तेजी से परमाणु युद्ध की तरफ बढ़ी दुनिया, रूस की चेतावनी, जेलेंस्की बोले, अब तैयार हो जाए पूरी दुनिया
रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि, ‘रूसी क्षेत्र में कीव राष्ट्रवादी शासन द्वारा किए गए किसी भी आतंकवादी हमले या तोड़फोड़ का भीषण जवाब दिया जाएगा।
कीव/मॉस्को, अप्रैल 16: काला सागर में अपने सबसे महत्वपूर्ण युद्धपोत के तबाह होने के बाद रूस बुरी तरह से बौखला गया है और अब रूस की सेना यूक्रेन में 'पागल हाथी' की तरह हमले कर रही है और रूसी सैनिकों के हाथ जो भी आ रहे हैं, उसे वो तबाह-ओ-बर्बाद कर रह हैं। वहीं, अब परमाणु युद्ध का खतरा तेजी से मंडराने लगा है और पेंटागन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने यूक्रेन के एक बड़े रॉकेट कारखाने को पूरी तरह से उड़ा दिया है।
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रूस का विध्वंसक बदला
एएफपी पत्रकार की आंखोंदेखी रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी सेना के रात भर के हमले में राजधानी कीव के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित विजार संयंत्र गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। रूस ने कहा कि उसने कारखाने को मारने के लिए समुद्र आधारित लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया था। यूक्रेन ने दावा किया था, कि उसने नेप्च्यून मिसाइल का इस्तेमाल कर रूस के वॉरशिप पर हमला किया था और उसे उड़ा दिया था, जिसके बाद रूसी सेना ने रॉकेट फैक्ट्री को बमों की बारिश में उड़ा दिया है। 47 साल के चश्मदीद आंद्रेई सिजोव ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि, ‘रॉकेट फैक्ट्री पर हमले हुए हैं।' रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों के बाद रूसी सैनिकों ने राजधानी कीव पर इतना बड़ा हमला किया है और एक हथियार फैक्ट्री को उड़ा दिया

जहाज तबाह होने से बौखलाया रूस
आपको बता दें कि, यूक्रेन की सेना ने जिस रूसी युद्धपोत को उड़ाने का दावा किया था, उसका नाम ‘मोस्कावा' था। हालांकि, रूस ने कहा था कि, टेक्निकल वजहों से उसके युद्धपोत में विस्फोट हुआ था, लेकिन, जिस तरीके से रूस प्रतिक्रिया दे रहा है, उससे साफ जाहिर हो रहा है, कि यूक्रेनी सेना ने ही काला सागर में रूसी जहाज को उड़ाया होगा। मॉस्को पिछले 7 हफ्तों से यूक्रेन में युद्ध लड़ रहा है और उसका ‘मोस्कावा' जहाज रूसी नौसेना का नेतृत्व कर रहा था। हालांकि, युद्धपोत बर्बाद होने के बाद भी उसमें तैनात 500 क्रू मेंबर्स को बचा लिया गया था। पेंटागन ने दावा किया था, कि युद्धपोत में सवार क्रू मेंबर्स को दूसरे रूसी जहाजों ने बचा लिया था, जबकि यूक्रेन ने दावा किया था, कि खराब मौसम ने उनके बचाव अभियान को काफी मुश्किल बना दिया था। आपको बता दें कि, इस युद्धपोत के जरिए रूस ने यूक्रेन के बंदरगाह वाले शहर मारियुपोल के समुद्री रास्ते को बंद कर रखा था और रूस बार बार मारियुपोल पर नियंत्रण होने का दावा कर रहा था।

परमाणु हमले का खतरा
राजधानी कीव के क्षेत्रीय गवर्नर ऑलेक्ज़ेंडर पावलियुक ने कहा कि, शुक्रवार को शहर में कम से कम दो अन्य रूसी हमले हुए हैं और कीव के वो नागरिक, जो फिलहाल शहर छोड़कर चले गये हैं, उन्हें शहर में वापस आने के लिए थोड़ा और इंतजार करना चाहिए। आपको बता दें कि, कुछ दिन पहले रूसी सेना ने राजधानी कीव की घेराबंदी खत्म कर दी थी और कीव के आसपास के इलाकों से लौटना शुरू कर दिया था और रूस ने कहा था कि, उसका मिशन अब सिर्फ पूर्वी यूक्रेन की तरफ सीमित रहेगा, लेकिन युद्धपोत तबाह होने के बाद रूस ने फिर से राजधानी को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

