व्लादिमीर पुतिन ने फिर से की जीभर PM मोदी की तारीफ.. भारत पर इतना प्यार क्यों लुटा रहे रूसी राष्ट्रपति?
Vladimir Putin Praises PM Modi: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा, कि भारत और रूस अपने संबंधों को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
पिछले एक साल में कई बार ऐसा हो चुका है, कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारतीय प्रधानमंत्री की तारीफ कर चुके हैं, लिहाजा सवाल उठ रहे हैं, कि आखिर रूसी राष्ट्रपति पश्चिमी देशों को क्या संदेश देना चाहते हैं, खासकर उस वक्त, जब अमेरिका के साथ भारत के साथ खालिस्तान विवाद की वजह से संबंधों में थोड़ी सी कड़वाहट आई है।

व्लादिमीर पुतिन ने कहा है, कि "तमाम दबाव के बावजूद, भारत और प्रधानमंत्री मोदी अपने राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए एक स्वतंत्र विदेश नीति का पालन कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, कि भारत और रूस भरोसेमंद साझेदार हैं और मजबूत नेतृत्व के कारण पश्चिम भारत के साथ राजनीतिक खेल नहीं खेल सकता।
इसके अलावा, रूसी राष्ट्रपति ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कामकाज की भी तारीफ की है और मोदी सरकार की मेक इन इंडिया नीति की भारी तारीफ की है।
"India has made huge steps in development under PM Modi.." says Russian President Putin; Lauds "Make in India program"
— Sidhant Sibal (@sidhant) January 26, 2024
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पीएम मोदी की बार बार तारीफ करते पुतिन
इससे पहले पिछले साल दिसंबर महीने में भी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने, किसी भी दबाव से "भयभीत" हुए बिना भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सख्त रुख की भारी प्रशंसा की थी और कहा था, कि उनके द्वारा अपनाई गई नीति, उत्तरोत्तर विकसित हो रहे द्विपक्षीय संबंधों की "मुख्य गारंटर" है।
रूसी नेता ने कहा था, कि वह "कल्पना नहीं कर सकते कि मोदी को कोई भी, किसी भी उन फैसले पर निर्णय लेने के लिए डराया, धमकाया या मजबूर किया जा सकता है, जो भारत और भारतीय लोगों के राष्ट्रीय हितों के विपरीत होगा"।
उन्होंने कहा था कि रूस और भारत के बीच सभी क्षेत्रों में संबंध विकसित हो रहे हैं।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा था, कि "प्रधानमंत्री मोदी जिस तरह से बिना किसी दबाव में आए अपने फैसलों पर अडिग रहते हैं, उन्हें देखकर मैं अकसर हैरान हो जाता हूं।"
आपको बता दें, कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत और रूस के बीच का द्विपक्षीय व्यापार काफी तेजी से बढ़ा है और अब भारत, रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाला देश बन चुका है। इसके अलावा, जब इस महीने की शुरूआत में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस की यात्रा की थी, तो व्लादिमीर पुतिन ने अपनी ही परंपरा को तोड़ते हुए उनसे मुलाकात की थी और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रूस आने का न्योता दिया था।












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