पुतिन ने निभाया अपना वादा, विद्रोह में शामिल वैगनर चीफ और लड़ाकों को दी राहत, केस वापस लिया
बीते 23 जून को पुतिन के खिलाफ विद्रोह करने वाले वैगनर ग्रुप के चीफ येवगेनी प्रिगोजिन और उनके साथ सशस्त्र विद्रोह में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ आरोप हटा दिया गया है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि रूसी उन्होंने वैगनर ग्रुप के चीफ येवगेनी प्रिगोजिन के नेतृत्व में किए गए सशस्त्र विद्रोह की आपराधिक जांच बंद कर दी है।

संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) ने कहा कि उसकी जांच में पाया गया कि विद्रोह में शामिल लोगों ने अपराध के उद्देश्य से की जाने वाली गतिविधियां बंद कर दी हैं।
इससे पहले क्रेमलिन ने शनिवार को विद्रोह रोकने के बाद वैगनर ग्रुप चीफ और उसके लड़ाकों पर मुकदमा नहीं चलाने का वादा किया था।
बयान में रक्षा मंत्रालय ने ये भी कहा कि वैगनर ग्रुप, देश की सेना को भारी सैन्य उपकरण सौंपने की तैयारी कर रहा है।
23 जून को वैगनर ग्रुप के लड़ाके मॉस्को पर नियंत्रण करने के लिए निकल पड़े थे।
स दौरान उन्होंने रोस्तोव शहर को अपने नियंत्रण में ले लिया था। हालांकि इसके बाद बेलारूस ने बीच बचाव करने और कई आश्वासनों के बाद वैगनर लड़ाकों ने कदम वापस खींच लिए।
इसके बाद सोमवार को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने देश को संबोधित करते हुए वैगनर ग्रुप के लड़ाकों को सच्चा देशभक्त बताया। पुतिन ने कहा कि वैगनर ग्रुप के लड़ाके सच्चे देशभक्त हैं, जो अपने देश और नागरिकों के साथ गद्दारी नहीं कर सकते।
पुतिन ने आगे कहा कि कुछ लोगों ने सैनिकों को अंधेरे में रखा और उन्हें अपने ही भाइयों के सामने बंदूक लेकर खड़ा कर दिया। जिनके साथ कभी वे कंधे से कंधा मिलाकर लड़े थे।
पुतिन ने वैगनर लड़ाकों को ऑफर देते हुए कहा कि सैनिक या तो रूस की सेना में शामिल हो जाएं या घर लौट जाएं। इसके साथ ही उन्होंने लड़ाकों को बेलारूस जाने का विकल्प भी दिया था।












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