दुनिया के दो बड़े देशों में अंतरिक्ष में फैलाया 'कचरा'! स्पेस मिशन को लेकर बड़ा दावा

नई दिल्ली, 26 सितंबर। दुनिया के विकसित देश अब धरती नहीं दूसरी दुनिया में जीवन की तलाश में जुड़े हैं। इस होड़ में वो धरती से लाखों मील दूर दूसरे ग्रहों पर कचरा फैला रहे हैं। एक ताजा शोध में ये तथ्य सामने आए हैं कि स्पेस में मौजूद ग्रहों पर कचरा फैलाने के मामले में दुनिया को दो विकसित सबसे आगे हैं। ऐसा इसलिए हुआ है क्यों को इन देशों पिछले कुछ दशकों में सबसे अधिक स्पेस मिशन लांच किए।

अंतरिक्ष में कचरा स्पेस मिशन के लिए खतरा

अंतरिक्ष में कचरा स्पेस मिशन के लिए खतरा

स्पेस साइंटिस्ट्स की मानें तो स्पेस में कचरे की मौजूदगी वर्तमान और भविष्य के स्पेस मिशन के लिए खतरा बन सकता है। मलबे का एक बड़ा हिस्सा विभिन्न देशों द्वारा एंटी-सैटेलाइट (ASAT) हथियारों के परीक्षण के कारण फैलता है।

कैसे फैलता है स्पेस में कचरा

कैसे फैलता है स्पेस में कचरा

अंतरिक्ष मिशन के टूटे हुए उपग्रहों, रॉकेटों और हथियारों के परीक्षण के कारण अंतरिक्ष में मलबा फैला देता है। कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में भी इस तरह के तथ्य सामने आ चुके हैं। जिसमें दावा किया गया है कि स्पेस मिशन की वजह की मंगल ग्रह पर अब तक करीब 15,000 पाउंड कचरा यानी 7.2 टन कचरा हो चुका है।

स्पेस में कचरे के लिए जिम्मेदार देश

स्पेस में कचरे के लिए जिम्मेदार देश

ऑर्बिटल डेब्रिस क्वार्टरली न्यूज के मुताबिक नासा के आंकड़े हैं कि सबसे ज्यादा स्पेस जंक तीन देशों रूस, अमेरिका और चीन से आया है। जिसमें रूस के कारण मलबे के 7,032 टुकड़े, अमेरिका और चीन के कारण 5216 और 3854 मलबे के टुकड़े स्पेस में फैले हैं। सिक्योर वर्ल्ड फाउंडेशन के एक अनुमान के मुताबिक, अब तक स्पेस में कम से कम 16 मलबे फैलाने वाले एएसएटी हथियारों के परीक्षण किए जा चुके हैं।

पहली बार अमेरिका ने किया था ASAT परीक्षण

पहली बार अमेरिका ने किया था ASAT परीक्षण

एएसएटी परीक्षण पहली बार अमेरिका द्वारा 1950 के दशक में बनाया गया था। जिसके रूस ने भी एएसएटी परीक्षण शुरू किए। अंतिम बार 2008 में इस तरह का परीक्षण हुआ था। साल 2007 में चीन द्वारा भेजा गया एएसएटी था। जिसने खुद चीन के एक उपग्रहों को उड़ा दिया था, जिससे अंतरिक्ष में 3,000 मलबे के टुकड़े छोड़े गए। जबकि रूस ने भी अपने पुराने उपग्रहों में से एक को ASAT हथियार का उपयोग करके नष्ट कर दिया। ऑपरेशन के पीछे हजारों मलबे के टुकड़े स्पेस में फैले।

अंतरिक्ष से मलबा हटाने के लिए रिसर्च

अंतरिक्ष से मलबा हटाने के लिए रिसर्च

कई अंतरिक्ष मिशन अंतरिक्ष से मलबा हटाने की पाइपलाइन में हैं। हालांकि इसमें कई चुनौतियां हैं। मलबा हटाने वाले वाहनों को तैयार करने के लिए काफी जटिल और महंगी प्रक्रिया है। लेकिन भविष्य में अगर मलबा बढ़ता है तो स्पेस मिशन के लिए ये अत्यधिक आवश्यक हो जाएगा। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के विश्लेषकों का दावा है कि मलबा उस वस्तु के बारे में संवेदनशील डेटा प्रकट कर सकता है जिसका वे हिस्सा थे।

2 मिशन का होगा आगाज

2 मिशन का होगा आगाज

स्पेस से मलबा हटाने के लिए दो मिशन आगामी वर्षों में शुरू किए जाने हैं। इसमें यूरोपियन स्पेस एजेंसी का क्लियरस्पेस-1 और जापानी कमर्शियल रिमूवल ऑफ डेब्रिस डिमॉन्स्ट्रेशन (CRD2) मिशन शामिल है। भविष्य में इस तरह के मिशन में काम अधिक होने की संभावना है।

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