IMF के कर्ज देने से इनकार करते ही पाकिस्तान में तहलका, देश में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की चेतावनी
IMF के साथ 1.1 अरब डॉलर की कर्ज किश्त को लेकर समझौता फेल होना पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका है और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर इसका गंभीर असर पड़ेगा।

IMF Pakistan Loan: भीषण आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान को करीब 10 दिनों तक चली मैराथन बैठक के बाद आईएमएफ ने लोन की अगली किश्त देने से इनकार कर दिया है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अधिकारी 10 दिनों की कठिन बैठक के बाद भी स्टाफ लेवल एग्रीमेंट तक पहुंचने में फेल हो गये हैं। इस बैठक का मकसद नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए 1.1 अरब डॉलर का नया लोन उपलब्ध करवाना था।

पाकिस्तान में पेट्रोल संकट
द न्यूज ने आज अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि पाकस्तान की रिफाइनरियों ने फरवरी के मध्य तक पेट्रोल संकट की चेतावनी दे दी है। रिफाइनर्स ने कहा है, कि पाकिस्तान सरकार अगर डॉलर्स में भुगतान के मुद्दे को सुलझाने में नाकाम रहती है, तो देश में पेट्रोल संकट शुरू हो जाएगा। फाइनरियों ने बताया है, कि कि कच्चे माल और एडिटिव्स के भुगतान में देरी के साथ-साथ डॉलर की कमी ने बड़े पैमाने पर पेट्रोल के प्रोडक्शन पर गंभीर असर डाला है और देश में पेट्रोल का प्रोडक्शन कम हो गया है। स्थानीय रिफाइनरियों ने राज्य के पेट्रोलियम राज्य मंत्री डॉ. मुसादिक मलिक और स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) के गवर्नर डॉ. जमील अहमद को अलग-अलग पत्रों में चेतावनी दी है। उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा है, कि "यदि तत्काल उपाय नहीं किए गए, तो फरवरी 2023 के मध्य में स्थिति बेहद गंभीर हो जाएगी।" ये पत्र संयुक्त रूप से पाकिस्तान रिफाइनरी लिमिटेड, नेशनल रिफाइनरी, अटक रिफाइनरी और Cnergyico Refinery ने मिलकर लिखा है।

देश में शुरू हो गई जमाखोरी
पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 3 अरब डॉलर से कम हो गया है, जिसकी वजह से पाकिस्तान को लेटर ऑफ क्रेडिट के जरिए भी कच्चे तेल को खरीदने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लिहाजा पाकिस्तान के रिफाइनर्स तेल उत्पादक देशों से काफी कम तेल खरीद पा रहे हैं। वहीं, अखबार ने ये भी लिखा है, कि पूरे देश में पेट्रोल खत्म होने का संदेश चला गया है, जिसकी वजह से पंजाब प्रांत में पेट्रोल की भारी जमाखोरी शुरू हो गई है, जिससे कई पेट्रोल पंपों पर अब पेट्रोल नहीं मिल रहे हैं, लिहाजा अफरातफरी का माहौल बनने लगा है। वहीं, द न्यूज का कहना है, कि रिफाइनर्स ने पाकिस्तान सरकार को जो चिट्ठी लिखी है, उसकी एक प्रति उसके पास है। इस चिट्ठी में रिफाइनर्स ने शहबाज सरकार से कहा है, कि वो वो फौरन पेट्रोल और डीजल को प्राथमिकता सूचि में शामिल करे।

अगले हफ्ते से आने लगेंगी बेकाबू तस्वीरें?
पूरी आशंका है, कि पाकिस्तान से अगले हफ्ते से श्रीलंका संकट के समय जैसी तस्वीरें आने लगेंगी, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों को पेट्रोल पंपों के बाहर देखा जाएगा। पाकिस्तानी अखबार का कहना है, कि सरकार पहले ही गैर-जरूरी सामानों के आयात पर रोक लगा चुकी है, वहीं पाकिस्तान के बैंक्स विदेशी सामानों की खरीददारी की इजाजत नहीं दे रहे हैं, ताकि डॉलर के भंडार को और खत्म होने से रोका जा सके। इसके अलावा पाकिस्तान के बैकों ने लेटर ऑफ क्रेडिट जारी करना भी बंद कर दिया, लिहाजा पाकिस्तान के रिफाइनर्स विदेशों से तेल नहीं खरीद पा रहे हैं। जिसको लेकर रिफाइनरियों ने आगाह किया है, कि इस तरह की स्थिति में पाकिस्तान में पेट्रोल खत्म हो जाएगा और देश में स्थानीय उत्पादन बंद हो सकता है।

तेल कंपनियों की चेतावनी का मतलब
पाकिस्तान की तेल कंपनियों ने सरकार को जो चिट्ठी लिखी है, उसमें कहा गया है, कि विदेशी मुद्रा भंडार में भारी कमी की वजह से पेट्रोल से बनाए जाने वाले दूसरे प्रोडक्ट्स का उत्पादन भी काफी कम हो गया है, क्योंकि तेल कंपनियों को पहले से ही डॉलर की कमी की वजह से तेल खरीदने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। वहीं, तेल कंपनियों ने इस बात को लेकर भी सरकार को गंभीर चेतावनी दी है, कि विदेशी मुद्रा बचाने के लिए तेल के क्षेत्र में लेटक ऑफ क्रेटिड जारी करने में रोक लगाने से सरकार को बचना चाहिए, अन्यथा स्थिति विकराल हो सकती है। रिफाइनरियों ने केंद्रीय बैंक से बैंकों को रिफाइनरियों के लिए क्रेडिट पत्र जारी करने के लिए कहा है और ऐसा नहीं करने पर देश में अप्रिय स्थिति के उत्पन्न होने की चेतावनी दी है।

पाकिस्तान में तेल की कमी की खबरें
वहीं, जियो न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि पाकिस्तान के अलग अलग हिस्सों से तेल की कमी की खबरें आने लगी हैं। जिसको लेकर पाकिस्तान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (PPDA) ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय से इस कमी के कारणों का पता लगाने के लिए तुरंत एक समिति का गठन करने के लिए कहा है। समिति में तेल और गैस नियामक प्राधिकरण (ओजीआरए), मीडिया टीमों और जिला प्रशासन सहित विभिन्न हितधारकों को शामिल करने का आग्रह किया है। इन संयुक्त टीमों को अलग-अलग तेल डिपो और पंपों पर छापा मारने के लिए कहा गया है, ताकि मौजूदा कमी की वजह का पता लग सके, खासकर पंजाब पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल जो तेल की कमी हो रही है, उसके पीछे जमाखोरी है, क्योंकि देश में ऐसा माहौल बन गया है, कि अगले हफ्ते से पेट्रोल खत्म हो जाएगा।












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