'नेतन्याहू को रोको', अपने ही PM के खिलाफ क्यों भड़की Israel की जनता? ट्रंप से लगाई गुहार
Israel Protest Against Netanyahu: गाजा में जारी खून-खराबे और लगातार बढ़ती तबाही का असर अब इजराइल के भीतर साफ दिखाई देने लगा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों से नाराज हजारों नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं। तेल अवीव से लेकर येरूशलम तक बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधी अपील की है कि वे इस युद्ध को रोकने में हस्तक्षेप करें।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गाजा में बंदी बनाए गए नागरिकों और सैनिकों की जिंदगी खतरे में है और केवल ट्रंप ही नेतन्याहू को जंग खत्म करने के लिए मजबूर कर सकते हैं।

'सिर्फ ट्रंप ही नेतन्याहू को रोक सकते हैं'
प्रदर्शन में शामिल स्थानीय लोगों का कहना है कि, 'हमें लगता है कि ट्रंप ही अकेले ऐसे शख्स हैं जिनकी बात नेतन्याहू सुन सकते हैं। केवल वही उन्हें युद्ध रोकने के लिए मजबूर कर सकते हैं।' यह बयान स्पष्ट करता है कि इजराइली जनता के एक बड़े हिस्से में नेतन्याहू को लेकर गहरा असंतोष है। युद्ध को रोकने और बंधकों की सुरक्षित वापसी को लेकर जनता की उम्मीद अब ट्रंप से जुड़ गई है।
बंधकों की जिंदगी पर खतरा
इजराइल के सैन्य अधिकारियों के अनुसार, गाजा शहर पर कब्जे का आदेश देकर नेतन्याहू बंधकों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हमले बढ़ने से बंधकों की रिहाई और भी मुश्किल हो जाएगी। हमास के कब्जे में 7 अक्टूबर 2023 से बंधक बनाए गए कई लोग अब भी मौजूद हैं। इनमें मारे गए एक इजरायली सैनिक का शव भी शामिल है।
लगातार उग्र हो रहा है प्रदर्शन
हर हफ्ते इजराइल में हो रहे प्रदर्शनों का पैमाना और तीव्रता बढ़ती जा रही है। तेल अवीव की सड़कों पर हजारों लोगों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और नेतन्याहू से युद्ध रोकने की मांग की। वहीं, येरूशलम जैसे संवेदनशील शहर में भी लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस बार की रैलियों में बीते हफ्तों के मुकाबले कहीं अधिक भीड़ जुटी, जिससे साफ है कि गाजा युद्ध को लेकर जनता का आक्रोश गहराता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बंधकों की तस्वीरें और नारों वाले पोस्टर उठाए हुए थे। उनकी एक ही मांग थी कि सरकार तुरंत युद्धविराम सुनिश्चित करे और हमास के साथ समझौते की दिशा में कदम बढ़ाए। लोगों का कहना है कि युद्ध केवल बंधकों की जान ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा और भविष्य को खतरे में डाल रहा है।
ट्रंप पर टिकी इजराइली जनता की आखिरी उम्मीदें
ट्रंप पर अब इजराइली जनता की उम्मीदें पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई हैं। अपने चुनावी वादों में उन्होंने गाजा युद्ध को समाप्त करने और बंधकों की सुरक्षित रिहाई का भरोसा दिया था, लेकिन दोबारा सत्ता में आने के आठ महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। इस बीच युद्ध ने हजारों जिंदगियों को तबाह कर दिया है और इजरायल के भीतर भी जनता का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है।
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हमास के साथ अमेरिका की हाई-लेवल बातचीत
हाल ही में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका हमास के साथ हाई लेवल पर बातचीत कर रहा है और एक संभावित समाधान पर काम चल रहा है। लेकिन इजरायली लोग अब केवल बातचीत से संतुष्ट नहीं हैं, वे चाहते हैं कि यह वार्ता जल्द ही किसी ठोस समझौते में बदले और बंधकों की रिहाई के साथ-साथ गाजा में हो रही तबाही पर विराम लगे। जनता का मानना है कि अगर दुनिया का कोई नेता नेतन्याहू पर दबाव डाल सकता है, तो वह केवल डोनाल्ड ट्रंप हैं, और इसलिए अब उनकी नज़रें पूरी तरह व्हाइट हाउस पर टिकी हुई हैं।
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