रूस ने कहा- आतंकवादी हमला
रूस के रक्षा मंत्रालय ने हालांकि, युद्धपोत का जिक्र नहीं किया, लेकिन रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि, ‘रूसी क्षेत्र में कीव राष्ट्रवादी शासन द्वारा किए गए किसी भी आतंकवादी हमले या तोड़फोड़ का भीषण जवाब दिया जाएगा और कीव में मिसाइल हमलों की बड़े पैमाने पर वृद्धि की जाएगी'। वहीं, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने शुक्रवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि, रूस अब हताश हो चुका है और अब वो परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है, क्योंकि रूसी आक्रमण अब लड़खड़ा चुका है। वहीं, अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स ने भी अब परमाणु हमले की आशंका जताई है और कहा कि, ‘वे ऐसा कर सकते हैं, मेरा मतलब है कि वे कर सकते हैं," ज़ेलेंस्की ने सीएनएन को बताया। "उनके लिए, लोगों का जीवन कुछ भी नहीं है।" अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने हालांकि कहा कि, रूसी राष्ट्रपति युद्ध पर निर्णायक बढ़त हासिल करने के लिए कम क्षमता वाले परमाणु हमले कर सकते हैं।

जेलेंस्की बोले- पूरी दुनिया हो चिंतित
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने भी पूरी दुनिया को परमाणु हमले की चेतावनी दी है औऱ कहा है कि, अब यूक्रेन पर आक्रमण के दौरान रूस सामरिक परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। जेलेंस्की ने दुनिया को आगाह करते हुए कहा कि, 'सिर्फ मैं ही नहीं, मुझे लगता है कि पूरी दुनिया, सभी देशों को चिंतित होना होगा, क्योंकि यह भले ही वास्तविक जानकारी नहीं हो सकती है, लेकिन यह सच हो सकती है। जेलेंस्की ने कहा कि, ‘हमें सोचना चाहिए, कि हमें डरना नहीं है, बल्कि तैयार रहना है। लेकिन, ये सिर्फ यूक्रेन के लिए नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए है और मुझे नहीं लगता, कि ये सिर्फ यूक्रेन का सवाल है'। सीएनएन से बात करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि, रूसी राष्ट्रपति ने सिर्फ 5 दिनों में युद्ध खत्म करने का सोचा था, लेकिन हम पिछले 50 दिनों से मुकाबला कर रहे हैं। वहीं, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अब रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की संभावनाओं को भी खारिज नहीं किया है।

रूस ने अमेरिका को दी धमकी
वहीं, अमेरिका ने यूक्रेन की मदद के लिए 800 मिलियन डॉलर के हथियार भेजने की घोषणा की है। जिसको लेकर रूस ने अमेरिका को ‘अप्रत्याशित परिणाम' भुगतने की चेतावनी दी है। अमेरिका ने 800 मिलियन डॉलर के हथियारों की इस श्रेणी में हेलीकॉप्टर, 155 मिमि हॉवित्जर लंबी दूरी तक मार करने वाले तोपखाने और स्विचब्लेड ड्रोन शामिल हैं। वहीं, रूस ने कहा है कि, नाटो रूस को खत्म करना चाहता है और अमेरिका लगातार दूसरी देशों पर रूस के साथ सैन्य और तकनीकी सहयोग बंद करने के लिए प्रेशर बना रहा है।

अमेरिका का डबल गेम?
वहीं, रूस ने ये भी आरोप लगाए हैं, कि अमेरिका और नाटो देश यूक्रेन पर बातचीत से बाहर निकलने और रक्तपात जारी रखने को लेकर प्रेशर बना रहे हैं। रूस की तरफ से एक नोट जारी करते हुए चेतावनी दी गई है, कि ‘हम अमेरिका और उसके सहयोगियों से यूक्रेन के गैर जिम्मेदार सैन्यीकरण को रोकने का आह्वान करते हैं, जिसका क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अप्रत्याशित परणाम हैं'। वहीं, कई देशों का कहना है, कि अमेरिका ही नहीं चाहता है, कि ये युद्ध खत्म हो, क्योंकि, इससे एक तरह अमेरिका को नये नये हथियार खरीददार देश मिल रहे हैं, तो दूसरी तरफ उसका सबसे बड़ा दुश्मन रूस भी खत्म हो रहा है।












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