पाकिस्तान में सिर्फ इमरान-इमरान, पंजाब चुनाव में विपक्ष नेस्तनाबूद, शरीफ परिवार की शर्मनाक हार
पंजाब प्रांत में शहबाज शरीफ के बेटे हमजा शरीफ की सरकार है और ऐसे में इमरान खान की पार्टी का जबरदस्त जीत हासिल करना शहबाज शरीफ की बड़ी चुनावी हार मानी जा रही है।
इस्लामाबाद, जुलाई 18: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुए उप-चुनाव में इमरान खान की पार्टी ने जबरदस्त जीत हासिल करते हुए अपने धूर विरोधी शहबाज शरीफ की पार्टी को धूल चला दी है और उपचुनाव के नतीजों को देखने के बाद साफ तौर पर कहा जा सकता है, कि इमरान खान की पार्टी की फिर से पाकिस्तान की सत्ता में आ सकती है। पंजाब प्रांत में 20 सीटों पर करवाए गये उपचुनाव में इमरान खान की 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' पार्टी ने 15 सीटों पर जबरदस्त बहुमत से जीत हासिल की है और पंजाब प्रांत में एकतरफा जीत हासिल करने का मतलब ये है, कि शहबाज शरीफ के लिए ये उप-चुनाव बहुत बड़ा झटका है।

इमरान की पार्टी की एकतरफा जीत
पंजाब प्रांत पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है और जिस पार्टी को पंजाब में बहुमत मिलती है, वही पाकिस्तान में सरकार बनाता है। अब तक पंजाब में इमरान खान की पार्टी की पकड़ मजबूत नहीं थी, इसलिए कम सीटों के साथ इमरान खान ने सरकार बनाई थी। वहीं, पंबाज प्रांत पर पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की काफी मजबूत पकड़ मानी जाती रही है, लेकिन उपचुनाव के नतीजे बताते हैं, कि नवाज शरीफ के घर में इमरान खान ने भारी सेंधमारी की है विश्लेषकों का कहना है कि, उपचुनाव के नतीजों से यही जाहिर होता है, सत्ता जाने के बाद इमरान खान की लोकप्रियता और बढ़ी ही है, वहीं इमरान खान देश की जनता को ये समझाने में कामयाब हो रहे हैं, कि उनकी सरकार को अमेरिका ने साजिश के तहत हटाया था और शहबाज शरीफ की सरकार रिमोट कंट्रोल सरकार है।
क्यों अहम है पंजाब का उप-चुनाव?
पंजाब प्रांत में शहबाज शरीफ के बेटे हमजा शरीफ की सरकार है और ऐसे में इमरान खान की पार्टी का जबरदस्त जीत हासिल करना शहबाज शरीफ की बड़ी चुनावी हार मानी जा रही है। पंजाब में हमजा शरीफ की सरकार बनने से पहले इमरान खान की पार्टी पीटीआई की ही सरकार थी, लेकिन इमरान खान के सत्ता से बाहर होने के बाद पंबाज में भी उनकी सरकार गिर गई थी और पार्टी के कई विधायकों ने इमरान खान से बगावत कर दी थी, लेकिन इमरान खान को मिले बहुमत ने दलबदुलओं के पैरों तले जमीन खिसका दी है। वहीं, अब मुख्यमंत्री हमजा शरीफ की भी सत्ता से विदाई तय हो गई है। वहीं, पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत मुख्यमंत्री के लिए चुनाव 22 जुलाई को होगा और पीटीआई-पीएमएलक्यू के संयुक्त उम्मीदवार चौधरी परवेज इलाही राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रांत पंजाब के नए मुख्यमंत्री होने की संभावना है।
शरीफ परिवार के पैरों तले खिसकी जमीन
वहीं, शरीफ परिवार की सत्तारूढ़ पीएमएल-एन ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और यहां तक कि उपचुनावों में बंपर जीत हासिल करने वाले इमरान खान को बधाई भी दी है। नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने भी उपचुनाव में हार स्वीकार कर ली और उन्होंने भी इमरान खान को बधाई दी है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मलिक अहमद खान ने कहा कि,'हम लोगों के जनादेश का सम्मान करते हैं। अब हम पीटीआई-पीएमएलक्यू से पंजाब में सरकार बनाने को कहते हैं।' यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री शहबाज जल्दी आम चुनाव कराने के लिए नेशनल असेंबली को भंग कर देंगे, उन्होंने कहा कि, "पीएमएल-एन नेतृत्व अपने सहयोगियों के परामर्श से इस बारे में फैसला करेगा।" पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने भी अपनी पार्टी की हार स्वीकार कर ली है। पीएमएल-एन के सर्वोच्च नेता नवाज शरीफ की बेटी ने एक ट्वीट में कहा कि, "हमें अपनी हार को खुले दिल से स्वीकार करना चाहिए।" उन्होंने कहा कि राजनीति में जीत-हार खेल का हिस्सा है। "हम अपनी कमजोरी देखेंगे और उन्हें दूर करेंगे।"

