क्या हाफिज सईद को भारत भेजने वाला है पाकिस्तान? नई दिल्ली की मांग पर आया बौखलाहट भरा बयान
Hafiz Saeed News: पाकिस्तानी मीडिया ने नया दावा किया है, कि भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक और 26/11 आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है, जिसपर पाकिस्तान की तरफ से प्रतिक्रिया दी गई है।
पाकिस्तानी मीडजिया ने दावा किया है, कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को भारत सरकार से आधिकारिक अनुरोध प्राप्त हुआ है, जिसमें हाफिज सईद के प्रत्यर्पण के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया गया है।

लेकिन, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है, कि "इसपर कोई टिप्पणी नहीं, यह काल्पनिक रिपोर्टिंग है।"
हाफिज सईद के प्रत्यर्पण के भारत के अनुरोध पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ये प्रतिक्रिया बौखलाहट से भरी हुई है, क्योंकि भारत की दबाव की वजह से ही पाकिस्तान को अपने आतंकियों के सरदार को जेल में बंद करने के लिए बाध्य होना पड़ा।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जहरा बलोच से जब पूछा गया, कि क्या भारत ने हाफिज सईद के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है, तो उन्होंने कहा, कि "यह अटकलों पर आधारित रिपोर्टिंग है और हम ऐसे सवालों को लेकर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।"
हालाकि, भारतीय सूत्र ने भी इस बात को माना है, कि भारत सरकार की तरफ से हाफिज सईद के प्रत्यर्पण की मांग की गई है और बताया जा रहा है, कि भारत सरकार ने पाकिस्तान से हाफिज सईद के प्रत्यर्पण के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किा है।
भारत के राजनयिक सूत्रों के हवाले से इंडिया टीवी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि "भारत ने (उस प्रक्रिया के हिस्से के रूप में जो वह नियमित आधार पर करता है) औपचारिक रूप से पाकिस्तान से 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों के मामले में आरोपों का सामना करने के लिए हाफिज सईद को प्रत्यर्पित करने का अनुरोध किया है। भारत ने हाफ़िज़ सईद के प्रत्यर्पण के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है।"
पाकिस्तान स्थित समाचार आउटलेट इस्लामाबाद पोस्ट में इसकी पुष्टि की गई है।
विशेष रूप से, सईद, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी भी है, प्रतिबंधित जमात-उद-दावा (जेयूडी) के कुछ अन्य नेताओं के साथ कई आतंकी वित्त मामलों में कई वर्षों तक दोषी ठहराए जाने के बाद 2019 से जेल में है। सईद के नेतृत्व वाला जेयूडी लश्कर-ए-तैयबा का अग्रणी संगठन है, जो 2008 के मुंबई हमले को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार है, जिसमें छह अमेरिकियों सहित 166 लोग मारे गए थे।
आज तक हाफ़िज़ सईद का प्रत्यर्पण क्यों नहीं हुआ?
गौरतलब है, कि भारत और पाकिस्तान के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है। हालांकि, नई दिल्ली ने पहले इस्लामाबाद के साथ विस्तृत दस्तावेज साझा किए हैं, लेकिन अब तक पड़ोसी देश ने न तो सहयोग किया और न ही नामित आतंकवादियों को प्रत्यर्पित किया है।
इसके अलावा, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है, कि "प्रत्यर्पण संधि" को शिमला समझौते के साथ भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए।
1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद शिमला समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह देशों के बीच शत्रुता को समाप्त करने के लिए एक औपचारिक समझौता था। इसके अलावा, दोनों देश शांतिपूर्ण संबंधों के लिए एक व्यापक योजना पर भी सहमत हुए।
समझौते का सारांश यह है, कि ये समझौता मार्गदर्शक सिद्धांतों का एक सेट है, जिसे दोनों देश एक-दूसरे के साथ संबंधों का प्रबंधन करते समय पालन करने पर सहमत हुए हैं। दोनों देश एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करने और दूसरे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने पर सहमत हुए थे।
हाल ही में खबर आई थी, कि हाफिज सईद समर्थित पार्टी पाकिस्तान में आगामी आम चुनाव लड़ रही है। पाकिस्तानी अंग्रेजी दैनिक डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाफिज मुहम्मद सईद द्वारा समर्थित मानी जाने वाली पार्टी पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) ने प्रत्येक राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं।












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