शवों से पटा शहर, दर्जनों सामूहिक कब्रगाह, यातना गृह... बूचा शहर का विनाश देखकर रोए राष्ट्रपति जेलेंस्की
यूक्रेन की राजधानी कीव के उत्तर पश्चिम में बूचा शहर स्थिति है और रूसी सैनिकों के निकलने के बाद लोग कई दिनों के बाद इस शहर में पहुंचे हैं, जहां हर तरफ सिर्फ लाशें ही लाशें हैं।
कीव, अप्रैल 05: यूक्रेन की राजधानी के पास स्थिति बूचा शहर में रूसी सैनिकों की बर्बरता को जो भी देख रहा है, वो खौफ से भर जाता है। शहर में हर तरफ सिर्फ और सिर्फ तबाही है। हर दूसरे कदम पर इंसानों की लाशें लावारिश पड़ी हैं और लाशों की स्थिति भी ऐसी, कि वो बमबारी में नहीं मरें हैं, बल्कि उन्हें बकायदा टॉर्चर कर मारा गया है। दर्जनों कब्रगाह हैं, जिन्हें जल्दबाजी में खोदा गया है और फिर उसमें यूक्रेनी लोगों की लाशों को फेंक दिया गया।... ये रूसी सैनिकों की बर्बरता है और एक भारतीय होने के नाते हमने रूस से ऐसी उम्मीद कतई नहीं की थी, कि वो आम नागरिकों पर इस कदर बेरहमी करेगा।

रो पड़े राष्ट्रपति जेलेंस्की
बूचा शहर की ये हकीकत रूसी सैनिकों के बाहर निकलने के बाद सामने आ रही है और अब दुनियाभर के मानवाधिकार संगठन, पत्रकार और यूक्रेनी सरकार के अधिकारी बूचा शहर पहुंच रहे हैं, जिसपर पिछले कई दिनों से रूसी सैनिकों का कब्जा था। जब यूक्रेनी राष्ट्रपति शहर पहुंचे, तो वहां की स्थिति देखकर वो रो पड़े। कोई भी इंसान रो पड़ेगा। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, उनके लिए बात करना मुश्किल है। उन्होंने कहा, कि आप खुद देख सकते हैं, कि उन्होंने यहां पर क्या किया है।

कहां है बूचा शहर
यूक्रेन की राजधानी कीव के उत्तर पश्चिम में बूचा शहर स्थिति है और रूसी सैनिकों के निकलने के बाद लोग कई दिनों के बाद इस शहर में पहुंचे हैं, जहां हर तरफ सिर्फ लाशें ही लाशें हैं। ज्यादातर लाशों के हाथ बंधे हुए हैं और उन्हें काफी नजदीक से गोली मारी गई थी और उनके शव को सड़कों पर फेंक दिया गया था। शवों पर जख्म के गहरे निशान हैं, जिससे पता चलता है, कि उन्हें यातना दी गई होगी। वहीं, बूचा शहर में एक गहरा गड्ढ़ा मिला है, जिसमें 57 लोगों की लाशें मिली है। इसे एक तरह से सामूहिक कब्र बनाया गया था। ज़ेलेंस्की ने कहा कि, यूक्रेन के लिए रूस के साथ बातचीत करना कठिन हो गया है... क्योंकि कीव, यूक्रेन में रूसी सैनिकों द्वारा किए गए अत्याचारों को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है।

रूसी सैनिकों की बर्बरता
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इसे नरसंहार करार दिया है। उन्होंने कहा कि, 'ये युद्ध अपराध हैं और दुनिया इसे नरसंहार के रूप में मान्यता देगी"। उन्होंने कहा, 'जब आप देखते हैं कि उन्होंने यहां क्या किया है तो बात करना बहुत मुश्किल हो जाता है। रूसी संघ बैठक की प्रक्रिया को जितना लंबा खींचेगा, यह उनके लिए और इस स्थिति के लिए और इस युद्ध के लिए उतना ही बुरा होगा।' उन्होंने कहा कि, 'हम जानते हैं कि हजारों लोग मारे गए है और प्रताड़ित किए गए हैं, उनके शरीर के अंगो को काटा गया है, महिलाओं के साथ बलात्कार और बच्चों की हत्या की गई'। उन्होंने कहा कि कीव क्षेत्र के बुका और अन्य शहरों में 'मृत लोग बैरल, बेसमेंट, गला घोंटने, प्रताड़ित पाए गए हैं।'

