कर्ज के भारी दबाव वाले टॉप-15 देशों में पहुंचा पाकिस्तान, विशेषज्ञ बोले- जून के बाद कोई भी हमें लोन नहीं देगा
रहमान कहा कि जून 2023 से आगे पाकिस्तान को बाहरी वित्तीय सहायता मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा सकता है और स्थिति यह भी आ सकती है कि पाकिस्तान को वित्तीय सहायता न भी मिले।

पाकिस्तान इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पाकिस्तानी रुपया हर दिन गिर रहा है और गिरावट के नए रिकॉर्ड बना रहा है। महंगाई से आम जनता की कमर टूट रही है। बुनियादी चीजें मसलन आटा-दाल और ईंधन के दाम आसमान छू रहे हैं।
इस बीच एक रिपोर्ट आई है जिसके मुताबिक पाकिस्तान कर्ज के भारी दबाव वाले शीर्ष 15 देशों में शामिल है। पाकिस्तानी वेबसाइट बिजनेस रिकॉर्डर की रिपोर्ट के मुताबिक भारत का पड़ोसी देश अपने बढ़ते बाहरी कर्ज के कारण वैश्विक स्तर पर उन शीर्ष 15 देशों में शामिल है जो भारी कर्ज के दबाव में हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बाहरी ऋण के अलावा, लगातार बढ़ते ब्याज दरों के कारण सरकार को घरेलू उधारी लागत में बढ़ोत्तरी का सामना करना पड़ रहा है। इसी महीने की शुरुआत में पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने ब्याज दरों में एक फीसदी यानि 100 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है।
इसके बाद से पाकिस्तान में ब्याज दर बढ़कर 21 फीसदी हो गई है। आर्थिक और वित्तीय विश्लेषक अतीक उर रहमान ने कहा कि पाकिस्तान को जल्द से जल्द ऐसे हालात से निजात पाने की जरूरत है। उन्हें डर है कि यही हालात रहे तो उधार लेने की लागत और भी बढ़ जाएगी।
अतीक उर रहमान ने कहा कि वित्त वर्ष 2024 के लिए पाकिस्तान को बाहर से वित्तीय सहायता के लिए लगभग 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर की जरुरत पड़ने वाली है, जबकि अभी पाकिस्तान को 30 बिलियन अमरीकी डॉलर का ब्याज सहित भुगतान भी करना है। इसलिए पाकिस्तान का करेंट अकाउंट घाटा हमेशा घट रहा है।
अतीक उर रहमान कहा कि जून 2023 से आगे पाकिस्तान को बाहरी वित्तीय सहायता मिलने में और कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति भी हो सकती है कि पाकिस्तान को वित्तीय सहायता नहीं भी मिले।
अतीक उर रहमान ने कहा कि यह एक वास्तविक संकट है। ऐसा लगता है पाकिस्तान बिना किसी समाधान के वित्तीय कमी का सामना करता रहेगा। हमें अपने खर्चों में सभी स्तरों पर कटौती करने और लग्जरी चीजों पर पैसा न खर्च करने से बचना चाहिए।
बिजनेस रिकॉर्डर की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान को कम आय वाले 45 प्रतिशत देशों में कर्ज के दबाव के हाई रिस्क और बहुत अधिक ब्याज दरों पर उधार लेने वाले देश के बीच रखा जा सकता है।
बीते सोमवार को एशियन डेवलेपमेंट बैंक ने वार्षिक रिपोर्ट जारी किया था। इसके मुताबिक पाकिस्तान एडीबी की ओर से फंड की जाने वाली परियोजनाओं का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता है। एडीबी की तरफ से 40 देशों को 31.8 बिलियन डॉलर दिए गए। इसमें से सिर्फ पाकिस्तान को 5.58 बिलियन डॉलर का कर्ज हासिल हुआ।












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