भारत से मिले गोल्ड मेडल को इमरान खान ने बेचा, रक्षा मंत्री का खुलासा, उस मैच में PAK के तरफ से खेले थे सचिन
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया है कि इमरान खान ने भारत से मिला स्वर्ण पदक 'बेच' दिया है। आसिफ ने कहा कि इमरान को ये पदक तब मिले थे, जब वह क्रिकेट खेला करते थे।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बड़ा आरोप लगाया है। ख्वाजा आसिफ ने दावा किया है कि इमरान खान ने भारत से मिला स्वर्ण पदक 'बेच' दिया है। आसिफ ने कहा कि इमरान को ये पदक तब मिले थे, जब वह पाकिस्तान की तरफ से क्रिकेट खेला करते थे। उनके बयान के बाद से पाकिस्तान में बवाल मच गया है। इस बीच पाकिस्तान के ही एक क्वॉइन कलेक्टर ने यह दावा किया है कि उन्होंने एक ऑक्शन में इमरान खान के उस गोल्ड मेडल को खरीद लिया था।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने लगाया आरोप
द ट्रिब्यून एक्सप्रेस की रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार को पाकिस्तान मुस्लिम लीग (PML-N) के वरिष्ठ नेता ने एक टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान कहा कि इमरान खान ने एक स्वर्ण पदक बेच दिया, जो उन्हें भारत से मिला था। कार्यक्रम में रक्षा मंक्षी ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि क्रिकेटर से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने इमरान खान ने भारत से मिले एक गोल्ड मेडल को कुछ ही रुपए के लिए बेच दिया था। आपको बता दें कि जिस मैच में उन्हें इमरान खान को यह मेडल दिया गया था वह भारत-पाकिस्तान सहित महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के लिए भी बहुत खास था।

सचिन ने की थी पाकिस्तान के तरफ से फील्डिंग
दरअसल 1987 में क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भारत-पाकिस्तान के बीच मैच रखा गया था। यह मैच मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में खेला गया। 40 ओवर के इस मैच में भारत के महान बल्लेबाज भी पाकिस्तान की तरफ से सब्सिट्यूट के तौर पर फील्डिंग करने को उतरे थे। उस वक्त सचिन की उम्र महज 14 साल थी। पाकिस्तान के बेहद चर्चित गेंदबाज अब्दुल कादिर के चोटिल होने की वजह से वह पाकिस्तान की तरफ से फील्डिंग करने उतरे थे। सचिन ने अपनी बायोग्राफी प्लेइंग इट माय वे में भी इसका जिक्र किया है।
क्वाइन कलेक्टर ने किया दावा
इसी मैच में क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया द्वारा इमरान खान को सम्मानित किया गया था और उन्हें यह मेडल सौंपा गया था। भारत के लिए इस मैच में रवि शास्त्री ने कप्तानी की थी। अब जाकर एक क्वाइन कलेक्टर ने जियो टीवी पर पाकिस्तान के चर्चित पत्रकार हामिद मीर के समक्ष यह खुलासा किया है कि इमरान खान ने 2014 में कुछ मेडल महज 3000 रुपये में ही बेच दिये थे। लाहौर के कासुर के रहने वाले शकील अहमद ने बताया कि इमरान को यह अहसास नहीं था कि वह ये खास मेडल भी बेच रहे हैं।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को मेडल किया दान
शकील ने कहा कि जब उन्हें यह पता चला कि इस मेडल की अहमियत क्या है तो उन्होंने इमरान खान से संपर्क करने की कोशिश की। इसके लिए उन्होंने लगभग 2 सालों तक प्रयास किया लेकिन चूंकि वह एक पसमांदा इलाके से ताल्लुक रखता था इसलिए वह उनसे मिल नहीं सके। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी उन्हें ऑफर किया था कि वे इस मेडल को उन्हें बेच दें लेकिन उन्होंने इसे बेचने से बेहतर दान करना समझा। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बाद में इसका टेस्ट भी कराया था जिससे पता चला कि ये मेडल वाकई 1987 का ही है।

तोशेखाना मामले में दोषी पाए जा चुके हैं इमरान
आपको बता दें कि इससे पहले भी इमरान खान पर प्रधानमंत्री पद पर रहते कई अनमोल तोहफे को बेच देने का आरोप लगा है। कुछ महीने पहले तोशेखाना मामले में चुनाव आयोग ने इमरान खान की सदस्यता खारिज कर दी थी और उनपर 5 साल का प्रतिबंध भी लगा दिया था।












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