बच्चों को जंग की आग में झोंक देंगे पुतिन! चलाएंगे खतरनाक हथियार, रूस देगा सोवियत काल वाली ट्रेनिंग
दरअसल, रूस जल्दीबाजी में बिना किसी प्रशिक्षण के अंधाधुंध लोगों की सेना में भर्ती करता जा रहा है। इसका नतीजा यह हुआ कि चंद दिनों पहले ही रूस को जंग के कई मोर्चों में भारी शिकस्त मिली।
रूस ने यूक्रेन जंग (Russia Ukraine conflict) में भारी संख्या में सैनिकों को खो दिया है। जंग जीतना देश के लिए बड़ी चिंता और आत्मसम्मान का विषय बन चुका है। इसको देखते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सैन्य लामबंदी के बाद अब पुराने युद्ध नीति पर काम कर रहे हैं। खबर के मुताबिक मास्को जल्द की सोवियत समय (Soviet Era) के बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग स्कूल (Basic Military Training School) को फिर से शुरू करने जा रहा है।

बच्चे को जंग की ट्रेनिंग
यूक्रेन जंग के बीच रूस अब अपने बच्चों को खतरनाक कलाशनिकोव हथियारों ( Kalashnikovs का कैसे इस्तेमाल करना है, इसके बारे में ट्रेनिंग देगा। इसके साथ ही जंग के समय प्राथिमिक चिकित्सा और रासायनिक और परमाणु हमलों का कैसे जवाब देना है इसके बारे में भी बताया जाएगा। ऐसा लग रहा है कि यूक्रेन जंग में मिल रही करारी हार के बीच वहां की सरकार और सैन्य अधिकारी कम्युनिस्ट कार्यक्रम को फिर से पुनर्जीवित कर रहे हैं।

पुतिन हताश हो गए हैं?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन को सबक सिखाने के लिए कई तरह के पैंतरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, उनके सभी पैंतरे जंग के मैदान में धवस्त होते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने किसी भी तरह पश्चिम समर्थित यूक्रेन को सबक सिखाने के लिए सैन्य लामबंदी की घोषणा की थी। इतना ही नहीं क्रेमिलिन ने जेल में बैठे खूंखार अपराधियों को युद्ध लड़ने के लिए बिना किसी ट्रेनिंग के ही भेज रहे हैं। खबर यह भी थी कि, रूस अब इतना ज्यादा हताश हो गया है कि वह अब एचआईवी पॉजिटिव और अन्य जानलेवा बीमारियों से ग्रसित मरीजों को भी जंग में हथियार उठाने के लिए कह रहे हैं।

सारे पैंतरे फेल हो रहे हैं
लगातार सैन्य असफलताओं के बीच रूसी रक्षा मंत्रालय ने वायु सेना के जनरल सर्गेई सुरोविकिन को यूक्रेन में लड़ रहे रूसी बलों का समग्र कमांडर बना दिया। फिर भी यूक्रेन जंग में जीत के सिग्नल मिलते नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। दरअसल, रूस जल्दीबाजी में बिना किसी प्रशिक्षण के अंधाधुंध लोगों की सेना में भर्ती करता जा रहा है। इसका नतीजा यह हुआ कि चंद दिनों पहले ही रूस को जंग के कई मोर्चों में भारी शिकस्त मिली। मॉस्को की सेना को खेरसॉन के रणनीतिक शहर से पीछे हटना पड़ा है। इसके साथ ही कीव बलों ने दक्षिणी यूक्रेन में 40 से अधिक शहरों, गांवों पर फिर से कब्जा कर लिया है।

यूक्रेन में रूस को भारी नुकसान
पिछले दिनों यूक्रेन ने दावा किया था कि उसने रूस के 50 से अधिक सैनिकों को मार डाला है। वहीं अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का दावा है कि, 24 फरवरी से लेकर अब तक एक लाख से अधिक रूसी सैनिक हताहत हुए हैं। सर्दियों का मौसम भी दस्तक दे रहा है ऐसे में युद्ध लड़ना और भी कठीन होने वाला है।

बच्चों के लिए सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम
इन सब बातों को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने खुलासा किया कि, रूस अगले साल सितंबर में बच्चों के लिए सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है। इस बेसिक ट्रेनिंग में बच्चों को ये सिखाया जाएगा कि कैसे किसी हथियार को एसेंबल किया जाता है। फर्स्ट ऐड कैसे दिया जाता है और न्यूक्लियर या केमिकल अटैक होने पर क्या करना चाहिए और कैसे रिस्पांस करना है। रूस ने क्रीमिया पर 2014 के आक्रमण के बाद प्रशिक्षण को फिर से शुरू करने की कोशिश की थी। लेकिन भर्ती की गुणवत्ता पर बहुत कम प्रभाव पड़ा।












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