पाकिस्तानी PM ने किया तालिबान के कब्जे का समर्थन, कहा- अफगानिस्तान में टूट रहीं गुलामी की जंजीरें
नई दिल्ली, 16 अगस्त: अफगानिस्तान के हालात चिंताजनक बने हुए हैं, जहां तालिबान ने राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया है। साथ ही चुने गए राष्ट्रपति अशरफ गनी इस्तीफा देने के बाद देश छोड़कर भाग गए। ऐसे में तालिबान अब सरकार बनाने की प्रक्रिया में लगा हुआ है। इस पूरे मामले में पाकिस्तान की अहम भूमिका रही, जिसने विद्रोह के लिए तालिबान को भड़काया। साथ ही उसको जरूरी सहायता भी मुहैया करवाई। अब पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने खुद अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे को सही बताया है।

पीएम इमरान ने सोमवार को ग्रेड 1 से 5 तक एकल राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की शुरुआत की। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वो अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता लेने की प्रक्रिया का समर्थन करते हैं। वहां पर तालिबान का अधिग्रहण गुलामी की जंजीरों को तोड़ रहा है। हालांकि अभी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति पर अपना रुख नहीं बताया है। इसको लेकर बैठकों का दौर जारी है। जल्द ही दुनिया के सामने उसे रखा जाएगा।
वहीं पड़ोसी देश में चल रहे विवाद पर आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान ने कहा है कि वो अफगानिस्तान में व्यापक आधार वाली समावेशी सरकार चाहता है। साथ ही शांतिपूर्ण परिवर्तन के लिए आम सहमति बनाने के लिए अफगान नेताओं की मेजबानी भी कर रहा है। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के मुताबिक पाकिस्तान राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में विचार-विमर्श के बाद मौजूदा स्थिति पर अपना रुख पेश करेगा।
देश छोड़कर भाग रहे लोग
जब से तालिबान काबुल में घुसा है, तब से अफगानिस्तान की स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई है। सबसे ज्यादा बुरे हालात काबुल एयरपोर्ट पर हैं, जहां हजारों की संख्या में लोग घुस गए। वो फ्लाइट में ऐसे चढ़ रहे, जैसे वो कोई पैसेंजर ट्रेन हो। सोमवार को बहुत से अफगान नागरिकों ने अमेरिकी विमान को घेर लिया। इस दौरान दो लोग उसके पहिए पर चढ़ गए थे, जिस वजह से टेकऑफ के बाद उनकी मौत हो गई।












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