S Jaishankar: 'डिजिटल युग में लागत नहीं, भरोसा महत्वपूर्ण', रायसीना डायलॉग में क्या बोलें विदेश मंत्री?
S Jaishankar: रायसीना डायलॉग के तीसरे दिन विदेश मंत्री एस जयशंकर ने व्यापार के बदलते परिदृश्यों पर चर्चा की और कहा कि इस डिजिटल युग में लोग राष्ट्रीय सुरक्षा को पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बदलाव का मतलब दूरसंचार और अन्य प्रौद्योगिकियों को वैकल्पिक प्रणाली बनाना नहीं है,बल्कि उन अन्य लोगों के साथ बनाए रखना है जो भारत के समान लक्ष्य साझा करते हैं।

S Jaishankar: 'डिजिटल युग में राष्ट्रीय सुरक्षा जरुरी': एस.जयशंकर
एस जयशंकर ने नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग को संबोधित करते हुए कहा, "हथियारों से निपटने के अलग-अलग तरीके हैं। एक है हथियार के दाहिने तरफ खड़े होकर खुद को सुरक्षित रखना, दूसरा है वहां खड़ा होना जहां आपके उपर वार होगा। हालांकि, इस डिजिटल युग में दुनिया राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यावसायिक निर्णय लेती है।
विदेश मंत्री ने ये सारी बातें डायलॉग के तीसरे दिन "कमिसार और पूंजीपति: राजनीति, व्यापार और नई विश्व व्यवस्था" विषय पर चर्चा के दौरान कहा। जयशंकर ने दूरसंचार, अंतर्राष्ट्रीय कूरियर और अन्य जैसे वैश्विक वस्तुओं के लिए वैकल्पिक निर्माण की संभावना को संदर्भित किया।
S Jaishankar: डिजिटल व्यापार पर क्या बोलें विदेश मंत्री?
विदेश मंत्री ने डिजिटल व्यापार पर भी अपना तर्क दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में मुझे लगता है कि सिर्फ लागत के बारे में नहीं है बल्कि सुविधा के बारे में बात होनी चाहिए क्योंकि यह भरोसे के बारे में है। यदि आप आज रणनीतिक स्तर पर गंभीर व्यापारिक बातचीत को देख रहे हैं, तो आप लचीलापन, विश्वसनीयता और पारदर्शिता को ध्यान में रखेंगे। इसलिए आप उन लोगों के साथ अधिक से अधिक व्यापार करना चाहते हैं जिनके साथ आप सुरक्षित हैं।
उनकी ये टिप्पणी एलन मस्क के स्टारलिंक इंटरनेट उपग्रह को भारत में लॉन्च करने के बीच आई है। हाल ही में इस सौदे पर समझौता हुआ था जिसमें स्टारलिंक ने जियो और भारती एयरटेल के साथ साझेदारी की थी।
जयशंकर ने कहा, "हर भागीदार कुछ जोखिम पेश करता है, लेकिन आप उन लोगों के साथ जोखिम लेना पसंद करेंगे जहाँ आपके हित विरोधाभासी नहीं हैं। भारत वर्तमान में अपने सबसे बड़े भागीदारों संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार संबंधों पर भी चर्चा कर रहा है।
एस.जयशंकर ने कहा कि देशों को एक तरह की मैक्रो बिजनेस रणनीति की आवश्यकता है और निश्चित रूप से जब आप भारत को देखते हैं और फिर जब दुनिया को देखते हैं, तो हम अभी यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और अब संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ 3 बड़ी व्यापार वार्ता में शामिल हैं, ये हमारे विकास बाजार हैं, ये हमारे प्रौद्योगिकी भागीदार हैं।
-
Asha Bhosle: कौन होगा आशा भोसले का उत्तराधिकारी? किसको मिलने वाली है अरबों की संपत्ति, दो नाम रेस में सबसे आगे -
Vrindavan: 'अब बोट वापस ले चलो', नाविक की एक गलती और छिन गईं 10 जिंदगियां, सामने आई हादसे की असली वजह -
Iran Vs America: शांति वार्ता में 'लात-घूंसे', तुर्किए मीडिया का दावा, क्यों भिड़े ईरानी मंत्री- ट्रंप के दूत -
MI vs RCB: विराट कोहली ने मुंबई में रच दिया इतिहास, दुनिया में पहली बार हुआ अनोखा कारनामा -
Asha Bhosle Last Post: 'मैं विलीन हो जाऊंगी', निधन से पहले ही आशा ताई ने लिख दिया था 'आखिरी सच' -
MI vs RCB: वानखेड़े में पसरा सन्नाटा, रोहित शर्मा लाइव मैच से बैटिंग छोड़ गए, आखिर क्या है कारण -
Asha Bhosle Net Worth: आशा भोसले कितनी छोड़ गईं प्रॉपर्टी? सिगिंग के अलावा कहां से करती थींं करोड़ों की कमाई -
Bihar Next CM: इन 5 नेताओं में से ही कोई एक बनेगा बिहार का नया मुख्यमंत्री! कौन हैं ये और क्या है इनकी जाति? -
Asha Bhosle Last Wish: अधूरी रह गई आशा भोसले की अंतिम इच्छा, पॉडकास्ट में बताया था क्या थी स्पेशल ख्वाहिश -
'मैं आखिरी जिंदा मुगल हूं', मंगेशकर परिवार में जन्मीं आशा भोसले ने कब और क्यों कही थी ये बात? -
Asha Bhosle का 92 साल की उम्र में हुआ निधन, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में दिग्गज सिंगर ने ली आखिरी सांस -
Asha Bhosle: 'बेइंतहा खूबसूरत', कौन हैं जनाई भोसले? क्रिकेटर सिराज से उड़ी थीं अफेयर की खबरें












Click it and Unblock the Notifications