पाकिस्तान में TLP पर प्रतिबंध के बाद गृहयुद्ध, हजार से ज्यादा पुलिसवाले घायल, इमरान खान नाकाम
पाकिस्तान में कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक का प्रदर्शन लगातार जारी है और देश में गृहयुद्ध जैसे हालात हैं। इमरान खान ने कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेक दिए हैं।
इस्लामाबाद/लाहौर, अप्रैल 18: पाकिस्तान में कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक ने पूरे पाकिस्तान को गृहयुद्ध में झोंक दिया है और इमरान खान की सरकार ने कट्टरपंथियों के आगे अपने घुटने टेक दिए हैं। पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार और जियो न्यूज के संपादक हामिद मीर ने एक वीडियो शेयर करते हुए पाकिस्तान की बुरी स्थिति को दुनिया के सामने रखा है साथ ही पाकिस्तान में पत्रकारों की बेबसी को लेकर भी सवाल उठाया है। हामिद मीर ने जो वीडियो शेयर किया है, उससे जाहिर होता है कि पाकिस्तान की इमरान खान सरकार कट्टरपंथियों के आगे पूरी तरह से फेल हो गई है और सरकार के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है। वहीं पाकिस्तानी अखबार डॉन न्यूज के मुताबिक बैन लगने के बाद टीएलपी ने बैन लगने के बाद और ज्यादा उपद्रव मचाना शुरू कर दिया है और एक डीएसपी समेत 5 पुलिसवालों को बंधक बना लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कट्टरपंथियों ने डीएसपी को बुरी तरह से टॉर्चर किया है, जिससे डीएसपी की स्थिति काफी ज्यादा खराब है। वहीं, प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि अभी तक 600 से ज्यादा पुलिसवाले घायल हुए हैं जबकि स्वतंत्र रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अब तक हजार से ज्यादा पुलिसवाले घायल हो चुके हैं।
कट्टरपंथियों का उपद्रव
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक प्रतिबंधित संगठन टीएलपी के कार्यकर्ताओं ने एक डीएसपी को बंधक बनाकर बुरी तरह से पीटा है, जिसके डीएसपी बुरी तरह से घायल हो गये हैं। वहीं 4 और पुलिसवालों को बंधक बनाया गया है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक डीएसपी अपनी टीम के साथ लाहौर में टीएलपी के कार्यकर्ताओं को रास्ते से हटाने की कोशिश कर रहे थे तभी लाहौर के यतीम खाना चौक पर टीएलपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस बल पर हमला कर दिया। पाकिस्तान के पंजाब पुलिस के मुताबिक 'शरारती तत्वों ने पुलिस जवानों और पुलिस अधिकारियों पर हमला कर दिया और तमाम पुलिस अधिकारी और जवान टीएलपी कार्यकर्ताओं के बीच फंस गये और फिर कट्टरपंथियों ने उन्हें बुरी तरह से पीटा है'
पाकिस्तान में गृहयुद्ध!
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने पाकिस्तान की इस हालात के लिए इमरान खान सरकार की जमकर मजम्मत की है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान के अलग अलग हिस्सों से जो तस्वीरें आ रही हैं, उन्हें दिखाने से टीवी चैनलों को पाकिस्तान की सरकार ने मना कर दिया। पाकिस्तान के पत्रकारों को इमरान खान सरकार की नाकामी उजागर करने की इजाजत नहीं है। वहीं, पंजाब पुलिस का कहना है कि टीएलपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ या किसी भी मस्जिद के खिलाफ पुलिस बल ने कोई ऑपरेशन नहीं चलाया था। टीएलपी कार्यकर्ताओं ने ही पुलिस बल पर हमला किया था। पंबाज पुलिस के मुताबिक टीएलपी कार्यकर्ताओं ने एक तेल टैंकर को लूट लिया है, जिसमें 50 हजार लीटर पेट्रोल भरा था। पुलिस के मुताबिक टीएलपी कार्यकर्ताओं के हाथ में काफी खतरनाक हथियार हैं और पाकिस्तान की पुलिस ने किसी भी मस्जिद या किसी भी मदरसे के खिलाफ कोई ऑपरेशन नहीं चलाया है।
सैकड़ों पुलिसवाले घायल
पाकिस्तान के अलग अलग हिस्सों से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में सैकड़ों पुलिसवाले घायल हुए हैं वहीं पुलिस की जबावी कार्रवाई में टीएलपी के कई कार्यकर्ता मारे गये हैं। पंजाब पुलिस के आज के ट्वीट के मुताबिक सिर्फ आज पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 11 पुलिसकर्मी बुरी तरह जख्मी हुए हैं। वहीं, तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। वहीं, प्रतिबंधित संगठन टीएलपी के प्रवक्ता ने एक वीडियो मैसेज जारी करते हुए कहा है कि 'लाहौर पुलिस ने सुबह आठ बजे अचानक उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया, जिसमें टीएलपी के कई कार्यकर्ता शहीद हो गये हैं जबकि कई कार्यकर्ता जख्मी हैं'। टीएलपी प्रवक्ता ने अपने वीडियो मैसेज में कहा है कि 'फ्रांस के राजनयिक के पाकिस्तान छोड़ने के बाद ही टीएलपी कार्यकर्ताओं को दफनाया जाएगा'

