Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Pakistan: एक आंख से अंधे हुए इमरान खान, दाहिनी आंख का चला गया विजन, रिपोर्ट में और भी खुलासे

Pakistan के पूर्व प्रधानमंत्री और PTI के संस्थापक इमरान खान लंबे अरसे से पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद हैं। उनके परिवार वाले और पार्टी कार्यकर्ता बार-बार आरोप लगाते रहे हैं कि इमरान खान को बहुत बुरी तरह जेल में रखा जा रहा है। लेकिन अब जो उनकी हेल्थ को लेकर अपडेट आया है वह बेहद डरावना है। हाल में जारी हुई एक रिपोर्ट से पता चला कि इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी चली गई है। उनकी दाहिनी आंख में अब सिर्फ '15 प्रतिशत' रोशनी बची है। अदालत ने इमरान खान को अपने बच्चों से फोन पर बात करने की अनुमति भी दी।

PIMS में कराई गई थी मेडिकल प्रक्रिया

इमरान खान का 24 जनवरी की रात इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) में मेडिकल टेस्ट किया गया था। हालांकि, परिवार की ओर से जानकारी की कमी के आरोपों के बीच इस घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि कुछ दिनों बाद सामने आई।

Pakistan

पहले दोनों आंखें थीं पूरी तरह ठीक

'डॉन' अखबार द्वारा देखी गई रिपोर्ट में सलमान सफदर ने इमरान खान के हवाले से लिखा कि दिए गए इलाज और एक इंजेक्शन के बावजूद उनकी दाहिनी आंख में अब केवल 15 प्रतिशत रोशनी बची है। इमरान ने बताया कि तीन से चार महीने पहले, यानी अक्टूबर 2025 तक, उनकी दोनों आंखों की रोशनी 6×6 यानी पूरी तरह सामान्य थी।

लगातार धुंधली नजर, अधिकारियों की लापरवाही

इमरान खान के अनुसार, इसके बाद उन्हें लगातार धुंधली और अस्पष्ट नजर की समस्या होने लगी। उन्होंने इस बारे में तत्कालीन जेल अधीक्षक से कई बार शिकायत की, लेकिन जेल अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

अचानक पूरी रोशनी गई, फिर...

रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान ने बताया कि इसके बाद उनकी दाहिनी आंख की रोशनी अचानक पूरी तरह चली गई। इसके बाद PIMS अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मुहम्मद आरिफ को अदियाला जेल बुलाया गया और उन्होंने इमरान की जांच की।

खून का थक्का बनने से आंख को भारी नुकसान

डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि इमरान की दाहिनी आंख में खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) बन गया था, जिससे गंभीर नुकसान हुआ। इलाज के बावजूद उनकी आंख में केवल 15 प्रतिशत रोशनी ही वापस आ सकी।

'इमरान मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान'

सलमान सफदर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि उन्होंने खुद देखा कि इमरान खान आंखों की रोशनी के नुकसान और समय पर विशेषज्ञ इलाज न मिलने से बेहद परेशान और मानसिक रूप से व्यथित थे। वकील ने बताया कि पूरी मुलाकात के दौरान इमरान की आंखें नम थीं और वे बार-बार टिशू से आंखें पोंछ रहे थे, जो उनकी शारीरिक परेशानी को साफ दिखाता है।कोर्ट ने

क्य आदेश दिया?

सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश दिया कि आंखों की जांच और बच्चों से फोन पर बातचीत- दोनों प्रक्रियाएं 16 फरवरी (सोमवार) से पहले पूरी कर ली जाएं। यह आदेश पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (CJP) याह्या अफरीदी की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने दिया, जिसमें जस्टिस शाहिद बिलाल हसन भी शामिल थे। यह पीठ अदियाला जेल में इमरान खान की जीवनशैली और स्वास्थ्य से जुड़ी याचिका की सुनवाई कर रही थी।

इमरान की सेहत सबसे अहम- कोर्ट

मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी ने टिप्पणी करते हुए कहा, 'इमरान के स्वास्थ्य का मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण है।' उन्होंने आगे कहा कि 'इस मामले में हस्तक्षेप जरूरी था।' CJP ने यह भी स्पष्ट किया कि अदालत सरकार का रुख जानना चाहती है कि वह इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर क्या कदम उठा रही है।

राज्य की जिम्मेदारी है इलाज: अटॉर्नी जनरल

इस पर पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल (AGP) मंसूर उस्मान अवान ने जवाब देते हुए कहा कि किसी भी कैदी को चिकित्सा सुविधा देना राज्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा, 'अगर कैदी इलाज से संतुष्ट नहीं है, तो राज्य जरूरी कदम उठाएगा।'

बच्चों से बात करने का मुद्दा भी अहम: CJP

मुख्य न्यायाधीश अफरीदी ने यह भी कहा कि इमरान खान का अपने बच्चों से फोन पर बात करने का मुद्दा भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने टिप्पणी की, 'हम सरकार पर भरोसा कर रहे हैं। सरकार आज अच्छे मूड में है।'

अदियाला जेल से सात पन्नों की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई

पीटीआई के वकील एडवोकेट सलमान सफदर, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था, ने अदालत को सात पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी। सफदर ने मंगलवार को रावलपिंडी की अदियाला जेल में इमरान खान से मुलाकात की थी और उसी के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इमरान की आंखों की जांच उनके परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में कराने के अनुरोध को खारिज कर दिया।

किताबें देने का फैसला डॉक्टरों की सलाह के बाद

इमरान खान को कुछ किताबें उपलब्ध कराने के अनुरोध पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि यह फैसला नेत्र विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश अफरीदी ने कहा कि अदालत को सलमान सफदर और अदियाला जेल अधीक्षक - दोनों की रिपोर्टें मिल चुकी हैं और दोनों में अधिकांश बातें समान हैं। उन्होंने कहा, 'जगह ठीक है, सुविधाएं भी ठीक हैं।'

परिवार से मुलाकात का मामला IHC में लंबित

अदालत ने यह भी नोट किया कि इमरान खान की परिवार के सदस्यों से मुलाकात का मामला इस्लामाबाद हाई कोर्ट (IHC) में पहले से लंबित है, इसलिए उस पर फैसला करना उसी मंच का काम है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इमरान खान को नियमित और आवधिक ब्लड टेस्ट की सुविधा नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि उनके निजी डॉक्टर डॉ. फैसल सुल्तान और डॉ. आसिम यूसुफ को पहले मिलने की अनुमति थी, लेकिन बाद में बार-बार अनुरोधों के बावजूद उन्हें पहुंच नहीं दी गई।

तीन महीने तक सिर्फ आई ड्रॉप्स, कोई सुधार नहीं

इमरान के अनुसार, करीब तीन महीने तक उन्हें केवल आई ड्रॉप्स दी जाती रहीं, जिससे कोई फायदा नहीं हुआ और आखिरकार उनकी दाहिनी आंख की रोशनी काफी हद तक चली गई। इमरान खान ने यह भी दावा किया कि 73 साल की उम्र होने और दंत चिकित्सक की जरूरत के बावजूद, पिछले दो सालों में किसी भी डेंटिस्ट ने उनकी जांच या इलाज नहीं किया।

जेल अधीक्षक बदले गए, लेकिन नहीं दिया ध्यान

सलमान सफदर के मुताबिक, इमरान ने बताया कि पिछले तीन महीनों में उनकी आंखों की हालत तेजी से बिगड़ी, जब वे जेल अधीक्षक अब्दुल गफूर अंजुम की निगरानी में थे। हालांकि, जेल स्टाफ ने बताया कि अंजुम का 16 जनवरी 2026 को तबादला कर दिया गया था और उनकी जगह साजिद बेग ने कार्यभार संभाल लिया है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+