Shehbaz Sharif Salary: कंगाल पाकिस्तान अपने PM शहबाज शरीफ को कितनी देता है सैलरी? लंदन में छिपा असली राज
Shehbaz Sharif Salary, Net Worth: एक तरफ पाकिस्तान कर्ज में डूबा हुआ है, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से लेकर सऊदी अरब तक झोली फैलाकर खैरात मांग रहा है, तो दूसरी तरफ उसी मुल्क के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की दौलत की कहानियां लंदन की गलियों तक गूंज रही हैं।
सवाल उठता है-क्या वाकई पाकिस्तान की सत्ता में बैठे लोग इतने 'कंगाल' हैं, जितनी तस्वीर वे दुनिया को दिखाते हैं? आइए, तथ्यों के आइने में परखते हैं शहबाज शरीफ की सैलरी से लेकर लंदन तक फैले कथित 'काले धन' के साम्राज्य को...

Pakistan PM Shehbaz Sharif Salary: पाकिस्तान के पीएम की 'गुलामों जैसी' सैलरी!
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की आधिकारिक मासिक सैलरी है-PKR 201,574 (पाकिस्तानी रुपये), जो भारतीय मुद्रा में मात्र ₹60,000 के आसपास बैठती है! जी हां, यह सैलरी भारत के एक सब-इंस्पेक्टर से भी कम है। इतना ही नहीं, खुद शहबाज शरीफ ने नवंबर 2023 में अदालत में हलफनामा देकर दावा किया कि उन्होंने कभी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री रहते हुए सैलरी या भत्ते नहीं लिए। उनके अनुसार, 'सफर का खर्च तक अपनी जेब से उठाया।' लेकिन क्या यही पूरी सच्चाई है?
Shehbaz Sharif Net Worth: नेट वर्थ- 2 करोड़ या 2 हजार करोड़?
- सरकारी रिकॉर्ड में शहबाज शरीफ की कुल संपत्ति दिखाई गई - Rs 132 मिलियन (₹4.3 करोड़)।
- लेकिन स्वतंत्र रिपोर्ट्स बताती हैं कि उनकी वास्तविक नेट वर्थ- $262 मिलियन (₹2,180 करोड़) से भी ज्यादा है!
- कुछ मीडिया पोर्टल्स का तो यह भी दावा है कि उनकी संपत्ति ₹12,500 करोड़ ($1.5 Billion) तक हो सकती है।
Shehbaz Sharif Black Money: लंदन में 'काले धन' का गढ़?
ब्रिटिश मीडिया और पाकिस्तानी विपक्षी दलों के अनुसार, शरीफ परिवार ने लंदन में दर्जनों अचल संपत्तियां खरीदी हैं-कई अज्ञात ट्रस्ट और बेनामी कंपनियों के जरिए। शहबाज शरीफ और उनके बेटे सलमान शहबाज पर मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी और बेनामी संपत्ति के कई आरोप लग चुके हैं। पाकिस्तान की नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (NAB) और FIA ने इन मामलों में पूछताछ और छापेमारी की है। ब्रिटेन की NCA ने 2019 में शरीफ फैमिली के एक बैंक खाते से £20 लाख फ्रीज किया था।
कारोबार की फसल, सत्ता के सिंचाई से?
शहबाज शरीफ का नाम इत्तेफाक ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज से जुड़ा है, जो पाकिस्तान का एक बड़ा स्टील और शुगर बिजनेस है। इसके अलावा शरीफ खानदान की कई चीनी मिलें, ऊर्जा कंपनियां और अचल संपत्ति परियोजनाएं हैं। कई जानकार मानते हैं कि यही कारोबार उनकी वास्तविक आय का स्रोत हैं - जिसमें टैक्स बचाने और पैसे छिपाने के तमाम खेल खेले जाते हैं।
आखिर जनता को क्या मिला?
जहां एक तरफ पाकिस्तान में महंगाई दर 35% पार कर चुकी है, IMF की शर्तों के चलते रोजगार और सब्सिडी खत्म हो चुकी है, वहीं देश के हुक्मरानों के बच्चे लंदन और दुबई में महंगी गाड़ियों से घूमते हैं। क्या ये वही पाकिस्तान है जिसके लिए हर साल आम नागरिक बिजली, गैस और रोटी की कीमत पर जूझता है?
शहबाज की सैलरी नहीं, सिस्टम सवालों के घेरे में
शहबाज शरीफ की सैलरी भले ₹60,000 हो, लेकिन सवाल ये है कि क्या कोई अरबपति पीएम सच में 'तनख्वाह' पर जीता है? या फिर सैलरी का ड्रामा असल कमाई को छिपाने का रास्ता है? जब तक लंदन की प्रॉपर्टीज, बेनामी कंपनियां, और विदेशी अकाउंट्स की गुत्थी नहीं सुलझती, तब तक शरीफ खानदान की ईमानदारी भी 'संदेह के कटघरे' में ही रहेगी।
सोर्स- https://localpakistan.com/salary-of-the-prime-minister-of-pakistan-in-2025/
https://www.thenews.com.pk/print/1133861-never-took-salary-allowances-as-pm-cm-shehbaz-tells-court












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