पाकिस्तान के पेशावर में प्रसिद्ध सिख हकीम की आतंकियों ने की हत्या, इमरान खान ने खड़े किए हाथ!
पेशावर शहर में सिख समुदाय की एक बड़ी आबादी रहती है और पिछले कुछ सालों में बड़ी संख्या में सिख आबादी को निशाना बनाया गया है।
पेशावर, अक्टूबर 01: इस्लामिक स्टेट-खोरासन के आतंकवादियों ने गुरुवार को उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तानी शहर पेशावर में एक प्रसिद्ध सिख हकीम, यूनानी चिकित्सक की हत्या की जिम्मेदारी ली है। पाकिस्तान में पहले से ही अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले होते आए हैं, लेकिन अब आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों ने भी अल्पसंख्यकों को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। पेशावर में प्रसिद्ध यूनानी चिकित्सक और हकीम सतनाम सिंह को मौत के घाट उतार दिया गया है।

सतनाम सिंह की हत्या
पाकिस्तान पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, 45 साल के सतनाम सिंह जब अपने क्लिनिक में थे, उस वक्त अज्ञात हमलावरों ने उनके क्लिनिक में घुसकर उन्हें गोलियों से भून दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, सतनाम सिंह को चार गोरी लगी थी और उन्हें गोली मारने के बाद सभी हत्यारे मौके से फरार हो गये थे। वहीं, गुरुवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस्लामिक स्टेट- खुरासन ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि उसी के संगठन ने सिख हकीम को मौत के घाट उतारा है।

खतरनाक होता आईएसआईएस-के
आपको बता दें कि, 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के कब्के के बाद से इस्लामिक स्टेट-खोरासन का नाम मीडिया में आना शुरू हुआ था और काबुल एयरपोर्ट पर भीषण आतंकवादी हमला करने के बाद इस संगठन के हद से ज्यादा खतरनाक होने की बात पता चली थी। वहीं, अब जब अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान को पूरी तरह से खाली कर चुके हैं, तो इस्लामिक स्टेट बुरी तरह से हमलों को अंजाम दे रहा है। इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी अफगानिस्तान के साथ साथ पाकिस्तान को भी निशाना बना रहे और इस आतंकी संगठन के निशाने पर ज्यादातर अल्पसंख्यक समुदाय और शिया समुदाय के लोग रहते हैं। 26 अगस्त को काबुल हवाई अड्डे पर घातक आत्मघाती हमले में इसी आतंकवादी संगठन ने करीब 170 अफगान और 13 अमेरिकी सेना को मार दिया था।

कौन थे हकीम सतनाम सिंह?
सतनाम सिंह पाकिस्तान सिख समुदाय के एक जाने-माने सदस्य थे और खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में चारसद्दा रोड पर धर्मेंद्र फार्मेसी चलाते थे। वह पिछले 20 साल से पेशावर शहर में रह रहे थे। आपको बता दें कि, पेशावर शहर में करीब 15 हजार सिख रहते हैं, ज्यादातर सिखों का निवास स्थान जोगन शाह के पड़ोस में है। पेशावर में सिख अल्पसंख्यक के अधिकांश सदस्य छोटे व्यवसायों और कुछ फार्मेसियों में शामिल हैं।

निशाने पर अल्पसंख्यक
हाल के वर्षों में पेशावर में आतंकवादी समूहों और अन्य तत्वों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के कई सदस्यों को निशाना बनाया गया है। 2016 में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के विधायक सोरेन सिंह का भी पेशावर में ही कत्ल कर दिया गया था। सिख समुदाय के एक प्रमुख नेता चरणजीत सिंह की 2018 में अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी, जबकि टेलीविजन एंकर रविंदर सिंह की पिछले साल पेशावर में ही हत्या कर दी गई थी। लेकिन, सबसे हैरानी की बात ये है कि पाकिस्तान की सरकार की तरफ से हत्यारों को पकड़ने की कोशिश तक नहीं की गई। इन हत्याकांड में शामिल एक भी आरोपी को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।












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