सैकड़ों वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
पाकिस्तान में चल रहे गृहयुद्ध की सैकड़ों तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। सैकड़ों वीडियो भी पाकिस्तान के अलग अलग हिस्सों से लोग शेयर कर रहे हैं। कई वीडियो में दिख रहा है कि पाकिस्तान में पुलिसवालों पर हमला किया जा रहा है वहीं एक वीडियो में दिख रहा है कि दर्जनों लोग पाकिस्तान की सड़कों पर मरे पड़े हैं और उनके शव को उठाने वाला भी कोई नहीं है। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सिर्फ ट्विटर के जरिए शांति की अपील कर रहे हैं। अपने एक ट्वीट में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा है कि 'मैं अपने देश की पुलिस कार्यकर्ताओं को स्पेशल ट्रिब्यूट पेश करना चाहता हूं, जिन्होंने इस हिंसा के खिलाफ डटकर मुकाबला किया है। पाकिस्तान में अराजक स्थिति बनाकर सरकार को ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा रही है। अब तक पाकिस्तान में 4 पुलिसवाले शहीद हो चुके हैं और 600 से ज्यादा पुलिसवाले घायल हुए हैं। पूरा पाकिस्तान शहीद पुलिसकर्मियों का कर्जदार रहेगा'

तहरीक-ए-लब्बैक पर प्रतिबंध
इमरान खान सरकार ने तहरीक-ए-लब्बैक को प्रतिबंधित संगठन तो घोषित कर दिया है लेकिन अभी तक इसे आतंकी संगठन घोषित नहीं किया गया है। पाकिस्तान सरकार ने पूर देश में हिंसा फैलाने के आरोप में आतंकवाद अधिनियम के तहत तहरीक-ए-लब्बैक को प्रतिबंधित कर दिया है। आपको बता दें कि तहरीक-ए-लब्बैक के नाम पर पाकिस्तान में गृहयुद्ध छिड़ा हुआ है और लाखों लोग सड़क पर उतरे हुए हैं। लोग कट्टरपंथी मौलाना साद रिजवी को रिहा करने की मांग कर रहे हैं।

फ्रांस ने नागरिकों को वापस बुलाया
फ्रांस उधर, फ्रांस की सरकार ने पाकिस्तान में रहने वाले फ्रांसीसी नागरिकों को तत्काल देश छोड़ देने की सलाह दी है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थिति फ्रासीसी दूतावास ने एक ईमेल के जरिए अपने नागरिकों को फौरन पाकिस्तान छोड़ देने के लिए कहा है। फ्रांस सरकार ने अपने नागरिकों से कहा है कि उनके ऊपर पाकिस्तान में जानलेवा खतरा मंडरा रहा है, लिहाजा पाकिस्तान के किसी भी हिस्से में रहने वाले फ्रांसीसी नागरिक पाकिस्तान को छोड़कर या तो वापस फ्रांस आ जाए या फिर फौरन किसी और देश चले जाएं। वहीं, पाकिस्तान में हिंसा की वजह से अबतक सात से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।









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