चीन के मिशन मून को अपना क्यों बता रहा पाकिस्तान? अपने ही देश के लोगों को धोखा क्यों दे रहे शहबाज शरीफ?
चीन की अंतरिक्ष एजेंसी ने चांद पर रॉकेट भेजा है। इस मिशन का नाम चैंग'ई-6 है। इसे हैनान द्वीप के वेन्चांग स्पेस साइट से लॉन्ग मार्च 5 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया है। इस मिशन का लक्ष्य चांद के दूरस्थ हिस्से में जाकर लगभग 2 किलो मिट्टी लेकर वापस लाना है।
चीन का ये अंतरिक्ष अभियान 53 दिनों में पूरा होगा। दिलचस्प बात ये है कि चीन के इस मिशन को पाकिस्तान अपना मिशन बता रहा है। हद तो तब हो गई जब मून मिशन के लॉन्च के बाद, पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसके लिए देश और वैज्ञानिकों को बधाई दे दी।

दरअसल चीन के इस मून मिशन में पाकिस्तान का आईक्यूब-Q सैटेलाइट लगा हुआ है। इसका निर्माण पाकिस्तान के इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी ने किया है। इस सैटेलाइट में 2 कैमरे हैं, जिनका काम चांद के सतह की तस्वीरें लेना है। हैरानी की बात है कि सैटेलाइट कैमरे होने मात्र को पाकिस्तान इसे अपने मून मिशन का नाम दे रहा है।
पाकिस्तान की प्रमुख न्यूज वेबसाइट जियो न्यूज ने लिखा है- पाकिस्तान ने देश का पहला मून सैटेलाइट मिशन आईक्यूब कमर लांच किया। वेबसाइट ने इसे पाकिस्तान का ऐतिहासिक मिशन बताया है। इस दौरान इसमें पाक पीएम द्वारा लॉन्चिंग के लिए बधाई देने का भी जिक्र है।
पाकिस्तान के नए-नए उप प्रधानमंत्री बने इशाक डार ने भी इसके लिए देश को बधाई दी है। डार ने कहा कि अंतरिक्ष सहयोग और साझा लाभों के लिए देशों और संगठनों के एक साथ आने का ये एक अच्छा उदाहरण है।
इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी (आईएसटी) में कोर कमेटी के सदस्य डॉ. खुर्रम खुर्शीद ने जियो न्यूज से बात करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सैटेलाइ पांच दिनों में मून की कक्षा में पहुंच जाएगा और उसके बाद 3 से 6 महीने तक मून के चारों ओर चक्कर लगाएगा। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट की मदद से चंद्रमा की सतह की अलग-अलग तस्वीरें ली जाएंगी जिसके बाद पाकिस्तान के पास अनुसंधान के लिए चंद्रमा की अपनी सैटेलाइट इमेज होंगी।












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