अक्षय ऊर्जा के नए स्रोत की खोज, हवा की नमी से पैदा होगी बिजली, घर में 24/7 होगा उत्पादन-Study
भविष्य में घरों में इस्तेमाल किए जा सकते लायक एक ऐसे अक्षय ऊर्जा स्रोत का पता चला है, जो किसी भी मौसमी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होगा। यह ऊर्जा हवा में मौजूद नमी में पाई गई है।

वैज्ञानिकों ने हवा से निचोड़कर बिजली बनाने के तरीके की खोज की है। ऊर्जा का यह स्रोत असीमित है, स्वच्छ है, कार्बन-मुक्त है, हरित है और प्रदूषण से पूरी तरह से अछूता है। यह ऊर्जा हवा में मौजूद आद्रता या नमी से पैदा की जा सकेगी। वैज्ञानिकों की यह नई खोज दुनिया को बहुत बड़ी चिंता से हमेशा के लिए मुक्ति देने में भी सक्षम हो सकती है।
हवा की नमी से पैदा हो सकती है बिजली-रिसर्च
अक्षय ऊर्जा के इस नए स्रोत की खोज के बारे में एक रिपोर्ट वाशिंगटन पोस्ट में छपी है। इस नए शोध के मुताबिक गर्मी के दिनों में हम अत्यधिक आद्रता की वजह से उमस की शिकायतें करते हैं। लेकिन, वैज्ञानिकों ने पाया है कि इसी आद्रता या नमी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त ऊर्जा में बदला जा सकता है।
'यह बहुत ही रोमांचक है'
जर्नल एडवांस्ड मटेरियल्स में छपे इस शोध के मुताबिक 'हवा की नमी ऊर्जा का एक विशाल और स्थायी भंडार है, जो सौर और पवन ऊर्जा के विपरीत लगातार उपलब्ध है।' मैसाचुसेट्स-एमहर्स्ट यूनिवर्सिटी में ग्रैजुएशन के एक छात्र और इस शोध पत्र के लीड ऑथर शिआओमेंग लियु ने कहा, 'यह बहुत ही रोमांचक है।'
'किसी भी वस्तु को बनाया जा सकता है उपकरण'
उन्होंने कहा, 'हम पतली हवा से स्वच्छ बिजली निकालने के लिए एक विस्तृत द्वार खोल रहे हैं।' शोधकर्ताओं का कहना है कि वास्तव लगभग किसी भी वस्तु को एक ऐसे उपकरण में बदला जा सकता है जो हवा में मौजूद नमी से लगातार बिजली का उत्पादन कर सकता है। क्योंकि, उनके अनुसार हवा में भारी मात्रा में बिलजी रहती है।
'हवा में भारी मात्रा में बिजली मौजूद होती है'
मैसाचुसेट्स-एमहर्स्ट यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रिकल एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर और इस शोध पत्र के सीनियर ऑथर जुन याओ ने कहा, 'हवा में भारी मात्रा में बिजली मौजूद होती है।' 'बादल के बारे में सोचिए, जो कि पानी के बूंदों के पिंड से ज्यादा कुछ भी नहीं है। इनमें से प्रत्येक बूंद में एक चार्ज होता है, और जब परिस्थितियां सही होती हैं तो बादल बिजली पैदा कर सकते हैं, लेकिन हम नहीं जानते कि तड़ित (lightning) से बिजली को कैसे पकड़ा जाए। '
'एयर-जेन' पर निर्भर होगी यह बिजली
वैज्ञानिकों के अनुसार 'इंसान निर्मित छोटे स्तर का बादल पैदा करना है, जो हमारे लिए बिजली पैदा करता है और जिसे हम लगातार जमा करते रह सेकते हैं।' वैज्ञानिकों के मुताबिक यह इंसान निर्मित बादल मूल रूप से हवा से चलने वाला जेनरेटर (air-powered generator) या 'एयर-जेन' पर निर्भर है।
सिलिकन या लकड़ी का इस्तेमाल
नया शोध 2020 में पब्लिश हुई एक रिसर्च पर आधारित है। नए शोध में यह पाया गया है कि किसी भी सामग्री जैसे कि सिलिकन या लकड़ी का इस्तेमाल नमी से ऊर्जा पैदा करने के लिए किया जा सकता है। शोध के मुताबिक हवा की नमी से ऊर्जा निकालने के लिए जिस उपकरण का जिक्र किया गया है वह नाखून जितना बड़ा और और एक बाल से भी पतला है। इसमें छोटे-छोटे छेद हैं, जिसे नैनोपोर्स कहा जाता है। 'छेद का व्यास 100 नैनोमीटर से कम है....'
24/7 बिजली पैदा हो सकती है
सबसे बड़ी बात ये है कि हवा में आद्रता हमेशा मौजूद होती है, इसलिए चाहे बारिश हो या धूप, दिन हो या रात या कोई भी मौसम हो, इससे 24/7 बिजली पैदा हो सकती है। सौर या पवन ऊर्जा की तुलना में यह इसलिए ज्यादा अक्षय है, क्योंकि उनके संचालन के लिए मौसम की विशेष अवस्था की आवश्यकता रहती है।
भविष्य को लेकर उत्साहित हैं वैज्ञानिक
शोध में कहा गया है 'यह कार्य हवा से स्थायी बिजली की व्यापक खोज के लिए एक विस्तृत द्वार खोलता है....' याओ ने बताया कि मोटे तौर पर एक अरब एयर-जेंस, जो कि एक रेफ्रिजरेटर के आकार का होगा, वह एक किलोवॉट तक बिजली उत्पादित कर सकता है, जो आदर्श स्थिति में एक घर की आंशिक बिजली आपूर्ति कर सकता है।
उन्होंने कहा, 'भविष्य की दुनिया की कल्पना कीजिए कि आप जहां भी जाएंगे, स्वच्छ बिजली उपलब्ध रहेगी।' 'व्यापक एयर-जेन के प्रभाव का मतलब है कि भविष्य में यह दुनिया की सच्चाई हो जाएगी।'
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