भारत में बनी स्पुतनिक-V वैक्सीन का रूस में ट्रायल शुरू, 2021 में 30 करोड़ डोज बनाएगा भारत
नई दिल्ली। covid vaccine: दुनियाभर में कोरोना की कई वैक्सीन (coronavirus vaccine)पर ट्रायल चल रहे हैं। जहां कई देशों में कोरोना वैक्सीन का वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। तो वहीं कई जगहों पर मंजूरी मिलनी बाकी है। कोरोना वैक्सीन के उत्पादन में भारत का बड़ा रोल है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता देश है। इसी के चलते अब रूस(Russia) की कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक वी (Sputnik V) का उत्पादन भी भारत में होने वाला है। रूस में भारत में प्रोड्यूस की गई वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। रूस ने यह भी कहा है कि 2021 से भारत में हर साल करीब 30 करोड़ वैक्सीन की डोज का उत्पादन किया जाएगा।

2021 तक बननी है 30 करोड़ डोज
कोरोना वायरस की रूसी वैक्सीन स्पूतनिक भारत में तैयार की जा रही है। भारत 2021 में रूसी कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक V(Sputnik V) की 30 करोड़ डोज का उत्पादन करेगा। इसकी जानकारी रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) के प्रमुख किरिल दिमित्रिव(Kirill Dmitriev) ने दी है। रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) के प्रमुख किरिल दिमित्रिव(Kirill Dmitriev) ने कहा कि भारत 2021 में रूसी स्पुतनिक V कोरोना वायरस वैक्सीन की लगभग 30 करोड़ खुराक का उत्पादन करेगा।

भारत में बनी वैक्सीन का ट्रायल कर रहा है रूस
उन्होंने कहा कि इसके लिए हमने भारत के चार प्रमुख वैक्सीन निर्माता कंपनियों से संपर्क किया है। सीईओ के हवाले से कहा कि रूस अपनी स्पुतनिक वी वैक्सीन का भारत में पहले नमूनों का परीक्षण कर रहा है, जिसका कोरोना के खिलाफ इस्तेमाल किया जाएगा। स्पुतनिक-V वैक्सीन को लेकर कुछ वक्त पहले ही रिपोर्ट जारी की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि इसका सफलता रेट 91 फीसदी से अधिक है। ऐसे में जल्द ही वैक्सीन को दुनिया में इस्तेमाल की मंजूरी मिल सकती है।

भारत में करीब आठ कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है
स्पुतनिक-V बनाने वाली कंपनी गामलेया रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ने दावा किया है कि वैक्सीन ने कोरोना वायरस के गंभीर मामलों के खिलाफ 100 प्रतिशत प्रभावकारिता दिखाई है। भारतीय दवा कंपनी हेटरो और रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के बीच भारत में स्पुतनिक-V की डोज बनाने का करार हुआ है। इससे पहले भारत में डॉ. रेड्डी लैब के तहत इस वैक्सीन का ट्रायल किया गया। रूस भी भारत को दस करोड़ डोज सालाना देगा। भारत में करीब आठ कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है, इनमें से पांच विदेशी हैं।












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