Reasi Attack: पाकिस्तानी आतंकियों को घुसने मत दो.. रियासी आतंकी हमले पर बौखलाए डच नेता गीर्ट वाइल्डर्स
Reasi Attack: जम्मू-कश्मीर के रियासी में शिव खोरी से तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर रविवार को हुए आतंकी हमले ने केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है, क्योंकि इस आतंकी हमले से पता चलता है, कि पाकिस्तानी आतंकी किस तरह से एक बार फिर से अपना विस्तार कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आखिरी बार आतंकवादियों ने रियासी जिले में मई 2022 में हमला किया था, जब उन्होंने एक बस में बम लगाए थे, जिसमें वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा करने वाले चार तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी और करीब दो दर्जन लोग घायल हो गए थे।

Loc से दूर यह जिला, पिछले करीब दो दशकों से शांतिपूर्ण रहा है। सूत्रों ने बताया है, कि इलाके से एकमात्र अन्य आतंकवादी गतिविधि की सूचना राजौरी और पुंछ जिलों में नियंत्रण रेखा पार करके कश्मीर घाटी की ओर जाने वाले आतंकवादियों की है। जुलाई 2022 में, स्थानीय निवासियों ने रियासी जिले के टुकसन ढोक में लश्कर-ए-तैयबा के दो भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों को काबू करके जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया था। उस समय दोनों राजौरी से कश्मीर जा रहे थे।
लेकिन, इस बार ये आतंकी हमला करने में कामयाब हो गये।

रियासी हमले पर भड़के गीर्ट वाइल्डर्स
रियासी आतंकी हमले के खिलाफ भारत के लोगों में भारी गुस्सा है और इस्लाम के कट्टर आलोचक रहे गीर्ट वाइल्डर्स ने एक ट्वीट कर भारत से अपने लोगों की रक्षा करने की अपील की है। गीर्ट वाइल्डर्स ने ट्वीट कर कहा है, कि "कश्मीर घाटी में पाकिस्तानी आतंकवादियों को हिंदुओं की हत्या करने की इजाजत ना दें। अपने लोगों की रक्षा करें भारत!"
आपको बता दें, कि गीर्ट वाइल्डर्स वो डच नेता हैं, जिन्होंने हमेशा से पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ भारत का पक्ष लिया है और भारत के हिंदुओं के पक्ष में आवाज उठाई है। नुपूर शर्मा विवाद में उन्होंने खुलकर उनका साथ दिया था।
कौन हैं गीर्ट वाइल्डर्स?
गीर्ट विल्डर्स, जिन्होंने 2006 में नीदरलैंड्स में एंटी-इमिग्रेशन पार्टी फॉर फ़्रीडम (PVV) की स्थापना की, उन्होंने अन्य बातों के अलावा, हिजाब पहनने पर टैक्स लगाने (इसे "उत्पीड़न का प्रतीक" कहते हुए) और नीदरलैंड को यूरोपीय यूनियन से बाहर निकालने की मांग कर चुके हैं।
उनके बयानों के चलते उन्हें 'नीदरलैंड का डोनाल्ड ट्रंप' भी कहा जाता है और वो नीदरलैंड की आव्रजन नीतियों में बदलाव करने की मांग कर चुके हैं। अगस्त 2019 में, गीर्ट विल्डर्स भारत को "पूर्ण लोकतंत्र" और पाकिस्तान को "100 प्रतिशत आतंकवादी राज्य" कहकर जम्मू और कश्मीर के विशेष दर्जे (अनुच्छेद 370) को रद्द करने के नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले का जश्न मनाते हुए दिखाई दिए थे।

पाकिस्तान को बता चुके आतंकी राज्य
गीर्ट विल्डर्स पाकिस्तान को इस्लामिक आतंकवादी देश और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 'इस्लामिक चरमपंथी' बता चुके हैं। गीर्ट विल्डर्स और उनका परिवार साल 2004 से ही पुलिस सुरक्षा में है।
उन्हें ये सुरक्षा उस वक्त मिली थी, जब नीदरलैंड के फिल्म निर्माता और लेखक थियो वैन गॉग की हत्या कर दी गई थी, जब उन्होंने इस्लाम की आलोचना करते हुए एक टेलीविजन फिल्म बनाई थी। उनकी हत्या एम्स्टर्डम में गोली मारकर कर दी गई थी। जिसके बाद गीर्ट विल्डर्स को भी कड़ी पुलिस सुरक्षा दे दी गई थी, क्योंकि वो भी इस्लाम के कट्टर आलोचक माने जाते हैं।
2017 के बाद से, सैन्य पुलिस की एक विशेष इकाई, जो आमतौर पर इराक और अफगानिस्तान जैसे देशों में स्थिति नीदरलैंड के दूतावासों की सुरक्षा को कड़ी कर दी गई थी।
राजनीति के इतर, गीर्ट विल्डर्स को 2008 में 'फिना' नाम के एक शॉर्ट फिल्म बनाने के लिए जाना जाता है, जो "यह बताने की कोशिश करती है, कि कुरान अपने अनुयायियों को उन सभी से नफरत करने के लिए कैसे प्रेरित करता है, जो इस्लामी शिक्षाओं को नहीं मानते हैं"। फिल्म को व्यापक रूप से "मुस्लिम विरोधी" माना गया है, हालांकि आलोचकों ने बताया कि यह सब कल्पनाशील नहीं था, क्योंकि इसमें केवल आर्काइव तस्वीरों और YouTube क्लिप का उपयोग किया गया था।












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