भारतीय जासूस का पीछा करते हुए लापता हुई थी पाकिस्तानी पत्रकार, दो साल बाद लौटी वापस
नई दिल्ली। भारतीय नागरिक की तलाश कर रही पाकिस्तान की पत्रकार आखिरकार दो साल बाद लोगों के सामने आ सकी है। पाकिस्तान की 24 वर्षीय पत्रकार जीनत शहजादी 2015 में उस वक्त लापता हो गई थीं, जब वह भारत के एक नागरिक की तलाश कर रही थीं, जोकि काफी दिनों से लापता था। जीनत को पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बॉर्डर से बचाया गया। मिसिंग पर्संस कमीशन के चीफ जस्टिस जावेद इकबाल ने इस बात की पुष्टि की है। इकबाल ने आरोप लगया है कि किसी दूसरे देश और दुश्मन ने जीनत को अगवा कर लिया था, जिसे बलूचिस्तान और खैबर के आदिवासियों की मदद से ढूंढने में सफलता मिली है।

जबरदस्ती उठा ले गई थी पुलिस
जीनत उस वक्त लापता हुई थी जब उसने पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में भारत के नागरिक हामिल निहाल अंसारी की मां फौजिया के लापता होने की याचिका दायर की थी। हामिद अंसारी को जासूसी के आरोप में तीन साल की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद से ही जीनत लापता हो गई थीं। एक्टिविस्ट हिना जिलानी ने 2016 में बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि जीनत ने उनसे कहा था कि सुरक्षाकर्मी उसे जबरदस्ती उठाकर ले गए थे और उन्होंने उससे अंसारी के बारे में पूछताछ की थी।
भाई ने कर ली थी आत्महत्या
जीनत के भाई सद्दाम हुसैन ने 2016 में आत्महत्या कर ली थी। जबकि जीनत के बड़े भाई सलमान का कहना है कि हुसैन बहन के लापता होने से काफी परेशान थे। वहीं जीनत के मिल जाने के बाद फौजिया ने कहा कि वह इस खबर के सामने आने के बाद काफी खुश हैं, मुझसे पूछा गया था कि अपने बेटे और जीनत में से किसे चुनुंगी, मैंने कहा था कि जीनत। आज मेरी वह इच्छा पूरी हो गई। फौजिया ने जीनत से आखिरी बार अगस्त 2015 में मुलाकात की थी। दोनों एक दूसरे से इससे पहले अक्सर बातें करते थे।
मेरी दुआ कबूल हो गई
फौजिया ने बताया कि हम पहली बार मक्का में मिले थे, मैं वहां अपने बेटे के लिए दुआ मांगने के लिए गई थी, उस वक्त मुझे लगा कि कोई मुझसे फोन पर बात करना चाहता है, मैंने जब फोन किया तो जीनत ने अपने बारे में बताया, उसने कहा कि वह उनकी मदद करेगी, मुझे ऐसा लगा कि मेरी दुआ कबूल हो गई थी। फौजिया ने बताया कि यूके एक्टिविस्ट जस उप्पल ने मेरी मुलाकात जीनत से कराई थी, वह मेरे बेटे को ढूंढने की काफी कोशिश कर रही थी। मेरा बेटा नवंबर 2012 मे लापता हो गया था, वह अफगानिस्तान में नौकरी की तलाश में गया था। बाद में फौजिया को पता चला कि उनका बेटा पाकिस्तान में किसी लड़की से प्यार करता है और वह अपनी प्रेमिका की शादी किसी और से हो रही थी उसे रोकने के लिए सीमा पार चला गया था।
पुलिस ने माना अंसारी को किया गिरफ्तार
फौजिया ने जीनत ने मुझसे इस बात की इजाजत मांगी थी कि मैं उन्हें अधिकृत करूं कि वो उनके बेटे की जानकारी के लिए पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सके। 2016 में हमे बड़ी सफलता तब मिली जब पुलिस ने पेशावर कोर्ट में कहा कि हमने अंसारी को 2012 में गिरफ्तार किया था और उसे खुफिया विभाग के सुपुर्द कर दिया था।
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