यूक्रेन युद्ध में उखड़ने लगे रूसी सेना के पैर, सात मोर्चों से हटी पीछे, कीव भी छोड़ा, हार रहे हैं पुतिन?

यूक्रेन युद्ध का आगाज करते हुए रूस ने दावा किया था, कि वो यूक्रेन में सैन्य अभियान शुरू कर रहा है और रूस का मकसद राष्ट्रपति जेलेंस्की को सत्ता से हटाकर उनकी जगह पर रूस समर्थक नेता को नया राष्ट्रपति बनाना था।

कीव/मॉस्को, अप्रैल 01: रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन में अपना 'सैन्य अभियान' शुरू किया था और आज एक अप्रैल है, जब रूसी सेना के पैर यूक्रेन की धरती से उखड़ने लगे हैं। पिछले 35 दिनों से चल रही लड़ाई में यूक्रेन भले बर्बाद हो गया हो, लेकिन उसकी सेना ने हथियार नहीं डाले और इस युद्ध में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की एक हीरो की तरफ उभरे हैं, जिन्होंने माथे पर मंडराते मौत के बावजूद राजधानी कीव नहीं छोड़ी। लेकिन, अब ऐसा लग रहा है, कि रूसी सेना के पैर उखड़ने लगे हैं और कम से कम 7 मोर्चों से रूसी सेना को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा है।

नाकामयाब हो गया रूस?

नाकामयाब हो गया रूस?

यूक्रेन युद्ध का आगाज करते हुए रूस ने दावा किया था, कि वो यूक्रेन में सैन्य अभियान शुरू कर रहा है और रूस का मकसद राष्ट्रपति जेलेंस्की को सत्ता से हटाकर उनकी जगह पर रूस समर्थक नेता को नया राष्ट्रपति बनाना था। रूस को लग रहा था, कि ज्यादा से ज्यादा तीन से चार दिनों के अंदर यूक्रेन पर कब्जा हो जाएगा और इसी इरादे के साथ राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेनी सैनिकों को आत्मसमर्पण करने और जान बचाकर अपने अपने घर लौट जाने की धमकी दी थी। लेकिन, यूक्रेन की सेना डट गई। रूस ने भीषण हमले किए। कई शहरों को जमींदोज कर दिया... कई इलाके तबाह हो गये, सैकड़ों लोग मारे गये... लेकिन, यूक्रेन डटा रहा...खड़ा रहा। और अब एक महीने के बाद रूस का कीव पर कब्जा करने का प्लान फेल हो चुका है। रूस की सेना राजधानी कीव से वापस लौट रही है।

अब सिर्फ डोनबास पर फोकस

अब सिर्फ डोनबास पर फोकस

युद्ध के एक महीने पूरे होने के बाद रूसी सेना के एक शीर्ष अधिकारी सर्गेई रूडोस्की ने कहा था कि, यूक्रेन में सैन्य अभियान का पहला फेज पूरा हो चुका है और रूस का मुख्य फोकस अब सिर्फ डोनबास क्षेत्र पर है। आपको बता दें कि, डोनबास वो इलाका है, जहां रूस समर्थिक लोग रहते हैं और इस क्षेत्र के दो अलग अलग इलाके डोनेत्सक और लोहांस्क को रूस ने अलग अलग स्वतंत्र राज्य का दर्जा दे दिया है। रूस ने कहा कि, अब उसका प्लान डोनबास की आजादी की तरफ है। लेकिन, सवाल ये है, कि आखिर रूस ने अपना प्लान एक महीने बाद जाकर क्यों बदला और अगर रूस का लक्ष्य सिर्फ डोनबास था, तो फिर रूस की सेना ने बाकी शहरों को क्यों तबाह और बर्बाद कर दिया? पेंटागन ने कहा है कि, रूस समझ गया, कि कीव पर कब्जा नामुमकिन है, इसीलिए वो पीछे हट चुका है।

सात मोर्चों पर नाकाम रूसी सेना?

