डोनाल्ड ट्रंप को अमेरीकी राष्ट्रपति बनाने के लिए रूस ने की थी दखलंदाजी: जॉर्ज बुश
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही इस बात खंडन कर रहे हैं कि 2016 यूएस इलेक्शन में रूस ने दखलंदाजी की थी, लेकिन इन्वेस्टिगेशन एजेंसी द्वारा पेश किए गए सबूतों से इन आरोपों को नजरंदाज नहीं किया जा सकता। इसी बीच गुरुवार को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने भी स्वीकार किया है कि पिछले आम चुनाव में रूस की दखलंदाजी थी। बुश ने कहा, 'रूस की दखलंदाजी के पुख्ता सबूत है।' अमेरिकन इंटेलिजेंस कम्युनिटी के अनुसार, ट्रंप को राष्ट्रपति बनाने के लिए डेमोक्रेटिक ग्रुप्स के कंप्युटर सिस्टम को हैक करने के पीछे रूस का हाथ था।

रूस की दखलंदाजी लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक...
दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति रह चुके बुश ने कहा,'यह दुखद है कि विदेशी मुल्क हमारे चुनाव प्रणाली में शामिल है, क्योंकि जनता परिणामों पर भरोसा करें लोकतंत्र के लिए उतना ही अच्छा है। रूस की दखलंदाजी को लेकर पुख्ता सबूत है।' बुश ने आगे कहा कि इससे चुनाव पर कितना प्रभाव पड़ा है यह अलग सवाल है, लेकिन उन्होंने दखलंदाजी की और यह लोकतंत्र के लिए बहुत ही खतरनाक है।

पुतिन एक शानदार रणनीतिज्ञ...
रिपब्लिकन लीडर बुश ने यूएई में कहा कि पुतिन एक शानदार रणनीतिज्ञ है, दूसरों की कमजोरी का पता लगाने और उसका फायदा उठाने की क्षमता रखते हैं। बुश ने आगे कहा कि सोवियत यूनियन का ढह जाना, आज भी पुतिन को परेशान करता है। इसलिए सोवियत यूनियन पर कब्जा डालने के लिए पुतिन के पास कई चाले हैं और वे निरंतर दबाव डालते हुए, दूसरों की कमजोरियों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। बुश ने आगे कहा कि इसी वजह से नाटो (NATO) बहुत महत्वपूर्ण है।

बुश इससे पहले भी सवाल खड़े कर चुके हैं
जॉर्ज डब्ल्यू बुश इससे पहले भी 2016 चुनाव में रूस की दखलंदाजी को लेकर सवाल खड़े कर चुके हैं। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका की सत्ता पर बिठाने और हिलेरी क्लिंटन को हराने के लिए गिरफ्तार हुए हैकर ने इस बात को स्वीकारा भी है कि उन्होंने चुनाव के वक्त डेमोक्रेटिक पार्टी के कंप्युटर सिस्टम को हैक किये थे, जिसमें हिलेरी के कई निजी इमेल भी शामिल थे।












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