इमरान खान को उम्र कैद या हो सकती है फांसी की सजा... खतरनाक आर्मी एक्ट लगाने की तैयारी, एक्शन में आसिम मुनीर
इमरान खान और सेना के बीच खुली जंग शुरू हो चुकी है और उनके 7 हजार नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, इमरान ने सीधे तौर पर आर्मी चीफ आसिम मुनीर को ललकारा है।

Pakistan News: पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में हिंसा और अराजकता अभी भी फैली हुई है और पाकिस्तान की आर्मी, इमरान खान के समर्थकों को सरेआम उठवा रही है। अभी तक करीब 7 हजार समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है।
हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया प्रतिबंधों से गुजर रही है, लिहाजा उसे असली हालात दिखाने नहीं दिया जा रहा है, लेकिन कुछ पाकिस्तानी जर्नलिस्ट सोशल मीडिया पर असलियत बयां कर रहे हैं, जो काफी खतरनाक है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की सेना ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किस भी तरह की नरमी नहीं दिखाने का फैसला किया है और फैसला किया है, कि तोड़फोड़ में शामिल सभी तत्वों के खिलाफ आर्मी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिनमें इमरान खान भी शामिल होंगे। इस एक्ट में वो सभी लोग शामिल किए जाएंगे, जिन्होंने सार्वजनिक संपत्तयों और सेना की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है।
पाकिस्तान की शहबाज शरीफ की सरकार ने कहा है, कि "हिंसा के दौरान, राज्य संस्थानों, विशेष रूप से संवेदनशील सैन्य इमारतों पर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों ने हमला किया था, जिसके लिए इमरान खान जिम्मेदार हैं।"
एक्शन में पाकिस्तान आर्मी चीफ
इमरान खान और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के बीच अब आमने-सामने की लड़ाई शुरू हो चुकी है और इमरान ने आरोप लगाया है, कि उन्हें गिरफ्तार करने के पीछे आसिम मुनीर का हाथ है।
वहीं, जीएचक्यू (पाकिस्तानी सेना का मुख्यालय) रावलपिंडी में आयोजित विशेष कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस की एक अहम बैठक में, पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल सैयद असीम मुनीर को 9 मई से कानून और व्यवस्था की स्थिति के बारे में व्यापक रूप से जानकारी दी गई थी। उन्हें बताया गया था हिंसा "निहित राजनीतिक हितों" को प्राप्त करने के लिए की गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के एक प्रेस बयान में कहा गया है, कि फोरम को मौजूदा आंतरिक और बाहरी सुरक्षा वातावरण के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।
सेना की बैठक के दौरान, आगजनी की घटनाओं की निंदा की गई और सार्वजनिक और निजी इमारतों के साथ-साथ सैन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ राजनीति से प्रेरित और उकसाने वाली घटना बताई गई।
इमरान के खिलाफ पाक सेना का कड़ा रुख
सेना ने अब इमरान खान सहित किसी को भी नहीं बख्शने का फैसला किया है, और सैन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ हमले को सेना ने जघन्य अपराध करार दिया है। इसमें कहा गया है, कि अपराधियों को "पाकिस्तानी सेना अधिनियम और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम" सहित "पाकिस्तान के प्रासंगिक कानूनों" के तहत मुकदमों के जरिए न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
आपको बता दें, कि पाकिस्तान में आर्मी एक्ट काफी खतरनाक कानून माना जाता है।
आर्मी एक्ट और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट को शामिल करने का सेना का फैसला एक गंभीर प्रावधान है जिसमें इमरान खान, उनकी पार्टी के नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं पर ऐसे आरोप लगाए जा सकते हैं, जिसकी सजा मौत की सजा या आजीवन कारावास हो सकती है।
पाकिस्तानी सेना अधिनियम आमतौर पर सेवारत अधिकारियों पर ही लागू होता है, जिन पर संस्था की आंतरिक जांच, परीक्षण और दंड प्रणाली के माध्यम से मुकदमा चलाया जाता है। इस कानून के तहत सैन्य अधिकारियों का कोर्ट मार्शल किया जाता है।
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पाकिस्तान के एक तबके ने आम नागरिकों के खिलाफ आर्मी एक्ट लगाने का काफी सालों से विरोध किया है, लेकिन अलग अलग सरकारों ने अपने विरोधियों को ठिकाने लगाने के लिए इस एक्ट का गलत इस्तेमाल किया है। खुद इमरान खान जब प्रधानमंत्री थे, उस वक्त उन्होंने भी आर्मी एक्ट का इस्तेमाल आम नागरिकों के खिलाफ किया था और उस वक्त उनसे अपील की गई थी, कि इस कानून का दुरूपयोग ना किया जाए, लेकिन उन्होंने किसी की एक ना सुनी थी। अब खुद इमरान खान भी इस कानून के लपेटे में आ सकते हैं।
आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और इसकी धाराएं राजद्रोह, जासूसी और खुफिया जानकारी लीक से संबंधित हैं, जिसके लिए सजा में मृत्युदंड भी शामिल है।
पाकिस्तानी सेना जिन धाराओं को लेकर इमरान खान के खिलाफ कदम बढ़ा रही है, वो पूर्व प्रधानमंत्री के लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है, क्योंकि आर्मी एक्ट में काफी जल्दी फैसला सुनाया जाता है और इमरान खान को उम्र कैद या फांसी तक की सजा हो सकती है, और चूंकी ये देश पाकिस्तान है, जहां नेताओं को सूली पर चढ़ाने की प्रथा रही है, लिहाजा इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता है, कि इमरान खान को इन सजाओं के तहत उम्र कैद या फांसी की सजा नहीं मिल सकती है।












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