सारी हदें पार कर इमरान से बदला ले रहे शहबाज शरीफ, भाषण के LIVE प्रसारण पर रोक, गिरफ्तारी जल्द
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को देश की शीर्ष जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है, क्योंकि उन्होंने प्रतिबंधित फंडिंग मामले में जारी दो नोटिस का अभी तक जवाब नहीं दिया है।
इस्लामाबाद, अगस्त 21: पाकिस्तान में बदले की राजनीति चरम पर है और जिस नेता को जहां मौका मिलता है, वो अपने राजनीतिक विरोधियों को वहीं निपटाने की कोशिश करने लगता है। फिलहाल ये मौका प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पास है और इमरान खान के साथ साथ उनके समर्थकों को रास्ते से हटाने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। पहले इमरान खान के करीबी शहबाज गिल को जेल में बंद किया गया और अब इमरान खान के भाषण के लाइव प्रसारण पर रोक लगा दी गई है, वहीं पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, इमरान खान की जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।

भाषण के लाइव प्रसारण पर रोक
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों को धमकाने के आरोप में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के भाषण के लाइव प्रसारण पर रोक लगा दी गई है और पाकिस्तानी मीडिया नियामक प्राधिकरण ने ये कार्रवाई की है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर इस्लामाबाद में एक भाषण देन के दौरान एक पुलिस अधिकारी और एक महिला मजिस्ट्रेट को धमकाने का आरोप लगा था, जिसके बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के चेयरमैन के खिलाफ ये कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेग्यूलेटरी अथॉरिटी (PEMRA) ने कहा है कि, इमरान खान के भाषण का रिकॉर्डेट वीडियो का प्रसारण किया जा सकता है, लेकिन पहले उसकी जांच की जाएगी और फिर समुचित संपादन के बाद ही उसे प्रसारित किया जा सकता है। PEMRA ने कहा कि, उसका आदेश फौरन लागू होता है और उसके ठीक बाद इमरान खान के भाषण का लाइव प्रसारण बंद कर दिया गया। इमरान खान के ऊपर इस्लामाबाद में भाषण के दौरान पुलिस महकमे के आईजी, डीआईजी और महिला मजिस्ट्रेट को धमकाने का आरोप लगा था।

पुलिस अधिकारियों को क्यों धमकाया?
आपको बता दें कि, इमरान खान के करीबी शहबाज गिल को पिछले दिनों गिरफ्तार किया गया है और आरोप है, कि जेल में उनकी काफी पिटाई की गई है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और शहबाज गिल के समर्थन में ही इमरान खान ने राजधानी इस्लामाबाद में रैली का आह्वान किया था, जिसमें इमरान खान पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विवादित बयान देने के आरोप लगे हैं। शहबाज गिल को एक निजी टीवी न्यूज चैनल पर देश के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जिसको लेकर इमरान ने कहा कि, अगर शहबाज गिल के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है, तो फिर फजलुर रहमान, नवाज शरीफ और राणा सनाउल्लाह को भी न्यायिक कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। इमरान खान ने कहा कि, शहबाज गिल की गिरफ्तारी राजनीतिक बदले की कार्रवाई है और बदले की राजनीति के चलते उनकी पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है।

इमरान की हो सकती है गिरफ्तारी
वहीं, पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया है, कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को देश की शीर्ष जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है, क्योंकि उन्होंने प्रतिबंधित फंडिंग मामले में जारी दो नोटिस का अभी तक जवाब नहीं दिया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख ने शुक्रवार को संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) द्वारा जारी दूसरे नोटिस की भी अनदेखी की है। द न्यूज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि, इमरान खान ने पिछले बुधवार (10 अगस्त) को पहला नोटिस जारी होने के बाद जांच दल के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था। एजेंसी में उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, "इमरान खान को गिरफ्तार करने का अंतिम फैसला तीन नोटिस जारी करने के बाद लिया जा सकता है।"

इमरान पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
पाकिस्तान की शीर्ष भ्रष्टाचार जांच एजेंसी एफआईए ने पांच और कंपनियों का पता लगाया, जो अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और बेल्जियम में काम कर रही हैं, जो इमरान खान की पार्टी को फंडिंग कर रही हैं, हालांकि, पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) को सौंपी गई रिपोर्ट में इसका उल्लेख नहीं किया गया था। इमरान खान ने बुधवार को एफआईए से कहा कि, वह इस मामले में उन्हें भेजे गए नोटिस को दो दिनों में वापस ले लें या कानूनी कार्रवाई का सामना करें। इमरान खान ने कहा कि, "न तो मैं आपको जवाब देने के लिए उत्तरदायी हूं और न ही यह मेरे लिए उत्तरदायी है कि मैं आपको जानकारी प्रदान करूं। अगर दो दिन में नोटिस वापस नहीं लिया गया तो मैं आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा। रिपोर्ट में कहा गया है, "एफआईए समिति ने इमरान को ईसीपी से तथ्यात्मक जानकारी छिपाने का दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत एकत्र किए हैं।" रिपोर्ट में कहा गया है कि तीसरा और संभवत: अंतिम नोटिस अगले सप्ताह जारी किया जाएगा और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

भारतीय नागरिक से भी लिए पैसे?
इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान चुनाव आयोग ने कहा था कि, इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी को भारतीय मूल की एक व्यवसायी सहित 34 विदेशी नागरिकों से नियमों के खिलाफ धन प्राप्त हुआ। चुनाव आयोग की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले में खान की पार्टी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब नहीं दिया गया। वहीं, पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने शनिवार को कहा कि, इमरान खान के करीबी शाहबाज गिल, जिन्हें देशद्रोह के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, उनके साथ किसी भी तरह का "दुर्व्यवहार" नहीं किया गया है। जियो न्यूज से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, "किसी भी प्रकार का कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ। शाहबाज गिल इसे सिर्फ फेक कर रहे हैं। उन्हें प्रताड़ित नहीं किया गया था''।












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