Pakistan: पाकिस्तान में PML-N ने इमरान की पार्टी PTI से बातचीत से किया इनकार, कहा- बार- बार नहीं बुलाएंगे
पाकिस्तान में पीएमएल-एन ने शनिवार को मुख्य विपक्षी पीटीआई पार्टी के साथ बातचीत की किसी भी संभावना को इस हफ्ते खारिज कर दिया। एक बयान में सत्तारूढ़ दल के एक नेता ने कहा कि जब पीटीआई के नेता संसद में पहुंच रहे हैं, तो उन्हें मुद्दों पर बात करनी चाहिए। पाक मीडिया के मुताबिक, पीएमएल-एन के एक वरिष्ठ नेता इरफान सिद्दीकी ने कहा कि बार- बार वार्ता के लिए पीटीआई को बुलाया जाना आवश्यक नहीं। सिद्दीकी ने कहा कि बातचीत की जिम्मेदारी से बढ़ना पीटीआई का भी विषय है।
पाकिस्तान में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध कम नहीं रहा है। पीएमएल-एन के एक वरिष्ठ नेता इरफान सिद्दीकी ने कहा कि उन्होंने बार-बार कहा है कि जब पीटीआई के नेता संसद में आ ही गए हैं, तो कम से कम वहां बैठक मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन वे बात ही नहीं करना चाहते हैं। सिद्दीकी ने एक बयान में कहा, "अब हम भी यह मानते हैं कि हम बार-बार उन्हें (PTI) नहीं बुलाएंगे।"

क्या है मामला?
पिछले साल इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद उनके सैकड़ों समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने नौ मई को दर्जनों सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया। इनमें जिन्ना हाउस (लाहौर कोर कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई का कार्यालय शामिल थे। पहली बार रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) को भी भीड़ ने निशाना बनाया था। मामला अब भी कोर्ट में लंबित है।
ऐसे में पीएमएल-एन नेता सिद्दीकी ने कहा कि पीटीआई से बातचीत नहीं चाहती है और खासकर नौ मई की हिंसा के पीछे पार्टी का हाथ देखते हुए बातचीत की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि पीटीआई यह समझे कि सेना से नहीं बल्कि नेताओं से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शायद विपक्षी गठबंधन के नेता महमूद खान अचकजई पीटीआई को राजनीतिक बातचीत की जरूरत समझा सकेंगे।
सिद्दीकी ने शुक्रवार को कहा, "हम बार-बार कहते रहे, 'ठीक है, आप सदन संसद में आ गए हैं - जिस तरह से भी आप आए हैं - तो कम से कम उस स्तर पर एक साथ बैठें और अपने मामलों को सुलझाने की कोशिश करें' ...वे बात नहीं करना चाहते, और हमने भी सोचा है कि अब हम बार-बार अपनी छतों से उनसे नहीं कहेंगे कि 'आओ, हमसे बात करो।"
बता दें कि 2022 में खान को सत्ता से बाहर करने के बाद से खान की पार्टी और पीएमएल-न के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। उनकी पार्टी पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा ने इन संबंधों में और तनाव पैदा कर दिया है।पाकिस्तान सरकार ने पिछले महीने खान की पार्टी पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। कोर्ट के आदेश पर वे अदियाला जेल में बंद हैं। सीनेटर सिद्दीकी ने जोर देकर कहा कि बातचीत तब होगी जब खान की पार्टी यह महसूस करेगी कि "हमें सेना से नहीं बल्कि राजनेताओं से बात करनी चाहिए"
सरकार का रुख
खान की पार्टी पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फैसले के बारे में बोलते हुए, सीनेटर सिद्दीकी ने जोर देकर कहा कि इसकी भूमिका "देशभक्त [राजनीतिक] पार्टी की भूमिका नहीं हो सकती"। उन्होंने इस रुख के कई कारणों के रूप में खान की पार्टी द्वारा किए गए कई कार्यों की सूची दी, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को एक पत्र, फंड के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन, 9 मई के दंगे और अमेरिकी कांग्रेस में पारित कई प्रस्ताव शामिल हैं।












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