बूचा शहर में क्या हुआ है?
यूक्रेन के अभियोजक-जनरल ने कहा कि, पिछले हफ्ते रूसी सैनिकों की वापसी के बाद कीव के आसपास के शहरों से 410 नागरिकों के शव अब तक बरामद किए गए हैं, जिनमें से कई हाथ बंधे हुए हैं उन्हें काफी करीब से गोली मारी गई थी। वहीं, शहर के महापौर और उनके परिवार के सभी सदस्यों के साथ कम से कम 20 लोगों को एक साथ मारकर एक सामूहिक कब्र बनाकर उसमें फेंक दिया गया था। ये सामूहिक कब्र बुचा शहर के पश्चिम में लगभग 20 मील की दूरी पर, मोत्ज़ीन शहर के पास वुडलैंड में मिली है, जहाँ एक और सामूहिक कब्र मिली है। ऑस्ट्रिया में यूक्रेन के पूर्व राजदूत अलेक्जेंडर शेरबा के अनुसार, गड्ढे में स्थानीय मेयर ओल्गा सुखेंको के शव हैं, जिन्हें उनके पति और बेटे के साथ दफनाया गया था।

वैश्विक नेताओं में गुस्सा
वहीं, यूक्रेन के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि, अभी तक बूचा में जो तस्वीरें सामने आई हैं, वो सिर्फ एक छोटा सा टुकड़ा है। अभी तो रूसी बर्बरता का पूरा पहाड़ बाकी है। बूचा की घटना को लेकर तमाम वैश्विक नेताओं में भारी गुस्सा है और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बूचा नरसंहार के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध अपराधी कहा है।

यूएनएचआरसी से निकालने की मांग
वहीं, अब रूस को यूनाइटेड नेशंस मानवाधिकार परिषद से भी बाहर निकालने की मांग की जा रही है। वहीं, अमेरिका ने बूचा नरसंहार के बाद रूस के खिलाफ कुछ और नये प्रतिबंधों का ऐलान कर दिया है। वहीं, अभियोजक जनरल के कार्यालय ने कहा कि यूक्रेनी पुलिस को बुका में बच्चों के अस्पताल के तहखाने में एक "यातना कक्ष" मिला है। एक टेलीग्राम पोस्ट में, कार्यालय ने कहा, "पुलिस ने वहां पांच लोगों के हाथ बंधे हुए शव पाए"। ऑफिस की तरफ से कहा गया है कि, "रूसी संघ के सशस्त्र बलों के सैन्य कर्मियों ने निहत्थे नागरिकों को प्रताड़ित किया और फिर उन्हें मार डाला।"

सोशल मीडिया पर भी गुस्सा
फेसबुक ऐप और इंस्टाग्राम ने सोमवार को रूस-यूक्रेन युद्ध में कीव के बाहर बुका हत्याओं के लिए हैशटैग को अनब्लॉक कर दिया है। हिंसक सामग्री को अवरुद्ध करने की अपनी स्वचालित प्रणाली के कारण सोशल मीडिया साइट ने हैशटैग को कुछ समय के लिए अवरुद्ध कर दिया था। मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा कि, स्वचालित सिस्टम जो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर हिंसक तस्वीरों को स्कैन करते हैं और उन्हें प्रकाशित करने से रोकते हैं, फिलहाल उस फीचर को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है। ताकि #bucha और #buchamassacre सहित हैशटैग चल सके। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि, "लोगों द्वारा इन हैशटैग का उपयोग करके पोस्ट की गई ग्राफिक सामग्री के कारण यह स्वचालित रूप से हुआ था। जब हमें कल इस मुद्दे से अवगत कराया गया, तो हमने हैशटैग को अनब्लॉक करने के लिए त्वरित कार्रवाई की।"

बूचा शहर के चश्मदीदों की खौफनाक कहानी
गवाहों ने पुतिन के सैनिकों द्वारा की गई यातना और बलात्कार के भयावह विवरण दिए हैं। यूक्रेनी सेना द्वारा जारी किए गए फुटेज में दिखाया गया है कि, बुका में रूसी सैनिकों द्वारा बैरकों के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली इमारत को 'यातना कक्ष' के तौर पर बनाया गया था, जहां नागरिकों को जानकारी नहीं देने पर मारा गया है। एक ऐसा शव मिला है, जिसे कम से कम एक घंटे तक कड़ी यातना देने के बाद उसके घुटनों में गोली मारी गई थी। बूचा शहर के कई नागरिकों ने कहा है कि, रूसी सैनिकों ने कई लोगों की हत्या करने के बाद उनके शवों को टैंक से कुचल दिया, जैसे वो कोई जानवर हों। वहीं, एक चश्मदीद ने बताया कि, उसके एक रिश्तेदार को पूरे परिवार के सामने गोली मार दी गई। वहीं, रूसी सैनिकों की बर्बरता को लेकर पूरी दुनिया में गुस्सा फूट रहा है और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि, 'जब तक न्याय नहीं मिल जाता, हम चैन से नहीं बैठेंगे।'
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