पाकिस्तान की बड़ी चाल, वॉचलिस्ट से हटाए मुंबई हमले के मास्टरमाइंड समेत 4000 आंतकियों के नाम
न्यूयॉर्क। कोरोना महासंकट के बीच पाकिस्तान ने खुद को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे सूची से हटाए जाने के लिए बड़ी चाल चली है। पिछले 18 महीने में पाकिस्तान ने आतंकी निगरानी सूची यानी टेररिस्ट वॉचलिस्ट से 3800 आतंकियों के नाम हटा दिये हैं। यही नहीं इस लिस्ट से मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड जकी-उर्रहमान लखवी का नाम भी हटा दिया गया है।

FATF की बैठक से पहले पाकिस्तान ने खेला दांव
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की नेशनल काउंटर टेररिज्म अथॉरिटी इस लिस्ट को देखती है। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों के साथ वित्तीय संस्थानों के बिजनस ना करने में मदद करना है। इस लिस्ट में वर्ष 2018 में कुल 7600 नाम थे लेकिन पिछले 18 महीने में इसकी संख्या को घटाकर अब 3800 कर दिया गया है। यही नहीं इस साल मार्च महीने की शुरुआत से लेकर अब तक 1800 नामों को लिस्ट से हटाया गया है।

आतंकी जकी-उर्रहमान लखवी का नाम भी टेररिस्ट वॉचलिस्ट में नहीं
आतंकी जकी-उर्रहमान लखवी का नाम भी टेररिस्ट वॉचलिस्ट में नहीं है। इमरान ने 9 मार्च को सरकार में आने के बाद से 27 तक एक झटके में 1,069 नाम इस लिस्ट से हटा दिए। 27 मार्च के बाद से सभी तक अलग-अलग मौकों पर 800 और नाम इस लिस्ट से हटाए गए। इसके बाद इन नामों को डी-नोटिफाइड लिस्ट में डाल दिया गया। डी-नोटिफाइड लिस्ट में नाम डालने का मतलब ये है कि पाकिस्तान ने आधाकारिक तौर पर इन लोगों के नाम आतंकी निगरानी सूची से हटा दिये हैं।

27 कार्यों में से 13 को पाकिस्तान पूरा नहीं कर पाया
इतने बड़े पैमाने पर नामों को हटाने के बाद भी इमरान खान सरकार ने अभी तक सार्वजनिक रूप से इसका कोई कारण नहीं बताया है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को 27 बिंदुओं पर एक्शन लेने के लिए जून तक का वक्त दिया है। एफएटीएफ ने फरवरी में कहा था कि उसकी ओर से दिए गए 27 कार्यों में से 13 को पाकिस्तान पूरा नहीं कर पाया है। जबकि ये 13 कार्रवाइयां ज्यादातर आतंकी फंडिंग से संबंधित हैं।












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