सात मोर्चों पर नाकाम रूसी सेना?

इस बीच यूक्रेन ने दावा किया है कि, डोनबास के इलाकों में भी रूसी सैनिकों के पांव उखड़ रहे हैं और कम से कम सात इलाकों में मौजूद रूसी सैनिकों को पीछे खदेड़ दिया गया है। यक्रेन ने दावा किया है कि, रूस के कई हमलों को बुरी तरह से नाकाम कर दिया गया है और पिछले 24 घंटे में रूसी सेना के तीन टैंक, कई सैन्य वाहन और 2 तोपों को नष्ट कर दिया गया है। वहीं, यूक्रेन ने दावा किया है कि, 31 मार्च कर यूक्रेन युद्ध में कम से कम 17 हजार रूसी सैनिक मारे गये हैं और उसने अब तक रूस के 135 प्लेन, 614 टैंक और 300 से ज्यादा टैंकों को तबाह कर दिया है।

चेर्नोबिल से भी निकली रूसी सेना

चेर्नोबिल से भी निकली रूसी सेना

वहीं, यूक्रेन ने दावा किया है कि, चेर्नोबिल न्यूक्लियर पॉवर प्लांट पर एक बार फिर से यूक्रेनी सैनिकों का नियंत्रण स्थापित हो चुका है और विकिरण फैलने के बाद रूसी सैनिकों वहां से निकल गये हैं। यूक्रेन की राज्य बिजली कंपनी ने गुरुवार को कहा कि, कई रूसी सैनिक चेर्नोबिल में खतरनाक रेडिएशन की चपेट में आ गये हैं और फिर उन्हें हथियारों के साथ चेर्नोबिल से बाहर जाते हुए देखा गया। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि, देश के उत्तर और केंद्र से रूसी सैनिकों की वापसी सिर्फ एक सैन्य रणनीति है, और उन्होंने कहा कि, रूसी सैनिक दक्षिण-पूर्व में नए शक्तिशाली हमलों के लिए सेनाएं तैयार हो रही हैं। इस बीच युद्ध के पांच हफ्ते बीतने के बाद शांति वार्ता के लिए एक बार फिर से बैठक शुरू हो चुकी है।

मारियुपोल में मारे गये 5000 लोग

मारियुपोल में मारे गये 5000 लोग

वहीं, यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि, मारियुपोल में करीब 5,000 लोग मारे गए हैं, और लगभग 170,000 लोग बिना भोजन, गर्मी, बिजली या बहते पानी के खंडहरों में फंसे हुए हैं। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूसी सेना ने गोलाबारी और हवाई हमलों के दौरान 148 बच्चों को मार डाला, 1,370 मिसाइलें दागी और 15 यूक्रेनी हवाई अड्डों को नष्ट कर दिया गया।

रूसी तेल संयंत्र पर यूक्रेन का हमला?

रूसी तेल संयंत्र पर यूक्रेन का हमला?

रूस के एक क्षेत्रीय गवर्नर ने यूक्रेन पर रूसी शहर बेलगोरोड में एक ईंधन डिपो पर हमला करने का आरोप लगाया है, जो सीमा पार खार्किव के उत्तर में स्थित है। अधिकारी व्याचेस्लाव ग्लैडकोव ने कहा कि दो यूक्रेनी हेलीकॉप्टरों ने हमले को अंजाम दिया, जिससे तेल संयंत्र में आग लग गई। उन्होंने बताया कि दो लोगों को चोट आईं है। वहीं, रूस ने यूक्रेन के उत्तरी कीव क्षेत्र से अपने सैनिकों को निकालना शुरू कर दिया है और अब रूस के सैनिक वापस बेलारूस की तरफ बढ़ रहे हैं। कीव के गवर्नर ने इसकी पुष्टि की है। ऑलेक्ज़ेंडर पावल्युक ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, "हम विभिन्न मात्राओं के संयुक्त [रूसी] वाहन स्तंभों की आवाजाही देख रहे हैं" ।

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