इमरान खान ने भरी हुंकार
वहीं, चुनाव में बंपर जीत हासिल करने वाले इमरान खान ने एक ट्वीट में कहा कि, "तहरीक-ए-इंसाफ कम से कम 15 सीटें जीत रही है। लेकिन सभी मतदान केंद्रों पर ड्यूटी पर तैनात हमारे सभी लोगों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वे रिटर्निंग अधिकारियों से आधिकारिक परिणाम प्राप्त होने तक अपना स्थान न छोड़ें।" उन्होंने कहा कि, अब पीएमएल-एन के पास केवल एक ही विकल्प बचा है और वह है ''तुरंत नए आम चुनाव का आह्वान करना।'' वहीं, पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार खुर्रम हुसैन ने कहा है कि,'सही मायनों में देखा जाए, तो इमरान खान एक लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हैं और जमीनी स्तर पर उन्हें बहुमत प्राप्त हुआ है।' वहीं, इमरान खान ने एक और ट्वीट में कहा है कि, 'मैं सबसे पहले अपने पीटीआई कार्यकर्ताओं और पंजाब के मतदाताओं को धन्यवाद देना चाहता हूं, कि उन्होंने न केवल पीएमएलएन उम्मीदवारों को, बल्कि पूरे राज्य तंत्र को हराया है। पुलिस द्वारा विशेष रूप से उत्पीड़न और पूरी तरह से पक्षपाती इलेक्शन कमीशन को हराया है। हमारे सभी सहयोगियों, PMLQ, MWM और सुन्नी इत्तेहाद परिषद को धन्यवाद'।

पाकिस्तानी सेना पर भारी पड़े इमरान
चुनावी नतीजे जारी होने के बाद न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार सलमान मसूद ने एक ट्वीट में लिखा है कि, 'पीटीआई ने शहबाज की पार्टी पीएमल-एन को अपने जोरदार प्रचार से पराजित कर दिया है और ये चुनावी नतीजे पाकिस्तानी सेना को खारिज करता है।' उन्होंने लिखा है कि, 'इसके साथ ही ये चुनावी नतीजे पेट्रोल के बढ़ते दाम, महंगाई और बिजली संकट के खिलाफ जनता की जोरदार प्रतिक्रिया है।' वहीं, इमरान खान ने जल्द से जल्द चुनाव करवाने की मांग की है और उन्होंने शहबाज शरीफ को चेतावनी देते हुए कहा कि, 'सरकार का कोई भी अनैतिक फैसला राजनीतिक अस्थिरता और ज्यादा आर्थिक संकट पैदा करता है।' वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि, इमरान खान को मिली ये बंपर जीत पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के लिए भी एक बड़ा झटका है, जिनके समर्थन खींचने की वजह से ही इमरान खान की सरकार गिरी थी।
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