रूस ने जापोरिज्जिया पर एक घंटे में 17 बार हमला किया, पुतिन की सनक से दिमागी बीमार बना यूक्रेन
रूस ने पिछसे साल 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला किया था और यूक्रेन युद्ध के करीब एक साल होने वाले हैं, लेकिन ये युद्ध किस अंजाम पर पहुंचेगा, अभी तक साफ नहीं हो पाया है।

Russia-Ukraine War: यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए अब एक साल का वक्त होने वाला है, लेकिन ये युद्ध अपने अंजाम पर अभी तक नहीं पहुंच पाया है। इस बीच यूक्रेन ने दावा किया है, कि रूस ने उसके जापोरिज्जिया पावर प्लांट पर एक घंटे में 17 बार भीषण हमले किए हैं और ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया है। यूक्रेन ने इससे पहले दावा किया था, कि युद्ध के शुरू होने के एक साल के मौके पर रूस भीषण हमले की प्लानिंग कर रहा है और अब रूस ने वो हमले शुरू कर दिए हैं।

जापोरिज्जिया में रूस के भीषण हमले
रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने शुक्रवार सुबह मिसाइलों के जरिए यूक्रेन के जापोरिज्जिया में ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। जापोरिज्जिया सिटी काउंसिल के सचिव अनातोली कुर्तिएव ने द कीव इंडिपेंडेंट से बात करते हुए हमले किए जाने की बात कही है। पिछले साल 24 फरवरी को शुरू हुए हमले के बाद ये पहला मौका है, जब रूस ने एक घंटे के अंदर यूक्रेन के जापोरिज्जिया पर इतने विध्वंसक हमले किए हैं। द कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, खार्किव के मेयर इहोर तेरेखोव ने कहा है, कि रूसी सेना ने आज सुबह 4:00 बजे (स्थानीय समय) से पहले खार्किव में महत्वपूर्ण जापोरिज्जिया बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया है।

भीषण हमले से कांपा यूक्रेन
यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा है, कि हमले की वजह से कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन किया जा रहा है और अभी तक खार्किव या जापोरिज्जिया में हताहतों के संबंध में कोई सूचना उपलब्ध नहीं है। आपको बता दें कि, Dnipro नदी के बाएं किनारे पर स्थित Zaporizhzhia परमाणु ऊर्जा संयंत्र (ZNPP) उत्पादन की संख्या के हिसाब से यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र है। पिछले साल फरवरी में यूक्रेन संघर्ष की शुरुआत के बाद, जापोरिज्जिया स्टेशन और आसपास का क्षेत्र रूसी सेना के नियंत्रण में चला गया और तब से कई बार भारी लड़ाई की जा चुकी है। वहीं, रूस और यूक्रेन ने इन हमलों के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है।

यूक्रेन में मेंटल हेल्थ संकट
वहीं, यूक्रेन के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है, कि यूक्रेन की एक चौथाई आबादी में गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट विकसित होने का खतरा है, क्योंकि देश पिछले एक साल के रूसी आक्रमण से जूझ रहा है। नशीली दवाओं की नीति पर पूर्वी और मध्य यूरोपीय और मध्य एशियाई आयोग के एक सदस्य मिशेल कज़ाचकिन ने कहा है, कि यूक्रेन में संघर्ष के कारण न केवल चिकित्सा आपूर्ति और कर्मियों की कमी हुई है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी एक बड़ा खतरा पैदा हो गया है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन का "अनुमान है कि इस समय, यूक्रेन में चार में से एक व्यक्ति को गंभीर मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों का खतरा है।" यूक्रेनी शहर निप्रो की हालिया यात्रा के बारे में बताते हुए, कज़ाचकिन ने कहा, कि उन्होंने दर्जनों सैन्य कर्मियों को डिप्रेशन और दिमागी बीमारी को लेकर अस्पतालों में भर्ती होते हुए देखा गया है।












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