डिस्काउंटेड तेल को लेकर रूस जल्द कर सकता है बड़ा फैसला, भारत फिर से सऊदी से तेल खरीदने पर होगा मजबूर!

Russia reduce discount on oil: यूक्रेन युद्ध के बाद रूस ने अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को धता बताने के लिए भारत और चीन को डिस्काउंट पर तेल बेचना शुरू किया था और देखते ही देखते, रूस भारत का सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश बन गया।

लेकिन, अब रॉयटर्स ने रूस के वित्त मंत्री के हवाले से रिपोर्ट दी है, कि रूस ने कच्चे तेल पर डिस्काउंट को कम करने के फैसला लिया है। रॉयटर्स ने मंगलवार को रूस के वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव के हवाले से बताया है, कि रूस का वित्त मंत्रालय देश के कच्चे तेल के निर्यात पर टैक्स तय करने के लिए, वर्तमान में जारी 25 डॉलर प्रति बैरल के डिस्काउंट को घटाकर 20 डॉलर प्रति बैरल करने की योजना बना रहा है।

Russia reduce discount on oil

तेल पर डिस्काउंट घटाएगा रूस

यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंधों के साथ साथ कई फैक्टर्स ऐसे बने, जिसकी वजह से क्रेमलिन को तेल की बिक्री पर टैक्स लगाने के तरीके को बदलना पड़ा। रूसी कच्चे तेल के निर्यात पर 60 डॉलर प्रति बैरल का प्राइस कैप भी जी7 देशों ने तय कर दिया है।

इसके अलावा, रूसी तेल के आयात पर भी यूरोपीय संघ का प्रतिबंध शामिल है, लिहाजा रूस को भारी डिस्काउंट पर तेल बेचना पड़ रहा था, लेकिन अब रूस 5 डॉलर का डिस्काउंट खत्म कर देगा।

फरवरी में, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने देश के एक कानून पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें रूसी तेल और रूसी यूराल (रूसी कच्चा तेल, जो खास इलाके से निकाला जाता है) पर नया टैक्स सिस्टम लागू किया था।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्री सिलुआनोव ने मंगलवार को प्रकाशित एक इंटरव्यू में समाचार साइट Argumenty i Fakty को बताया, कि "अभी ब्रेंट क्रूड पर डिस्काउंट 25 डॉलर प्रति बैरल है, हम इसे घटाकर 20 डॉलर प्रति बैरल करने की योजना बना रहे हैं। हम तेल निर्यात पर टैक्स की गणना में सुधार के लिए और उपायों पर विचार कर रहे हैं।"

हालांकि, रूसी वित्त मंत्री ने यह नहीं बताया, कि किन नये उपायों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, कि इस साल तेल और गैस से रूस, अपने राजस्व में करीब 80 डॉलर प्रति बैरल की मौजूदा कीमत पर 8 ट्रिलियन रूबल (88.5 अरब डॉलर) एकत्र करने की योजना बना रहा है।

रूस का महत्वपूर्ण तेल और गैस राजस्व पहले छह महीनों में पिछले साल के इसी छमाही के मुकाबले 47% कम था। क्योंकि रूसी वित्त मंत्रालय ने यूराल तेल की कीमत को कम कर दिया था और प्राकृतिक गैस के निर्यात को भी कम कर दिया था।

सिलुआनोव ने इंटरव्यू में यह भी कहा, कि साल के अंत तक रूस का बजट घाटा सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 2%-2.5% होगा।

सिलुआनोव ने कहा, कि "हमारे पास नियोजित खर्चों और आने वाले अतिरिक्त खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।"

रूस ने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और यूक्रेन युद्ध में होने वाले खर्च की वजह से सरकारी खर्चों में कटौती की है।

21 जुलाई को, रॉयटर्स ने बताया था, कि वैश्विक स्तर पर गैसोलीन की कीमतों को स्थिर करने के प्रयास में, रूस तेल उत्पादों के निर्यात पर कोटा शुरू करने पर विचार कर सकता है।

वैश्विक बाजार में अस्थिरता की भावना की वजह से गैसोलीन की थोक कीमतें वर्तमान में सर्वकालिक उच्च स्तर पर हैं, और संकेत है, कि रूस आपूर्ति पर अंकुश लगाने की अपनी प्रतिज्ञा पर अच्छा काम कर रहा है।

सेंट-पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल मर्केंटाइल एक्सचेंज (एसपीआईएमईएक्स) में औसत गैसोलीन की कीमतें पिछले सप्ताह की शुरुआत में 1.8% बढ़कर 62,653 रूबल ($694.5) प्रति टन हो गईं, जो एक नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है।

भारत पर होगा गंभीर असर

जैसे-जैसे रूसी तेल ज्यादा महंगा होता जा रहा है, भारत जैसे खरीदार पहले की ही तरह, अब मध्य पूर्व में पारंपरिक स्रोतों से खरीदारी बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।

इसके अलावा, रूस सऊदी अरब की तेल कटौती योजना में भी शामिल हो चुका है और रूस ने तीसरे क्वार्टर में 2.1 मिलियन टन तेल कम निर्यात करने का फैसला किया है। जिसका असर भी वैश्विक तेल की कीमतों पर गंभीर तौर पर पड़ेगा।

सऊदी अरब ने इसी साल जून महीने में ओपेक की बैठक में प्रति दिन 50 हजार बैरल तेल उत्पादन में कटौती करवाने के लिए ओपेक देशों को मनाने में कामयाब रहा है, लिहाजा आने दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+