अब भूकंप में फंसे इंसानों का रेस्क्यू करेंगे चूहे, पीठ पर बैग बांधकर स्पेशल चूहों का निर्माण!
अधिक तीव्रता वाले भूकंप से जान-माल को काफी नुकसान पहुंचता है। सबसे ज्यादा परेशानी राहत बचाव दल को होती है। मलबे में फंसे लोगों को कैसे बाहर निकाला जाए। ऐसे मेंअब चूहे लोगों को बचाने आएंगे।
तंजानिया, 04, जून : अब चूहे मलबों में दबे लोगों की तलाश करेगा। खबर के मुताबिक, महा भूकंप आने के बाद शहर-गांव खंडहरों में तब्दिल हो जाते हैं। शहर की गगनचुंबी इमारते मलबो में बदल जाती है। ऐसी स्थिति में चूहे मनुष्य के काफी काम आ सकते हैं। आप पूछेंगे, कैस? दरअसल, वैज्ञानिक डॉक्टर डोना कीन (33 साल) इस नई परियोजना पर काम कर रही हैं। उनके मुताबिक, चूहे मलबो में दबे लोगों का पता लगा सकते हैं।

अब चूहे बचाएंगे इंसानों को...
भूकंप की महा त्रासदी के बाद स्थिति बड़ी विकट हो जाती है। चारों ओर कोहराम मचा होता है, लोग अपनों को खोजते नजर आते हैं। हालांकि,मलबे में दबे होने के कारण कई बार हम लोगों को खोज नहीं पाते, बाद में उनकी मौत भी हो जाती है। इसलिए समय रहते लोगों को मुसीबत से बचाने के लिए चूहों से सहायता ली जा रही है।
चूहे जमीन के अंदर आसानी से जा सकते हैं
सब जानते हैं कि चूहे बिल में रहते हैं। उनकी जमीन के अंदर रहने की प्रवृति उन्हें ऐसे कामों के लिए खास बनाती है। वैज्ञानिक डॉक्टर डोना के अनुसार प्रशिक्षित चूहे की पीठ पर एक बैगपैक्स को रखा जाएगा। चूहों को छोटे बैग पैक्स पहनाकर भूकंप के मलबे में भेजने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि, बचाव दल जीवित बचे लोगों के से बात कर सकें, जिनसे उनके जीवित बचने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
ट्रैंड चूहे की फौज बचाएगी लोगों को
डॉक्टर डोना ने अब तक सात चूहों को भूकंप के समय लोगों से संपर्क बनाने के लिए प्रशिक्षित किया है। आश्चर्य की बात है कि चूहों में दो सप्ताह के भीतर काफी बदलाव देखा गया। वे अपने काम में परफेक्ट होते जा रहे थे। चूहों पर माइक्रोफोन वाले होममेड प्रोटोटाइप बैकपैक का उपयोग किया जा रहा है। वैज्ञानिक फिलहाल एक भूकंप का सीन क्रिएट कर चूहों को मलबे के अंदर भेज रहे हैं। डोना एक साल के लिए मोरोगोरो, तंजानिया, पूर्वी अफ्रीका में स्थित है, हीरो रैट्स नामक एक परियोजना के लिए गैर-लाभकारी संगठन एपीओपीओ के साथ काम कर रहा है।
चूहे तुर्की जाएंगे..
बचाव दल को जीवित बचे लोगों के साथ संवाद करने की अनुमति देने के लिए माइक्रोफोन और वीडियो गियर के साथ-साथ स्थान ट्रैकर वाले विशेषज्ञ बैकपैक बनाए जाएंगे। डोना एक साल के लिए पूर्वी अफ्रीका के मोरोगोरो, तंजानिया में रहेंगी। यहां 'हीरो रैट्स' नामक एक परियोजना के लिए गैर-लाभकारी संगठन एपीओपीओ के साथ वो काम कर रही हैं। खोज और बचाव दल, जीएई के साथ काम करने के लिए, चूहों को तुर्की भेजेंगे, जहां वे भूकंप वाले क्षेत्रों में काम करेंगे। डोना ने कहा कि, चूहे जल्दी सीख रहे हैं।












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