Putin Vs Trump: 'तीसरा वर्ल्ड वॉर हो जाएगा’, ट्रंप के आग वाले बयान पर पुतिन ने दी खुली धमकी
Putin Vs Trump: चेतावनी देते हुए उन पर यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के कारण "आग से खेलने" का आरोप लगाया है। ट्रंप की टिप्पणी पर रूस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है, जिसमें पुतिन ने तीसरे विश्व युद्ध की संभावना की धमकी दी है। इस बयानबाजी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है जिसका सीधा असर यूक्रेन पर पड़ेगा।
अमेरिका के दखल से चिढ़ा रूस
ट्रंप का बयान यूक्रेन में रूस के हमलों पर अमेरिका की तीखी आलोचना के रूप में देखा गया। अमेरिका कथित तौर पर राजनयिक दबाव बढ़ाने के लिए रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों की तैयारी कर रहा है। अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर ट्रंप के बयान ने इस बात पर जोर दिया कि अगर उन्होंने दखल नहीं दिया होता, तो रूस के लिए स्थिति बहुत खराब हो जाती। लेकिन रूस ट्रंप के दखल का शुरूआत से ही विरोध करता रहा है।

एक ही बात- तीसरा विश्व युद्ध
ट्रंप की चेतावनी के जवाब में, रशियन सिक्योरिटी काउंसिल के उपाध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि, "ट्रंप के 'आग से खेलने' और 'वास्तव में बुरी बात' के बयान पर, मेरे पास कहने के लिए केवल एक ही बात है - मैं केवल एक ही वास्तव में बुरी बात जानता हूं - तीसरा विश्व युद्ध। आशा है कि ट्रंप इसे समझेंगे!" मेदवेदेव का ये बयान बताता है कि रूस को अमेरिका की दखल कितनी नापसंद है। इस जंग से अमेरिका को बाहर करने के लिए रूस तीसरे विश्व युद्ध को लड़ने से भी नहीं हिचकिचाएगा।
पुतिन पर शांति वार्ता में देरी का आरोप
यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के कारण पश्चिमी देशों ने पुतिन पर जानबूझकर शांति वार्ता में देरी करने का आरोप लगाया है। इस बीच, रूस का दावा है कि उसके नागरिकों पर यूक्रेनी हमलों के कारण उसकी कार्रवाई प्रतिशोधात्मक है। इन आरोपों ने रूस और पश्चिमी देशों के बीच संबंधों को और भी तनावपूर्ण बना दिया है।
रूस पर लग सकते हैं और प्रतिबंध
वॉल स्ट्रीट जर्नल और सीएनएन जैसे सूत्रों से मिली रिपोर्ट बताती है कि ट्रंप जल्द ही रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा कर सकते हैं। रविवार को ट्रंप ने पत्रकारों से पुष्टि की कि वह इस कदम पर "बिल्कुल" विचार कर रहे हैं। संभावित प्रतिबंधों का उद्देश्य यूक्रेन में रूस की आक्रामक कार्रवाइयों पर अंकुश लगाना है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात पर बारीकी से नज़र रख रहा है कि ये घटनाक्रम वैश्विक कूटनीति को किस तरह प्रभावित करेंगे। दोनों देशों के बीच तीखी नोकझोंक के कारण तीसरे विश्व युद्ध का ख़तरा मंडरा रहा है। लिहाजा इस बीच सीजफायर को लेकर एक असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जो सभी के लिए चिंता का विषय है।
शांतिपूर्ण तरीके से निकले हल- वेस्ट
पश्चिमी देशों ने पुतिन पर शांति वार्ता में जानबूझकर बाधा डालने का आरोप लगाया है। इसके उलट, रूस यूक्रेन पर अपने नागरिकों के खिलाफ आक्रामकता का आरोप लगाता है, और अपनी सैन्य कार्रवाइयों को रक्षात्मक उपाय के रूप में जायज बताया। दोनों तरफ से एक -दूसरे के लिए विरोध से भरे ये बयान शांति बहाली की कोशिशों पर पानी फेरते दिख रहे हैं।
अपनी-अपनी बात पर अड़े रूस-यूक्रेन
युद्ध के तीन साल से ज्यादा हो जाने के बाद भी रूस-यूक्रेन अपनी-अपनी स्थिति पर अड़े हुए हैं, इसलिए स्थिति और तनावपूर्ण बनी हुई है। यूक्रेन चाहता है रूस उसके शर्तें माने, जबकि रूस का कहना है कि वो जंग जीत रहा है तो यूक्रेन की कोई भी बात मानने का सवाल ही पैदा नहीं होता। इन दोनों देशों से अलग पूरी दुनिया के देश कूटनीतिक प्रयासों पर बारीकी से नज़र रखे हैं, और उम्मीद कर रहे हैं कि कोई ऐसा समाधान निकलेगा जिससे वैश्विक संघर्ष में और वृद्धि न हो और दोनों देश शांति की ओर बढ़ें।
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