हेग में आज सुबह रणनीतिक विशेषज्ञों के साथ सार्थक विचार-विमर्श हुआ। बहुध्रुवीयता और रणनीतिक स्वायत्तता के युग में भारत और नीदरलैंड/ईयू के बीच गहरे जुड़ाव की आवश्यकता पर चर्चा की।'
तीन देशों की यात्रा पर हैं जयशंकर
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, जयशंकर 19 से 24 मई तक नीदरलैंड, डेनमार्क और जर्मनी की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान वे तीनों देशों के नेताओं से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही, वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी जो दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
जयशंकर का ये दौरा क्यों है खास?
जयशंकर की यह जर्मनी यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब फ्रेडरिक मर्ज़ ने हाल ही में जर्मनी के नए संघीय चांसलर (Federal Chancellor) के रूप में पदभार संभाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रेडरिक मर्ज़ को बधाई देते हुए भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा जताई है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के प्रति एकजुटता दिखाने वाले देशों में नीदरलैंड, जर्मनी और डेनमार्क शामिल रहे। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने इस हमले की निंदा करते हुए भारत को समर्थन देने की बात कही और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।
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इन तीनों देशों से भारत के सदियों पुराने संबंध
भारत के इन तीनों देशों से सदियों पुराने, गर्मजोशी और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। भारत-डेनमार्क संबंध ऐतिहासिक जुड़ाव, लोकतांत्रिक मूल्यों और क्षेत्रीय व वैश्विक शांति की साझा प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। इन संबंधों को वर्तमान में "ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप" के तहत नई दिशा दी जा रही है। भारत और नीदरलैंड के बीच 75 वर्ष से अधिक पुराने राजनयिक संबंध हैं। दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और वाणिज्यिक संबंध मजबूत हैं। उच्च स्तरीय आपसी यात्राओं ने इस बहुआयामी साझेदारी को और गति दी है।
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