इजराइल-हमास युद्ध के बीच पुतिन ने किया 'कांड', नई पनडुब्बी 'इंपीरेटर अलेक्जेंडर-3' का किया सफल टेस्ट
जब से इजराइल और हमास के बीच जंग शुरू हुई है लोगों का ध्यान यूक्रेन-रूस युद्ध से हट चुका है। लेकिन इसी बीच रूस ने अचानक ही एक बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
रूसी सेना ने रविवार को एक नई परमाणु पनडुब्बी से परमाणु हथियार ले जाने के लिए डिज़ाइन की गई अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल 'इंपीरेटर अलेक्जेंडर-3' के सफल परीक्षण प्रक्षेपण की सूचना दी है।

यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब यूक्रेन में लड़ाई को लेकर रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बीते सप्ताह वैश्विक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध के रूस के अनुसमर्थन को रद्द करने वाले एक विधेयक पर हस्ताक्षर किया था।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार (2 नवंबर) को CTBT को रद्द करने वाले एक कानून पर हस्ताक्षर किया। गौरतलब है कि 1996 में अपनाई गई परीक्षण प्रतिबंध संधि दुनिया में कहीं भी परमाणु परीक्षण पर प्रतिबंध लगाती है, इस संधि में रूस भी शामिल था।
रूस की ओर से जारी बयान के मुताबिक यह मिसाइल रूस के उत्तरी तट के पास सफेद सागर में पानी के नीचे लॉन्च की गई। अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल ने रूस के सुदूर पूर्व में मौजूद कामचटका प्रयाद्वीप पर एक टार्गेट पर हमला किया।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'बैलिस्टिक मिसाइल दागना टेस्ट का अंतिम तत्व है, जिसके बाद क्रूजर को नौसेना में शामिल करने का निर्णय लिया जाएगा।' राष्ट्रपति पुतिन लगातार परमाणु ताकत को बढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि यह सब सुरक्षा से जुड़े खतरे का मुकाबला करने के लिए है।
हालांकि बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह परीक्षण कब हुआ। 'इंपीरेटर अलेक्जेंडर-3', नई बोरेई श्रेणी की परमाणु पनडुब्बियों में से एक है, जिसपर एक बार में 16 मिसाइलें तैनात की जा सकती हैं। यह आने वाले दशकों में देश की परमाणु ताकतों के मुख्य नौसैन्य घटक के रूप में काम कर सकती है।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रूसी नौसेना के पास वर्तमान में तीन बोरेई श्रेणी की पनडुब्बियां सेवारत हैं। इसके अलावा, एक पनडुब्बी का परीक्षण पूरा हो गया है और तीन अन्य निर्माणाधीन है।












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