पाकिस्तान: राष्ट्रद्रोह के आरोप में परवेज मुशर्रफ को गिरफ्तार करने के आदेश
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए सरकार को पूर्व सैन्य शासक और तानाशाह परवेज मुशर्रफ को गिरफ्तार करने और उनकी सभी संपत्ति को जब्त करने के आदेश दिए हैं। पाकिस्तान अदालत ने मुशर्रफ के खिलाफ 2007 में आपातकाल लागू करने के लिए राष्ट्रद्रोह के मामले में फैसला सुनाया है। इस साल जुलाई में पाकिस्तान में आम चुनाव होने हैं और मुशर्रफ अपनी पार्टी को भी मैदान में उतरने की सोच रह थे, लेकिन अब कोर्ट ने उन्हें तगड़ा झटका दिया है।

पूर्व पाकिस्तानी तानाशाह पर मार्च 2014 में देश में आपातकाल लागू करने के लिए उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा ठोका गया था। मुशर्रफ ने आपातकाल के दौरान कई वरिष्ठ न्यायाधीशों को जेल भेद दिया था और 100 से ज्यादा न्यायाधीशों को उनके पद से बर्खास्त कर दिया था।
पेशावर हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय बैंच ने फैसला सुनाते हुए सरकार से मुशर्रफ की गिरफ्तारी और उनकी सारी संपत्ति को तुरंत जब्त करने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट में पाकिस्तान के गृहमंत्री ने मुशर्रफ की संपत्ति का पूरा ब्यौरा पेश किया था। मुशर्रफ मई 2016 में पाकिस्तान छोड़कर दुबई चले गए थे, जिसके बाद मई 2016 में कोर्ट ने पूर्व तानाशाह को भगोड़ा घोषित कर दिया था।
मुशर्रफ फिलहाल दुबई में हैं और कोर्ट ने गुरुवार को जांच एजेंसियों को आदेश दिया था कि उन्हें गिरफ्तार करें। कोर्ट ने अगली सुनवाई 21 मार्च तक टाल दी है। वहीं, मुशर्रफ के वकील अख्तर शाह ने 21 मार्च तक मुशर्रफ की संपत्ति को जब्त ना करने की प्रार्थना की है, लेकिन कोर्ट ने इस मांग को भी ठुकरा दिया है। सुनवाई के दौरान, अदालत ने दुबई से उनकी गिरफ्तारी के मामले में संयुक्त अरब अमीरात के साथ आपसी कानूनी सहायता समझौता मांगा है। जनरल परवेज मुशर्रफ ने 1998 से 2008 तक शासन किया था।












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