भारत की मदद से चित्राल नदी पर बांध बनाएगा अफगानिस्तान, नाराज पाकिस्तान ने तालिबान को दे दी चेतावनी

पाकिस्तान द्वारा अफगान शरणार्थियों को जबरन अपने देश निर्वासित करना शुरू करने के बाद अफगानिस्तान ने जबावी कार्रवाई में अब चित्राल नदी( कुनार नदी) पर बांध बनाने की योजना शुरू की है।

इसी महीने 10 दिसंबर को, तालिबान के जल और ऊर्जा उप मंत्री मुजीब रहमान अखुंदजादा ने निकट समय में कुनार नदी पर एक बांध बनाने की योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बांध का सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बांध से 45 मेगावाट बिजली का उत्पादन और 34,000 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई हो सकेगी।

build a dam over the Chitral River

पाकिस्तान हुआ नाराज

हालांकि अफगानिस्तान के कदम से पाकिस्तान नाराज हो गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के सूचना मंत्री जान अचकजई ने तालिबान के कुनार नदी पर बांध स्थापित करने के एकतरफा फैसले को "पाकिस्तान के खिलाफ शत्रुतापूर्ण कृत्य" बताया है।

भारतीय कंपनी बनाएगी बांध?

अचकजई ने कहा कि तालिबान कुनार नदी पर बांध के निर्माण के लिए एक भारतीय कंपनी के साथ बातचीत में लगा हुआ है। मंत्री ने चिंता जताई कि इस निर्माण कार्य से सिंधु नदी में जल प्रवाह पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों ने 2013 में कुनार नदी पर 1,500 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना पर सहयोग शुरू किया था। उनके अनुसार, पाकिस्तान और भारत के बीच सिंधु जल आयोग से प्रेरणा लेते हुए, काबुल नदी बेसिन प्रबंधन आयोग की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

तालिबान को दी धमकी

अचकजई ने चेतावनी दी कि अगर अफगान तालिबान, पाकिस्तान को शामिल किए बिना इस बांध पर आगे बढ़ता है, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे, इससे तनाव बढ़ेगा और संभावित संघर्ष होगा।

कुनार नदी, जिसे चित्राल नदी भी कहा जाता है, उत्तरी पाकिस्तान और पूर्वी अफगानिस्तान से होकर बहती हुई 480 किलोमीटर की लंबाई में फैली हुई है। ये हिंदू कुश पर्वत के ठीक दक्षिण में स्थित है। दक्षिण की ओर बहती हुई ये नदी आखिर में अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में काबुल नदी में मिल जाती है।

सिंधु नदी पर पड़ेगा प्रभाव

हिंदू कुश पहाड़ों से पिघलते ग्लेशियरों और बर्फ से इस नदी को पानी मिलता है। कुनार नदी काबुल नदी की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी के रूप में कार्य करती है, जो स्वयं शक्तिशाली सिंधु नदी की सहायक सहायक नदी है।

इस बीच कई अफगानी नागरिकों ने कुनार नदी पर बांध के निर्माण को लेकर तालिबान प्रशासन के साथ अपनी योजनाएं साझा की हैं और इस बांध के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने की तैयारी भी दिखाई है।

अफगानी नागरिकों ने कहा कि वे इस संबंध में हर तरह के सहयोग के लिए तैयार हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कई ऐसी महिलाएं भी हैं जो कुनारनदी पर बांध के निर्माण के लिए धन जुटाने के लिए अपने आभूषण बेचने को भी तैयार हैं।

आपको बता दें कि कुनार नदी दशकों से बिना किसी हस्तक्षेप के पाकिस्तान में स्वतंत्र रूप से बह रही है। समय के साथ सरकारों ने इस नदी पर बांध बनाने का वादा किया है, लेकिन अभी तक कोई भी सरकार इस पानी का दोहन नहीं कर पाई है।

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