Pakistani Baggers: सऊदी ने मारा शरीफ के गाल पर तमाचा! 56000 भिखारियों को बुरी तरह खदेड़ा
Pakistani Baggers: पाकिस्तान की यूं तो कई बार घनघोर बेइज्जती हो चुकी है। लेकिन अब पाकिस्तानियों द्वारा खाड़ी देशों में भीख मांगने के मामलों ने उसकी इंटरनेशनल भद्द पिटवा दी है। उनके खाड़ी देशों में आने पर बैन, सख्त वीजा नियम और 'नो-फ्लाई' लिस्ट के बावजूद हजारों लोग विदेश जाकर भीख मांग रहे हैं। हाल ही में सऊदी अरब ने करीब 56,000 पाकिस्तानी भिखारियों को डिपोर्ट किया है। यह आंकड़ा बताता है कि समस्या कितनी गंभीर हो चुकी है।
2025 में हजारों यात्रियों को एयरपोर्ट से उतारा गया
पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने 2025 में बड़ा एक्शन लिया। FIA प्रमुख रिफत मुख्तार के मुताबिक, संगठित भिखारी गिरोहों को रोकने के लिए 66,154 यात्रियों को उड़ानों से उतारा गया। उन्होंने पुष्टि की कि सऊदी अरब से लौटाए गए 56,000 लोग संगठित भीख मांगने में शामिल थे। इसके बावजूद यह नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो सका।

खाड़ी देशों की जेलों में 90% भिखारी पाकिस्तानी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व के देशों में हिरासत में लिए गए भिखारियों में से करीब 90% पाकिस्तानी नागरिक हैं। ये लोग इराक, सऊदी अरब और यूएई की जेलों में बंद हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए यूएई ने हाल ही में पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा देना बंद कर दिया, क्योंकि आशंका थी कि लोग आपराधिक गतिविधियों और भीख मांगने में शामिल हो सकते हैं।
उमरा और टूरिस्ट वीजा का दुरुपयोग
पाकिस्तानी नेशनल असेंबली के संसदीय पैनल के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग उमरा और टूरिस्ट वीजा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले साल सऊदी अरब ने पाकिस्तान से आग्रह किया था कि मक्का और मदीना में भीख मांगने वालों को रोका जाए। इस दुरुपयोग की वजह से असली तीर्थयात्रियों और छात्रों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पाकिस्तान की छवि को भारी नुकसान
FIA प्रमुख रिफत मुख्तार ने कहा कि अवैध प्रवासन और पेशेवर भिखारी गिरोहों ने पाकिस्तान की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। 2024 में सऊदी अरब के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने भी चेतावनी दी थी कि यह स्थिति हज और उमरा यात्रियों पर नकारात्मक असर डालेगी। इस्लामाबाद के उस्मान ने X पर लिखा था कि उमरा के दौरान पाकिस्तानी भिखारियों को देखकर उन्हें शर्म महसूस हुई।
'मास्टर मैनिपुलेटर' बने पेशेवर भिखारी
कानूनी विशेषज्ञ राफिया जकारिया ने 'डॉन' में लिखा कि कई भिखारी पेशेवर हैं, जो भावनात्मक दबाव बनाकर पैसे निकलवाते हैं। उन्होंने बताया कि मक्का और मदीना के बाहर दुकान लगाकर विदेशी तीर्थयात्रियों को परेशान किया जाता है। यह समस्या सिर्फ सऊदी अरब तक सीमित नहीं, बल्कि यूएई, कुवैत, अज़रबैजान और बहरीन तक फैल चुकी है।
कानून मानने वाले पाकिस्तानियों पर भी असर
इस पूरे मामले का सबसे बड़ा नुकसान उन पाकिस्तानियों को हो रहा है, जो ईमानदारी से काम, पढ़ाई या तीर्थयात्रा के लिए विदेश जाना चाहते हैं। बढ़ती वीजा जांच और लगातार हो रही वीजा अस्वीकृति ने उनकी राह और मुश्किल कर दी है। साफ है कि जब तक इस समस्या पर सख्ती से रोक नहीं लगेगी, पाकिस्तान की साख और आम नागरिकों का भविष्य दोनों प्रभावित होते रहेंगे।
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