इमरान खान और उनकी सरकार के कामकाज से निराश हुई पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने इमरान की सरकार को फटकार लगाई है। जेमिमा पाकिस्तान सरकार के उस फैसले से नाराज हैं जिसके तहत पाक के जाने-माने मशहूर प्रोफेसर और अर्थशास्त्री आतिफ मियां को उनके पद से हटा दिया गया हैं।
लंदन। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने इमरान की सरकार को फटकार लगाई है। जेमिमा पाकिस्तान सरकार के उस फैसले से नाराज हैं जिसके तहत पाक के जाने-माने मशहूर प्रोफेसर और अर्थशास्त्री आतिफ मियां को उनके पद से हटा दिया गया हैं। आतिफ मियां अहमदी मत के अनुयायी हैं और इस वजह से उन्हें सरकार ने हटा दिया है। जेमिमा ने ट्वीट की इमरान की सरकार के लिए अपनी नाराजगी का इजहार किया।

ट्वीट कर इमरान पर बोला हमला
जेमिमा ने शुक्रवार को एक के बाद एक कई ट्वीट करके अपने पति रहे इमरान खान पर हमला बोला। इमरान की सरकार ने दबाव में आकर अर्थशास्त्री को हटा दिया है। आतिफ मियां अहमदी मुस्लिम मत को मानते हैं और इस वजह से सरकार पर काफी दबाव था। जेमिमा ने ट्वीट में लिखा कि पाकिस्तान के फाउंडर, कैद-ए-आजम ने अहमदी मत को मानने वाले शख्स को अपना विदेश मंत्री नियुक्त किया था। जेमिमा ने सरकार के इस कदम को निराशाजनक और असमर्थनीय करार दिया है। जेमिमा और इमरान की शादी साल 1995 में हुई थी और साल 2004 में दोनों का तलाक हो गया था।
कौन हैं आतिफ मियां
25 जुलाई को जब पाकिस्तान में चुनाव हुए थे तो इमरान के दो बच्चों की मां जेमिमा ने उन्हें जीत पर बधाई दी थी। हालांकि उस समय जेमिमा ने यह भी कहा था कि इमरान के सामने कई चुनौतियां भी हैं जिन्हें इमरान को पूरा करना होगा। 43 वर्ष के आतिफ मियां प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं। इमरान ने हाल ही में अपने नए इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल में शामिल किया था। इमरान के ऐलान के बाद से ही कई संगठनों ने उनका विरोध शुरू कर दिया था। आतिफ एक अहमदी मुस्लिम हैं और पाकिस्तान में इनके साथ सही बर्ताव नहीं होता है।

क्या हैं पाकिस्तान में अहमदी
अहमदी खुद को मुसलमान मानते हैं लेकिन उनके विश्वासों को धर्म के विरूद्ध माना जाता है। पाकिस्तान के संविधान में उन्हें गैर-मुसलमान का दर्जा दिया गया है। इमरान की सरकार की ओर से इस फैसले का बचाव किया गया है। सरकार में सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा था, 'पाकिस्तान जितना बहुसंख्यकों का है उतना ही अल्पसंख्यकों का भी है। लेकिन हम हाल ही में आई एक वीडियो क्लिक के बाद चरमपंथियों के सामने नहीं झुकेंगे।' लेकिन फवाद के इस ऐलान के तीन दिन बाद ही सरकार दबाव के आगे झुक गई और आतिफ को हटा दिया गया। चौधरी ने ट्वीट कर कहा, 'सरकार ने इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल से आतिफ मियां को हटाने का फैसला किया है।












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