चीन के साथ मिलकर रूस ने किया नया वर्ल्ड ऑर्डर बनाने का ऐलान, पुतिन के प्लान से भारत गायब?
Vladimir Putin in China: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बुधवार को राजधानी बीजिंग में बीआरई कार्यक्रम के ग्लोबल सम्मेलन में मंच पर उपस्थित होकर चीन के साथ अपने रूस के गहरे जुड़ाव का जिक्र किया, जहां चीनी नेता शी जिनपिंग ने एक नए ग्लोबल ऑर्डर को बनाने का चीनी नजरिया रखा था।
बेल्ट एंड रोड फोरम के उद्घाटन समारोह से पहले एक भाषण में, रूरी राष्ट्रपति पुतिन ने शी जिनपिंग की प्रमुख विदेश नीति पहल की सराहना करते हुए बीआरई को "एक निष्पक्ष, मल्टी-पोलर दुनिया बनाने का लक्ष्य" बताया। लिहाजा, सवाल ये उठने लगे हैं, कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने से ठीक पहले भी चीन का दौरा करने वाले व्लादिमीर पुतिन के सपनों की जो दुनिया है, उसमें भारत कहां है? और क्या पुतिन के नये वर्ल्ड ऑर्डर प्लान में भारत कहीं नहीं है?

दुनिया में बने आधुनिक हालातों ने रूस को कमजोर कर दिया है और पश्चिमी प्रतिबंधों में फंसे रूस के लिए चीन के अलावा कोई दोस्त बचा नहीं है। चीन और रूस, दोनों जगहों पर तानाशाह सरकार है, जिन्हें ये दोनों सत्तावादी नेता आगे बढ़ा रहे हैं। पुतिन और शी जिनपिंग, दोनों ने अपने-अपने देशों में संविधान परिवर्तन कर दिए हैं और मरते दम कर देश की सत्ता अपने हाथों में रखने की व्यवस्था कर ली है।
लिहाजा, एक ऐसी दुनिया की कल्पना, जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था की बात हो, पुतिन और शी जिनपिंग को वो दुनिया नहीं चाहिए, लिहाजा चीन और रूस, दोनों नये वर्ल्ड ऑर्डर की बात कर रहे हैं, जहां अमेरिकी दखल लेशमात्र भी ना हो।
चीन में चल रहा है बीआरआई कार्यक्रम
बीजिंग पहुंचे व्लादिमीर पुतिन ने शी जिनपिंग से मुलाकात की, जिन्होंने बेल्ट एंड रोड पहल की 10 वीं वर्षगांठ के मौके पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया है, जिसमें दो दर्जन वैश्विक नेताओं और सौ से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल भाग रहे हैं।
आपको बता दें, कि बेल्ट एंड रोड पहल, चीन की बुनियादी ढांचा परियोजना है, जिसके जरिए चीन ने छोटे देशों को बेतहाशा ऋण बांटे हैं और इसके जरिए वो वैश्विक राजनीति को कंट्रोल करना चाहता है।
कार्यक्रम के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीआरई पहल को दुनिया के लिए एक वैकल्पिक विकास मॉडल बताया। बीजिंग के विशालकाय, ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है और ये कार्यक्रम उस वक्त हो रहा है, जब मिडिल ईस्ट पर युद्ध की आग में झुलसने की आशंका है।
चीन और रूस, दोनों ने बढ़ते संघर्ष में युद्धविराम का आह्वान किया है और हमास की स्पष्ट रूप से निंदा करने से इनकार कर दिया है, और चीन और रूस का ये कदम, इजराइल को मिल रहे पश्चिमी देशों के समर्थन के विपरीत है।
बीजिंग में बेल्ट एंड रोड फोरम में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी तत्काल मानवीय युद्धविराम का आह्वान किया।

शी जिनपिंग ने अपने भाषण में इजराइल-गाजा संघर्ष को संबोधित नहीं किया, लेकिन उन्होंने वैश्विक शक्ति और नेतृत्व में स्पष्ट बदलाव का संकेत दिया। उन्होंने कहा, "दुनिया में, हमारे समय में और ऐतिहासिक महत्व में बदलाव ऐसे सामने आ रहे हैं, जैसे पहले कभी नहीं हुए।"
जाहिर तौर पर, चीन और रूस एक ऐसा वर्ल्ड ऑर्डर चाहते हैं, जिसमें अमेरिका और पश्चिमी देशों का कोई वर्चस्व ना हो।
संयुक्त राज्य अमेरिका पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए, चीनी नेता ने कहा, कि चीन एकतरफा प्रतिबंधों, आर्थिक जबरदस्ती, अलगाव और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान का विरोध करता है। उन्होंने कहा, कि "वैचारिक टकराव, भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और गुट राजनीति, हमारे लिए कोई विकल्प नहीं हैं।"
कार्यक्रम के बाद शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन ने बातचीत की। चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, व्लादिमीर पुतिन को "मेरा पुराना दोस्त" कहकर संबोधित किया और शी जिनपिंग ने दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक विश्वास और उनके "घनिष्ठ, प्रभावी रणनीतिक कॉर्डिनेशन" की सराहना की।












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