पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री का अपहरण, सेना के खिलाफ दिया था भाषण, इमरान की पार्टी के हैं नेता
Pakistan News: पाकिस्तान एक बार फिर से राजनीतिक अस्थिरता की तरफ बढ़ चला है और जेल में बंद इमरान खान की पार्टी ने अल्टीमेटम दिया है, कि अगर उन्हें दो हफ्तों के भीतर रिहा नहीं किया जाता है, तो देश में प्रदर्शन की कोई दिशा नहीं रहेगी। आशंका जताई जा रही है, कि पाकिस्तान मुश्किल स्थिति में फंस सकता है।
वहीं, अब खैबर-पख्तूनख्वा के सूचना सलाहकार बैरिस्टर मुहम्मद अली सैफ ने बताया है, कि मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनसे संपर्क करने की कोशिशें नाकाम रही हैं और उनके फोन नंबर भी बंद हैं। ऐसा माना जा रहा है, कि पाकिस्तानी शासन ने उन्हें अगवा कर लिया है।

सैफ ने कहा, कि "मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर इस्लामाबाद में हैं, पेशावर में नहीं, लेकिन हमें उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।" उन्होंने कहा, कि उनसे संपर्क करने की कोशिशें जारी हैं, और उन्होंने इस बात की चिंता जताई है, कि अधिकारी उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे हैं।
आपको बता दें, कि अली अमीन गंडापुर पीटीआई के सीनियर नेता हैं और वो खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री हैं, जहां हुए चुनाव में इमरान खान की पार्टी ने एकतरफा जीत हासिल की थी। वहीं, रविवार को इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर आयोजित रैली में मुख्यमंत्री गंडापुर ने सेना के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए थे और उसके बाद से ही वो लापता हैं।
पीटीआई नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई
यह स्थिति पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई के बाद पैदा हुई है। गिरफ्तार किए गए नेताओं में बैरिस्टर गौहर अली खान और शेर अफजल मरवत भी शामिल हैं। सूत्रों से पता चला है, कि इन नेताओं को इस्लामाबाद में एक रैली के दौरान कानूनी समझौतों का उल्लंघन करने के लिए हिरासत में लिया गया था।
पाकिस्तानी मीडिया ने अंदरूनी सूत्रों के हवाले से बताया है, कि पीटीआई नेता शोएब शाहीन को उनके कार्यालय से उठाया गया है। वहीं, आमिर डोगर और अली मुहम्मद खान जैसे अन्य पीटीआई नेताओं को संसद भवन के सामने से उठा लिया गया है। वहीं, पुलिस ने चेतावनी दी है कि जरताज गुल और उमर अयूब सहित पीटीआई के अन्य नेताओं को जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है।
रैली में कानून का उल्लंघन और गिरफ्तारियां
ये गिरफ्तारियां, इस्लामाबाद पुलिस द्वारा पीटीआई नेताओं के खिलाफ पब्लिक ऑर्डर एंड पीस एक्ट के तहत दर्ज किए गए कई मामलों के आधार पर की गई हैं। इन आरोपों में रैली के दौरान पत्थरबाजी और पुलिस के साथ हिंसक झड़पें शामिल हैं।
अधिकारियों ने पीटीआई कार्यकर्ताओं पर पुलिस पर पत्थरों और लाठियों से हमला करने का आरोप लगाया है, जिसके परिणामस्वरूप 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप लगाए गये हैं, कि पीटीआई नेताओं ने कथित तौर पर रैली के लिए तय किए गए रास्ते का उल्लंघन किया, अधिकारियों पर हमला किया और रैली की समय सीमा को पार कर गए।
पीटीआई प्रवक्ता ने बताया, कि जरताज गुल कार में बैठकर भाग निकली। इस कार्रवाई से पार्टी के भीतर और गिरफ्तारियों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री गंडापुर को खोजने के लिए चल रहे प्रयास तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल को दर्शाते हैं। उनका लापता होना, पीटीआई नेताओं और कानून प्रवर्तन से जुड़ी मौजूदा स्थिति में जटिलता की एक और परत जोड़ती है।












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