चैंपियंस ट्रॉफी से पहले पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाकर भीषण हमला, कम से कम 12 जवानों की मौत, छिनेगा आयोजन?
Pakistan Terrorist Attack: पाकिस्तान में सेना के जवानों को निशाना बनाकर भीषण आतंकवादी हमला किया गया है, जिसमें कम से कम 12 जवानों की मौत हो गई है। इंटर-सर्वि सेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने बुधवार को बताया है, कि "खैबर पख्तूनख्वा (KP) के बन्नू जिले में हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 12 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए।"
सेना की मीडिया शाखा ने एक बयान में कहा है, कि आतंकवादियों या "ख्वारिज" ने 19 नवंबर (मंगलवार) को बन्नू के माली खेल के सामान्य क्षेत्र में एक संयुक्त चेक पोस्ट पर हमला करने का प्रयास किया था।

पाकिस्तानी सेना पर भीषण आतंकी हमला
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चार खुफिया और सुरक्षा अधिकारियों ने बुधवार को बताया है, कि एक आत्मघाती हमलावर ने उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में एक सुरक्षा चौकी पर विस्फोटकों से लदे अपने वाहन में विस्फोट कर दिया, जिसमें कम से कम 12 सुरक्षा बलों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह हमला हाल के महीनों में सबसे घातक हमलों में से एक है।
यह हमला मंगलवार शाम को अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में हुआ है। पाकिस्तानी तालिबान के एक अलग गुट, जिसे हाफिज गुल बहादुर समूह के नाम से जाना जाता है, उसने एक बयान में हमले की जिम्मेदारी ली है। सरकार की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई, लेकिन सुरक्षा और खुफिया अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षाकर्मी हमले की साजिश रचने वालों को निशाना बनाकर अभियान चला रहे हैं।
अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बात की है, क्योंकि उन्हें पत्रकारों से बात करने की अनुमति नहीं थी।
नवंबर 2022 से पाकिस्तान में हिंसा में लगातार वृद्धि देखी गई है, जब पाकिस्तानी तालिबान ने इस्लामाबाद में सरकार के साथ महीनों तक चले संघर्ष विराम को समाप्त कर दिया था।
पाकिस्तानी तालिबान, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या टीटीपी के नाम से भी जाना जाता है, वो एक अलग समूह है, लेकिन अफगानिस्तान तालिबान का सहयोगी है, जिसने 2021 में अफगानिस्तान में सत्ता पर कब्जा कर लिया था। अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे ने टीटीपी को बढ़ावा दिया, जिसके शीर्ष नेता और लड़ाके अफगानिस्तान में छिपे हुए हैं।
दिसंबर 2023 में, एक आत्मघाती हमलावर ने उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के एक जिले डेरा इस्माइल खान में एक पुलिस स्टेशन के मुख्य द्वार को निशाना बनाया था, जिसमें 23 सैनिक मारे गए थे।
मंगलवार को बन्नू में हमला उस समय हुआ जब देश का राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व इस्लामाबाद में बैठक कर रहा था ताकि उग्रवादी हिंसा में वृद्धि का जवाब कैसे दिया जाए, इस पर चर्चा की जा सके।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी सहित अलगाववादी समूहों के खिलाफ एक "व्यापक सैन्य अभियान" को मंजूरी दी है। यह आदेश 9 नवंबर को प्रांत की राजधानी क्वेटा में एक ट्रेन स्टेशन पर किए गए आत्मघाती हमले के बाद आया है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
हाल के महीनों में उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में भी हिंसा की बाढ़ आ गई है, जहां सुरक्षा बल अक्सर टीटीपी और गुल बहादुर समूह को निशाना बना रहे हैं।
वरिष्ठ डिफेंस एक्सपर्ट और इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज के प्रबंध निदेशक अब्दुल्ला खान ने कहा, कि 2022 में टीटीपी द्वारा सरकार के साथ संघर्ष विराम समाप्त करने के बाद से पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों में 900 से ज्यादा सुरक्षा बल मारे गए हैं। खान ने कहा, "टीटीपी और अन्य समूहों ने अपने अभियानों का विस्तार किया है, जिससे पता चलता है, कि उन्हें अधिक भर्ती, धन और हथियार मिल रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि विद्रोहियों को हराने के लिए देश में राजनीतिक स्थिरता की आवश्यकता है। पाकिस्तान, 2022 से राजनीतिक संकट में फंसा हुआ है, जब तत्कालीन प्रधान मंत्री इमरान खान को संसद में अविश्वास प्रस्ताव में हटा दिया गया था। उन्हें 2023 में गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। तब से, उनके समर्थक उनकी रिहाई की मांग को लेकर रैली कर रहे हैं।












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