जापान में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिलेंगे पीएम मोदी, क्या G20 सम्मेलन में आने का देंगे न्योता?
G7 Summit 2023 Japan: यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से भारत ने लगातार कूटनीति और संवाद के जरिए इस संकट के समाधान की वकालत की है। हालांकि, भारत ने अभी तक रूस की आलोचना नहीं की है।

G7 Summit Japan: जापान के हिरोशिमा शहर में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने गये भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाकात यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से होगी। (फोटो- फाइल)
न्यूज-18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध के बाद ये पहला मौका है, जब यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाकात होगी।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने की पूरी उम्मीद है और शनिवार को वो हिरोशिमा पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही हिरोशिमा के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां वह जी7 नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे और क्वाड नेतृत्व शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे।
जेलेंस्की से मिलेंगे प्रधानमंत्री मोदी
24 फरवरी 2022 को युद्ध शुरू होने के बाद से यह पहली बार होगा, जब यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की पीएम मोदी से मिलेंगे। इस साल की शुरुआत में यूक्रेन की उप विदेश मंत्री एमिन दज़ापरोवा ने नई दिल्ली का दौरा किया था, जहां उन्होंने भारत से यूक्रेन की 'शांति योजना' का समर्थन करने का आग्रह किया था।
वहीं, भारत ने कई मौकों पर रूस और यूक्रेन दोनों से पूर्वी यूरोपीय क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का आग्रह किया है।
यूक्रेन में युद्ध छिड़ने के बाद पीएम मोदी एक बार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात कर चुके हैं। उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के दौरान, पिछले साल उन्होंने पुतिन से कहा था, कि यह "युद्ध का युग नहीं है"। पीएम मोदी का ये बयान पूरी दुनिया के लिए एक हेडलाइंस बना था।
यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत ने बातचीत और कूटनीति पर जोर देना जारी रखा है और शत्रुता को समाप्त करने की मांग की है। इसके साथ ही भारत ने सभी पक्षों से यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।
पीएम मोदी ने इस साल फरवरी में भी यूक्रेन में शांति का आग्रह किया था। नई दिल्ली में जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा था, कि "यूक्रेन में युद्ध की शुरुआत के बाद से, भारत ने इस विवाद को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से हल करने पर जोर दिया है। भारत किसी भी शांति प्रक्रिया में योगदान देने के लिए तैयार है।"
आपको बता दें, कि इस साल भारत में जी20 शिखर सम्मेलन का भी आयोजन किया जा रहा है, जो सितंबर महीने में होगा। जिसमें भाग लेने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति पुतिन भी आएंगे।
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वहीं, अपने दिल्ली दौरे के दौरान यूक्रेन की उप विदेश मंत्री ने भारत सरकार से आग्रह किया था, कि वो भारत में आयोजित होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में यूक्रेनी राष्ट्रपति को न्योता भेजें, ताकि वो दुनिया के सामने यूक्रेन की बात कर सकें। चूंकी भारत दौरे पर व्लादिमीर पुतिन भी आएंगे, लिहाजा देखना दिलचस्प होगा, कि क्या पीएम मोदी, यूक्रेन के राष्ट्रपति को भारत आने का न्योता देते हैं या नहीं?












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