लेटेस्ट टेक्नोलॉजी वाले आतंकियों से लड़ाई के लिए पुरानी टेक्नोलॉजी!
वाशिंगटन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में चौथे परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में शिरकत लेने के लिए पहुंचे।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ ही दुनिया के कई नेताओं के बीच पीएम मोदी ने ब्रसेल्स के बाद एक बार फिर आतंकवाद पर सख्त रुख अख्तियार किया।
उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा, ' दुनिया को 'उनका आतंकी' 'मेरा 'आतंकी' वाली धारणा छोड़नी पड़ेगी।
पीएम मोदी ने 50 देशों के प्रतिनिधियों के इस चौथे शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद धीरे-धीरे बढ़ा है और आज आतंकवादी 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी का प्रयोग करने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद का ग्लोबल नेटवर्क है। लेकिन अब भी हम इस खतरे से निपटने के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने साफ किया कि परमाणु सुरक्षा एक स्थायी राष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी देशों को पूरी तरह से अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करना चाहिए।
यह सम्मेलन व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति बराक ओबामा की मेजबानी में आयोजित किया गया है। एक नजर डालिए इस सम्मेलन में डिनर के दौरान पीएम मोदी ने क्या-क्या और कहा।

'मेरा आतंकी', 'उसका आतंकी'
पीएम मोदी ने कहा कि यह धारणा छोड़ दीजिए कि आतंकवाद किसी और की समस्या है और ‘उसका' आतंकी ‘मेरा' आतंकी नहीं है। आतंकवाद का नेटवर्क वैश्विक तौर पर मौजूद है। लेकिन इस खतरे से निपटने के लिए हम अब भी राष्ट्रीय तौर पर ही काम करते हैं।

दो दिनों का सम्मेलन
दो दिनों के सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा व्हाइट हाउस में आयोजित डिनर के दौरान मोदी ने कहा कि परमाणु सुरक्षा एक बाध्यकारी राष्ट्रीय प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए। भी देशों को अपने अंतरराष्ट्रीय कर्तव्यों का पूरी तरह पालन करना चाहिए।

ओबामा के योगदान को सराहा
व्हाइट हाउस में डिनर के दौरान पीएम मोदी, राष्ट्रपति ओबामा से ठीक अगली सीट पर बैठे थे। इस डिनर में 20 से ज्यादा देशों के प्रमुख शामिल थे। पीएम मोदी ने परमाणु सुरक्षा पर राष्ट्रपति ओबामा की पहल के लिए उनकी सराहना की और कहा कि परमाणु सुरक्षा को विशेष तौर पर रेखांकित करके ओबामा ने वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा योगदान दिया है।

ब्रसेल्स का जिक्र
आतंकवाद के कारण दुनिया के सामने मौजूद संकट की व्यापकता के बारे में पीएम मोदी ने कहा कि ब्रसेल्स हमले दिखाते हैं कि परमाणु सुरक्षा पर आतंकवाद के कारण मंडराने वाला खतरा कितना वास्तविक और तात्कालिक है। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद चरमपंथी हिंसा का प्रयोग युद्धक्षेत्र की तरह करता है।

कंप्यूटर और स्मार्टफोन वाला आतंकी
पीएम मोदी ने कहा कि अब हम किसी गुफा में छिपे आदमी की तलाश नहीं कर रहे हैं, अब हमें उस आतंकी की तलाश है, जो शहर में मौजूद है और जिसके पास एक कंप्यूटर और स्मार्टफोन है।

21वीं सदी की टेक्नोलॉजी से लैस आतंकी
उन्होंने कहा कि परमाणु तस्करों और आतंकियों के साथ मिलकर काम करने वाले सरकारी तत्व सबसे बड़ा खतरा पैदा करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकी 21वीं सदी की तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन हमारी प्रतिक्रियाएं अब भी पुराने जमाने की हैं।












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