शहबाज सरकार ने कोर्ट में कबूला PoK नहीं है पाकिस्तान का हिस्सा, विदेशी क्षेत्र मानकर भारत को दिया मौका!
Pakistan's SHOCKING Admission on PoK: भारत में आखिरी चरण के चुनाव से पहले पाकिस्तान की तरफ से पीओके यानि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को लेकर बड़ा कबूलनामा आया है, जो भारत की ताकत को दिखाता है।
पाकिस्तान ने स्वीकार किया है, कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) उस देश का अभिन्न अंग नहीं है। पाकिस्तान, जो पीओके को आज़ाद कश्मीर या एजेके कहता है, उसने पीओके को लेकर अपनी दुविधा को उजागर किया है।

पीओके पर पाकिस्तान का कबूलनामा
पाकिस्तान सरकार के एक सरकारी वकील ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट में एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कबूल किया है, कि पीओके एक विदेशी क्षेत्र है।
पीओके को भारत एक अभिन्न अंग मानता है, और पाकिस्तान ने इसे 'आज़ाद कश्मीर' बताते हुए इस भूमि पर कब्ज़ा कर लिया था। शुक्रवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में संघीय अभियोजक जनरल ने अदालत को बताया, कि अहमद फरहाद 2 जून तक आज़ाद कश्मीर में फिजीकल रिमांड पर है। उन्हें इस्लामाबाद हाईकोर्ट में पेश नहीं किया जा सकता, क्योंकि 'आज़ाद कश्मीर' एक विदेशी क्षेत्र है।
आपको बता दें, कि अहमद फरहाद पीओके के एक पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें पिछले दिनों कश्मीर में सरकार के खिलाफ हुए विद्रोह के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था और उन्हीं को लेकर इस्लामाबाद हाईकोर्ट में मुकदमा चल रहा है और इसी केस में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने सरकार से अहमद फरहाद को कोर्ट में पेश करने के लिए कहा था।
मानवाधिकार संगठनों का आरोप है, कि अहमद फरहाद को पाकिस्तान की सेना ने गायब कर दिया है और वो पीओके के जेल में नहीं हैं, लेकिन सरकारी वकील का कहना है, कि अहमद फरहाद पीओके जेल में बंद हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी वकील की दलील से इस्लामाबाद हाई कोर्ट हैरान रह गया और उसने कहा, कि अगर 'आज़ाद कश्मीर' एक विदेशी क्षेत्र है और पाकिस्तान का अभिन्न अंग नहीं है, तो पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी रेंजर्स पाकिस्तान से 'आजाद कश्मीर' की जमीन में कैसे घुस आए।
वहीं, सरकारी वकील के दावे के बद सोशल मीडिया पर कोहराम मच गया है और पाकिस्तान के सोशल मीडिया यूजर्स कड़ी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
वकील के इस दावे पर मीडियाकर्मियों समेत कई लोगों ने उनकी आलोचना की है। वकील ने आजाद कश्मीर की स्थिति के बारे में जो दावा किया है, उससे वे काफी नाराज हैं।
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने कहा, कि "पाकिस्तान सरकार एजेके को बहुत ही नकारात्मक नजरिए से पेश कर रही है। उन्होंने इस्लामाबाद से एक कवि का अपहरण कर लिया। उनके पास अपहरण की बात स्वीकार करने का नैतिक साहस नहीं है और अब उन्होंने एजेके में उनकी गिरफ्तारी दिखाई है, और आईएचसी (इस्लामाबाद हाईकोर्ट) को बताया है, कि एजेके विदेशी क्षेत्र है। इसका मतलब है कि उनके पास एजेके में कब्जा करने वाली सेना का अधिकार है, लेकिन पाकिस्तानी अदालतों के पास कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।"
उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी इस घटना की जानकारी दी और कहा, कि "आज इस्लामाबाद हाई कोर्ट में फेडरल प्रॉसीक्यूटर जनरल ने अदालत को बताया, कि अहमद फरहाद 2 जून तक आज़ाद कश्मीर में फिजिकल रिमांड पर है। उन्हें इस्लामाबाद कोर्ट में पेश नहीं किया जा सकता, क्योंकि आज़ाद कश्मीर एक विदेशी क्षेत्र है। मुझे आश्चर्य होने लगा, कि रेंजर्स पाकिस्तान से इस विदेशी क्षेत्र में कैसे घुस आए जबकि विदेशी क्षेत्र के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा, कि उन्होंने रेंजर्स को नहीं बुलाया।"
वहीं, पाकिस्तान के एक और पत्रकार ने कहा, कि "राज्य प्रतिनिधियों ने एजेके को "विदेशी क्षेत्र" बताया है! क्या वह कह रहे हैं कि एजेके पाकिस्तान के कब्जे में है?"












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