Watch: समुद्री क्षेत्र में घुसपैठ करने गया था अमेरिकी विध्वंसक जहाज, रूसी वॉरशिप ने खदेड़कर भगाया
रूस ने दावा किया है कि, उसके वॉरशिप ने अमेरिकी विध्वंसक जहाजों को जापान सागर से खदेड़कर भगा दिया।
मॉस्को, अक्टूबर 16: रूस ने दावा किया कि उसके एक युद्धपोत ने शुक्रवार को अमेरिकी नौसेना के एक विध्वंसक जहाज को 'जापान सागर' से खदेड़ कर भगा दिया। रूस ने दावा किया है, कि अमेरिकी विध्वंसक जहाज उसके क्षेत्र में घुसपैठ कर रहा था, जिसके बाद रूसी वॉरशिप ने अमेरिकी जहाजों को खदेड़कर भगा दिया। रूसी रक्षामंत्रालय ने बकायदा एक वीडियो जारी किया है और कहा है कि, अमेरिकी दादागीरि रूसी समुद्री सीमा के अंदर नहीं चलने दी जाएगी। हालांकि, अमेरिका ने रूस के दावे को 'फर्जी' करार दिया है। (तस्वीर सौजन्य- रूस रक्षा मंत्रालय)

रूस का दावा
रूसी रक्षा मंत्रालय की तरफ जो वीडियो जारी किया गया है, उसमें देखा जा रहा है कि, उसकी एंटी सबमरीन वॉरशिप जापान सागर के पीटर द ग्रेट गल्फ स्ट्रेट में महज 60 गज की दूरी पर अमेरिकी विध्वंसक जहाज यूएसएस चाफी के सामने खड़ा है और कुछ देर के बाद अमेरिकी विध्वंसक जहाज वहां से लौट जाता है। जिसके बाद रूसी की तरफ से दावा किया गया है कि, उसने अमेरिकी विध्वंसक जहाज को खदेड़ कर भगा दिया, क्योंकि अमेरिकी जहाज उसके क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। वहीं, अमेरिका की तरफ से जारी बयान में रूसी दावे को झूठ बताया गया है।

अमेरिका ने दावे को कहा झूठ
रूसी रक्षा मंत्रालय के दावे को अमेरिका ने झूठा बताते हुए कहा कि, सुरक्षित और प्रोफेशनल तरीके से शांति और सुरक्षा के लिए बातचीत की गई थी। यह घटना तब हुई, जब रूस और चीन ने क्षेत्र में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास किया है, और इस इलाके में अकसर रूसी और पश्चिमी देशों के एयरक्राफ्ट कैरियर आमने-सामने आते रहते हैं। अमेरिका जहां इस क्षेत्र को स्वतंत्र समुद्री क्षेत्र कहता है, वहीं रूस पीटर द ग्रेट गल्फ स्ट्रेट को अपना समुद्री हिस्सा मानता है। लिहाजा इस क्षेत्र में अकसर टकराव होते रहते हैं। आपको बता दें कि, शीत युद्ध के बाद से रूस और अमेरिका के बीच संबंध अपने सबसे निचले स्तर पर हैं।

...तो हो जाता युद्ध
रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि, एक अरब डॉलर की लागत से बने यूएसएस चाफी विध्वंसक जहाज उस इलाके में आ गई थी, जहां उसका अभ्यास चीन के साथ चल रहा था। जिसके बाद रूसी जहाज ने अमेरिकी जहाजों के लिए चेतावनी जारी की थी। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी विध्वंसक वहां से लौटने के बजाए झंडे उपर कर दिए और फिर अमेरिकी जहांज से एक हेलीकॉप्टर लांच करने की तैयारी की जा रही थी, जिसका मतलब ये हुआ कि, अमेरिकी जहाज आगे बढ़ने की तैयारी में था। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि, "नेविगेशन के अंतरराष्ट्रीय नियमों के ढांचे के भीतर काम करते हुए एडमिरल ट्रिब्यूट्स ने घुसपैठिए को रूसी क्षेत्रीय जल से बाहर खदेड़ा है"। यूएसएस चाफी ने उस वक्त अपना डायरेक्शन बदला, जब रूसी जहाज के साथ उसकी दूरी महज 65 गज थी।

50 मिनट तक टकराव
रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि, ये पूरी घटना करीब 50 मिनट तक चलती रही और जहाजों के बीच टकराव की इस स्थिति को लाने के पीछे अमेरिका है, क्योंकि उसने नियमों का उल्लंघन किया है। लेकिन अमेरिकी प्रशांत बेड़े के एक प्रवक्ता ने रूसी दावों का खंडन किया है। अमेरिकी प्रशांत बेड़ा ने कहा कि, "हमारे दो नौसेना जहाजों के बीच बातचीत के बारे में रूसी रक्षा मंत्रालय का बयान गलत है।" उसने कहा कि, यूएसएस चाफी अंतर्राष्ट्रीय जल कानून के तहत नियमित तौर पर संचालन कर रहा था, और उस वक्त एक रूसी विध्वंसक जहाज अमेरिकी युद्धपोत के 65 गज के भीतर आ गया, जब अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरने की तैयारी चल रही थी। अमेरिका ने कहा कि, हमने सुरक्षित और प्रोफेशनल बातचीत की।
रूस बनाम अमेरिका
यूएसएस चाफी एक अर्ले-बर्क श्रेणी निर्देशित मिसाइल विध्वंसक है, और 2003 में इसे सेना में शामिल किया गया था। ये विध्वंसक जहाज एक साथ 90 से ज्यादा मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है और विध्वंसक की पिछली पीढ़ियों की तुलना में अधिक भारी हथियारों से लैस जहाज है। सी ऑफ जापान प्रकरण चार महीने में दूसरी बार हुआ है जब रूस ने कहा है कि उसने अपने जलक्षेत्र से नाटो-सदस्यीय युद्धपोत का पीछा किया है। जून में, रूस ने एक ब्रिटिश विध्वंसक, डिफेंडर पर काला सागर में अपने क्षेत्रीय जल में घुसपैठ का आरोप लगाया था। और कहा था कि उसने जहाज को चेतावनी शॉट्स के साथ भगा दिया और उसपर बमों से हमला किया।












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